लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
–आईएएनएस
विकेटी/सीबीटी
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लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
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लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
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लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
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लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
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लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
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सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
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लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
–आईएएनएस
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लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
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सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
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सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
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सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
–आईएएनएस
विकेटी/सीबीटी
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लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
–आईएएनएस
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लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
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लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
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लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।
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लखनऊ, 16 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित कर रही। उन्होंने कहा कि यूपी देश में रिन्यूएबल एनर्जी का बड़ा केंद्र बन बन सकता है। बुंदेलखंड और विंध्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन की सबसे अधिक संभावनाएं हैं।
सीएम योगी ने अपने सरकारी आवास से बांदा में स्थापित 70 मेगावाट के अवाडा सोलर पावर प्रोजेक्ट का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस प्लांट का उद्घाटन उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्राप्त निवेश प्रस्ताव के धरातल पर उतरने के एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके माध्यम से चार सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगभग 22 हजार मेगावॉट के ग्रीन एनर्जी के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है। इसके लिए यूपीनेडा ने 23000 एकड़ लैंड भूमि को चिन्हित कर लिया है। यही नहीं, प्रदेश सरकार सौर एवं जैव ऊर्जा नीति-2022 और ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के क्रम में यह अभियान युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत प्रदेश में 25 लाख घरों पर सोलर पैनल स्थापित होने हैं। इसके तहत अब तक 18 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों के लिए प्रदेश में नहरों का बड़ा संजाल उपलब्ध है। साढ़े सात वर्ष में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 23 लाख हेक्टेयर भूमि को नहरों के माध्यम से अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दे रहे हैं। इनका उपयोग भी हम सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकते हैं, जो अतिरिक्त ऊर्जा के उत्पादन में हमारे लिए मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जैसे अवाडा ग्रुप ने बुंदेलखंड के बांदा में सोलर प्लांट और प्रदेश में सोलर पैनल के निर्माण के प्लांट को स्थापित करने में रुचि दिखाई है, ऐसे ही अवाडा ग्रुप को प्रदेश के अंदर इस क्षेत्र में अन्य संभावनाओं की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
सीएम योगी ने कहा कि हमें प्रदेश में 60 हजार सोलर मित्र बनाने हैं। इसके तहत प्रदेश में 6 हजार सोलर मित्रों की ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बुंदेलखंड अक्षय ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है। इससे एक तरफ जहां रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा के माध्यमों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी।