वाशिंगटन, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) के अमेरिकी समन्वयक जॉन किर्बी ने कहा है कि सरकार का इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध में सैन्य हस्तक्षेप का कोई इरादा नहीं है।
किर्बी ने मंगलवार को इस सवाल पर कि यदि ईरान या आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह संघर्ष में शामिल होते हैं, तो क्या अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप करेगाएक सवाल के जवाब में कहा, अमेरिकी सरकार “अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करेगी, चाहे वे दुनिया के उस हिस्से (गाजा) में भी हों” लेकिन अमेरिका को सीधे सैन्य हस्तक्षेप का कोई इरादा नहीं है। ।
किर्बी ने व्हाइट हाउस में एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा कि गेराल्ड आर. फोर्ड कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का ईस्टर्न मेड में मूवमेंट उस दिशा में एक कदम है, जो विदेशों में अमेरिकी हितों की रक्षा करता है। राष्ट्रपति जो बाइडेन “हमेशा यह सुनिश्चित करेंगे कि हम अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा और बचाव कर रहे हैं, चाहे वे हित कहीं भी हों, विशेष रूप से दुनिया के उस हिस्से में।”
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति ने युद्धग्रस्त क्षेत्र में हमारे प्रयासों के समन्वय में मदद करने के लिए “हमारे कई सहयोगियों और भागीदारों, जिनमें फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूके के नेता शामिल हैं, के साथ आज दोपहर बात की है।”
राष्ट्रपति बाइडेन ने इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से दो बार बात की है और उन्हें आश्वासन दिया है कि अमेरिका मौजूदा स्थिति में इजरायल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।
हमास के हमलों के जवाब में, राष्ट्रपति बाइडेन ने अपनी टीम को निर्देश दिया कि “हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करें कि इज़राइल सरकार को वह सब मिले, जो उसे चाहिए। उनके निर्देश पर, हमारी सेना ने इज़राइल को सैन्य सहायता भेजना शुरू कर दिया है।
ईरान और हिज़्बुल्लाह द्वारा “स्थिति का फ़ायदा उठाने” के सवालों पर किर्बी ने कहा, “व्हाइट हाउस और अमेरिकी सरकार में हमारी टीमें हमारे इजरायली भागीदारों के साथ निकट संपर्क में हैं और इस स्थिति में लाभ उठाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति, संगठन या देश पर नजर रखी जा रही है।”
उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में हमें और अधिक सहायता की घोषणा करनी होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इजरायल के किसी भी दुश्मन को यह विश्वास न हो कि वे मौजूदा स्थिति से फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं या करने की कोशिश करनी चाहिए।”
–आईएएनएस
सीबीटी
वाशिंगटन, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) के अमेरिकी समन्वयक जॉन किर्बी ने कहा है कि सरकार का इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध में सैन्य हस्तक्षेप का कोई इरादा नहीं है।
किर्बी ने मंगलवार को इस सवाल पर कि यदि ईरान या आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह संघर्ष में शामिल होते हैं, तो क्या अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप करेगाएक सवाल के जवाब में कहा, अमेरिकी सरकार “अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करेगी, चाहे वे दुनिया के उस हिस्से (गाजा) में भी हों” लेकिन अमेरिका को सीधे सैन्य हस्तक्षेप का कोई इरादा नहीं है। ।
किर्बी ने व्हाइट हाउस में एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा कि गेराल्ड आर. फोर्ड कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का ईस्टर्न मेड में मूवमेंट उस दिशा में एक कदम है, जो विदेशों में अमेरिकी हितों की रक्षा करता है। राष्ट्रपति जो बाइडेन “हमेशा यह सुनिश्चित करेंगे कि हम अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा और बचाव कर रहे हैं, चाहे वे हित कहीं भी हों, विशेष रूप से दुनिया के उस हिस्से में।”
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति ने युद्धग्रस्त क्षेत्र में हमारे प्रयासों के समन्वय में मदद करने के लिए “हमारे कई सहयोगियों और भागीदारों, जिनमें फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूके के नेता शामिल हैं, के साथ आज दोपहर बात की है।”
राष्ट्रपति बाइडेन ने इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से दो बार बात की है और उन्हें आश्वासन दिया है कि अमेरिका मौजूदा स्थिति में इजरायल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।
हमास के हमलों के जवाब में, राष्ट्रपति बाइडेन ने अपनी टीम को निर्देश दिया कि “हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करें कि इज़राइल सरकार को वह सब मिले, जो उसे चाहिए। उनके निर्देश पर, हमारी सेना ने इज़राइल को सैन्य सहायता भेजना शुरू कर दिया है।
ईरान और हिज़्बुल्लाह द्वारा “स्थिति का फ़ायदा उठाने” के सवालों पर किर्बी ने कहा, “व्हाइट हाउस और अमेरिकी सरकार में हमारी टीमें हमारे इजरायली भागीदारों के साथ निकट संपर्क में हैं और इस स्थिति में लाभ उठाने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति, संगठन या देश पर नजर रखी जा रही है।”
उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में हमें और अधिक सहायता की घोषणा करनी होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इजरायल के किसी भी दुश्मन को यह विश्वास न हो कि वे मौजूदा स्थिति से फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं या करने की कोशिश करनी चाहिए।”
–आईएएनएस
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