नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
–आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
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किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
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किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
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किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
–आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
–आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
–आईएएनएस
एससीएच/एबीएम
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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से सटी भारतीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जवान हर समय अलर्ट मोड में रहते हैं। यहां पर महिला बीएसएफ जवान, पुरुषों के साथ मिलकर सीमा की सुरक्षा करती हैं।
किसी भी स्थिति में दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले बीएसएफ के जवानों से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आईएएनएस की टीम मिली और उनके प्रतिदिन के कठिन चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
सीमा पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से जवान 24 घंटे अलर्ट रहते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति में जवानों की क्या प्रतिक्रिया होती है, उसका एक रिहर्सल कराया गया, जिसमें आधिकारिक आदेश मिलते ही जवान दुश्मन देश से किसी भी खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अपने कमांडर के आदेश का पालन करते हुए बख्तरबंद वाहनों में तेजी से अपनी चौकियों की ओर बढ़ते हैं और दुश्मन को कड़ी प्रतिक्रिया देते हैं।
बता दें कि कई सालों से पाकिस्तान हथियारों या ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करके एक बड़ी चुनौती पेश करता रहा है। ऐसे में बीएसएफ के जवान चाहे दिन हो या रात, चिलचिलाती गर्मी हो या ठंड, कोहरा, बारिश या तूफान। इन सभी विकट परिस्थितियों में दुश्मनों को जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।
खास बात यह है कि जैसे हर क्षेत्र में भारतीय महिलाएं पुरुषों के साथ कंधा-कंधा से मिलाकर चल रही हैं। बॉर्डर पर भी महिलाएं पीछे नहीं हैं। आईएएनएस के साथ खास बातचीत के दौरान एक महिला सैनिक ने बताया, “हम किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं, मौसम कैसा भी हो या दुश्मन देश की ड्रोन साजिशों का मुकाबला करना हो, हम हर परिस्थिति के लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि हमें इस वर्दी को पहनने और अपनी सीमाओं की सुरक्षा करने पर बहुत गर्व है। जब भी हमें फुर्सत मिलती है, हम अपने परिवार से बात करते हैं, जिससे हमारे दिलों को बहुत खुशी मिलती है।
आईएएनएस से बात करते हुए महिला सैनिक कल्पना चौहान ने बताया कि बॉर्डर पर अक्सर गर्मियों में बहुत गर्मी और सर्दियों में बहुत सर्दी पड़ती है। सर्दियों में धुंध का सामना करना पड़ता है। दुश्मन देश की तरफ से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
एक अन्य सैनिक बिंदु मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय महिला होने पर हमें बहुत गर्व है। देश के लोगों से कहना चाहूंगी कि भारतीय सैनिक सीमा पर बहुत अच्छे से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। आप अपने घरों में शांति से सो सकते हैं।