उधमपुर, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को एसटीसी बीएसएफ के परेड ग्राउंड में सत्यापन सह पासिंग आउट परेड का आयोजन किया। इस समारोह में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 624 रिक्रूट कांस्टेबल शामिल हुए। ये कांस्टेबल 44 सप्ताह की कठिन बुनियादी प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी करने के बाद राष्ट्र सेवा की शपथ लेकर अपने-अपने ड्यूटी स्थलों के लिए रवाना हुए।
इस पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के महानिरीक्षक राजेश कुमार गुरुंग थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्य अतिथि ने रिक्रूटों को प्रदान की गई प्रशिक्षण के स्तर की सराहना की और एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों की समर्पित टीम को बधाई दी।
समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
एक अन्य जवान बोया महेश किरण ने कहा, “मैं करनूल जिले के आलोर गांव से हूं। यहां आने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मेरे उस्ताद ने मुझे सभी प्रकार के आधुनिक हथियारों के बारे में ज्ञान दिया है। हम कहीं भी ड्यूटी कर सकते हैं और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। मेरे पिता नहीं हैं और मेरी मां अकेली हैं, लेकिन उन्होंने मुझे देश के लिए भेजा है। मैं हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
–आईएएनएस
पीएसएम/जीकेटी
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उधमपुर, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को एसटीसी बीएसएफ के परेड ग्राउंड में सत्यापन सह पासिंग आउट परेड का आयोजन किया। इस समारोह में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 624 रिक्रूट कांस्टेबल शामिल हुए। ये कांस्टेबल 44 सप्ताह की कठिन बुनियादी प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी करने के बाद राष्ट्र सेवा की शपथ लेकर अपने-अपने ड्यूटी स्थलों के लिए रवाना हुए।
इस पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के महानिरीक्षक राजेश कुमार गुरुंग थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्य अतिथि ने रिक्रूटों को प्रदान की गई प्रशिक्षण के स्तर की सराहना की और एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों की समर्पित टीम को बधाई दी।
समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
एक अन्य जवान बोया महेश किरण ने कहा, “मैं करनूल जिले के आलोर गांव से हूं। यहां आने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मेरे उस्ताद ने मुझे सभी प्रकार के आधुनिक हथियारों के बारे में ज्ञान दिया है। हम कहीं भी ड्यूटी कर सकते हैं और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। मेरे पिता नहीं हैं और मेरी मां अकेली हैं, लेकिन उन्होंने मुझे देश के लिए भेजा है। मैं हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
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उधमपुर, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को एसटीसी बीएसएफ के परेड ग्राउंड में सत्यापन सह पासिंग आउट परेड का आयोजन किया। इस समारोह में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 624 रिक्रूट कांस्टेबल शामिल हुए। ये कांस्टेबल 44 सप्ताह की कठिन बुनियादी प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी करने के बाद राष्ट्र सेवा की शपथ लेकर अपने-अपने ड्यूटी स्थलों के लिए रवाना हुए।
इस पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के महानिरीक्षक राजेश कुमार गुरुंग थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्य अतिथि ने रिक्रूटों को प्रदान की गई प्रशिक्षण के स्तर की सराहना की और एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों की समर्पित टीम को बधाई दी।
समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
एक अन्य जवान बोया महेश किरण ने कहा, “मैं करनूल जिले के आलोर गांव से हूं। यहां आने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मेरे उस्ताद ने मुझे सभी प्रकार के आधुनिक हथियारों के बारे में ज्ञान दिया है। हम कहीं भी ड्यूटी कर सकते हैं और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। मेरे पिता नहीं हैं और मेरी मां अकेली हैं, लेकिन उन्होंने मुझे देश के लिए भेजा है। मैं हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
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उधमपुर, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को एसटीसी बीएसएफ के परेड ग्राउंड में सत्यापन सह पासिंग आउट परेड का आयोजन किया। इस समारोह में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 624 रिक्रूट कांस्टेबल शामिल हुए। ये कांस्टेबल 44 सप्ताह की कठिन बुनियादी प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी करने के बाद राष्ट्र सेवा की शपथ लेकर अपने-अपने ड्यूटी स्थलों के लिए रवाना हुए।
इस पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के महानिरीक्षक राजेश कुमार गुरुंग थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्य अतिथि ने रिक्रूटों को प्रदान की गई प्रशिक्षण के स्तर की सराहना की और एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों की समर्पित टीम को बधाई दी।
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एक अन्य जवान बोया महेश किरण ने कहा, “मैं करनूल जिले के आलोर गांव से हूं। यहां आने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मेरे उस्ताद ने मुझे सभी प्रकार के आधुनिक हथियारों के बारे में ज्ञान दिया है। हम कहीं भी ड्यूटी कर सकते हैं और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। मेरे पिता नहीं हैं और मेरी मां अकेली हैं, लेकिन उन्होंने मुझे देश के लिए भेजा है। मैं हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
