नई दिल्ली, 21 जुलाई ( आईएएनएस)। संसद का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो चुका है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र में 22 दिनों की अवधि के दौरान कुल 16 बैठकें होंगी।
बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
–आईएएनएस
पीके/केआर
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नई दिल्ली, 21 जुलाई ( आईएएनएस)। संसद का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो चुका है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र में 22 दिनों की अवधि के दौरान कुल 16 बैठकें होंगी।
बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 21 जुलाई ( आईएएनएस)। संसद का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो चुका है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र में 22 दिनों की अवधि के दौरान कुल 16 बैठकें होंगी।
बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
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बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
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बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
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बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
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नई दिल्ली, 21 जुलाई ( आईएएनएस)। संसद का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो चुका है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र में 22 दिनों की अवधि के दौरान कुल 16 बैठकें होंगी।
बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
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नई दिल्ली, 21 जुलाई ( आईएएनएस)। संसद का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो चुका है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र में 22 दिनों की अवधि के दौरान कुल 16 बैठकें होंगी।
बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
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नई दिल्ली, 21 जुलाई ( आईएएनएस)। संसद का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो चुका है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र में 22 दिनों की अवधि के दौरान कुल 16 बैठकें होंगी।
बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
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बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
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बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
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नई दिल्ली, 21 जुलाई ( आईएएनएस)। संसद का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो चुका है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र में 22 दिनों की अवधि के दौरान कुल 16 बैठकें होंगी।
बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
–आईएएनएस
पीके/केआर
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नई दिल्ली, 21 जुलाई ( आईएएनएस)। संसद का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो चुका है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र में 22 दिनों की अवधि के दौरान कुल 16 बैठकें होंगी।
बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
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नई दिल्ली, 21 जुलाई ( आईएएनएस)। संसद का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो चुका है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र में 22 दिनों की अवधि के दौरान कुल 16 बैठकें होंगी।
बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
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नई दिल्ली, 21 जुलाई ( आईएएनएस)। संसद का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो चुका है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र में 22 दिनों की अवधि के दौरान कुल 16 बैठकें होंगी।
बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।
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नई दिल्ली, 21 जुलाई ( आईएएनएस)। संसद का बजट सत्र सोमवार को शुरू हो चुका है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बजट सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र में 22 दिनों की अवधि के दौरान कुल 16 बैठकें होंगी।
बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस सांसद कोडिकुन्नील सुरेश ने आईएएनएस से बातचीत में इसकी ओर इशारा भी किया। उन्होंने कहा पिछले दो कार्यकालों में पेश किए बजट जनविरोधी थे और इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा। उनके मुताबिक बजट केवल कॉरपोरेट्स को ध्यान में रख बनाया जा रहा है।
के सुरेश ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”आज 18वीं लोकसभा का पहला बजट है। आज लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जा रहा है। मोदी सरकार देश पर शासन करते हुए तीसरी बार सत्ता में आई है। पिछले दो कार्यकालों में जो बजट पेश किया गया था, वह जनविरोधी बजट था। मुझे लगता है कि इस बार भी उन्होंने आम लोगों के लिए कोई कल्याणकारी योजना नहीं दी है।”
उन्होंने आगे कहा, ”वे केवल कॉरपोरेट्स को बचाने और बदलने का काम कर रहे हैं और साथ ही कॉरपोरेट हितों की रक्षा कर रहे हैं। पिछले बजट में भी कॉरपोरेट्स के हितों को ध्यान में रखा गया था। इस बार भी वे कॉरपोरेट्स का ही ध्यान रखेंगे।”
उन्होंने कांवड़ यात्रा को लेकर की गई व्यवस्था पर भी बात की।
सांसद के. सुरेश ने कहा, ”कांवड़ यात्रा को लेकर भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना चाहती है, इसलिए इस साल कांवड़ यात्रा पर वे दुकानदारों और दुकान मालिकों के लिए नेमप्लेट को लेकर आदेश लाए हैं। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह संविधान के खिलाफ है और हमारे सांप्रदायिक सद्भाव के हित के भी खिलाफ है।”
बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कांवड़ रूट में पड़ने वाली सभी दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। उनके इस फैसले को लेकर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां प्रदेश सरकार इसे किसी भी अनचाही परिस्थिति से बचने के इरादे से उठाया गया कदम बता रही है तो विपक्ष इसे संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के विरुद्ध बता रहा है।