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इस पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के महानिरीक्षक राजेश कुमार गुरुंग थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्य अतिथि ने रिक्रूटों को प्रदान की गई प्रशिक्षण के स्तर की सराहना की और एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों की समर्पित टीम को बधाई दी।
समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
एक अन्य जवान बोया महेश किरण ने कहा, “मैं करनूल जिले के आलोर गांव से हूं। यहां आने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मेरे उस्ताद ने मुझे सभी प्रकार के आधुनिक हथियारों के बारे में ज्ञान दिया है। हम कहीं भी ड्यूटी कर सकते हैं और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। मेरे पिता नहीं हैं और मेरी मां अकेली हैं, लेकिन उन्होंने मुझे देश के लिए भेजा है। मैं हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
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इस पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के महानिरीक्षक राजेश कुमार गुरुंग थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्य अतिथि ने रिक्रूटों को प्रदान की गई प्रशिक्षण के स्तर की सराहना की और एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों की समर्पित टीम को बधाई दी।
समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
एक अन्य जवान बोया महेश किरण ने कहा, “मैं करनूल जिले के आलोर गांव से हूं। यहां आने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मेरे उस्ताद ने मुझे सभी प्रकार के आधुनिक हथियारों के बारे में ज्ञान दिया है। हम कहीं भी ड्यूटी कर सकते हैं और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। मेरे पिता नहीं हैं और मेरी मां अकेली हैं, लेकिन उन्होंने मुझे देश के लिए भेजा है। मैं हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
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इस पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के महानिरीक्षक राजेश कुमार गुरुंग थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्य अतिथि ने रिक्रूटों को प्रदान की गई प्रशिक्षण के स्तर की सराहना की और एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों की समर्पित टीम को बधाई दी।
समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
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समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
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इस पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के महानिरीक्षक राजेश कुमार गुरुंग थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्य अतिथि ने रिक्रूटों को प्रदान की गई प्रशिक्षण के स्तर की सराहना की और एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों की समर्पित टीम को बधाई दी।
समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
एक अन्य जवान बोया महेश किरण ने कहा, “मैं करनूल जिले के आलोर गांव से हूं। यहां आने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मेरे उस्ताद ने मुझे सभी प्रकार के आधुनिक हथियारों के बारे में ज्ञान दिया है। हम कहीं भी ड्यूटी कर सकते हैं और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। मेरे पिता नहीं हैं और मेरी मां अकेली हैं, लेकिन उन्होंने मुझे देश के लिए भेजा है। मैं हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
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इस पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के महानिरीक्षक राजेश कुमार गुरुंग थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्य अतिथि ने रिक्रूटों को प्रदान की गई प्रशिक्षण के स्तर की सराहना की और एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों की समर्पित टीम को बधाई दी।
समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
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समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
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इस पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के महानिरीक्षक राजेश कुमार गुरुंग थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्य अतिथि ने रिक्रूटों को प्रदान की गई प्रशिक्षण के स्तर की सराहना की और एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों की समर्पित टीम को बधाई दी।
समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
एक अन्य जवान बोया महेश किरण ने कहा, “मैं करनूल जिले के आलोर गांव से हूं। यहां आने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मेरे उस्ताद ने मुझे सभी प्रकार के आधुनिक हथियारों के बारे में ज्ञान दिया है। हम कहीं भी ड्यूटी कर सकते हैं और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। मेरे पिता नहीं हैं और मेरी मां अकेली हैं, लेकिन उन्होंने मुझे देश के लिए भेजा है। मैं हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
–आईएएनएस
पीएसएम/जीकेटी
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उधमपुर, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को एसटीसी बीएसएफ के परेड ग्राउंड में सत्यापन सह पासिंग आउट परेड का आयोजन किया। इस समारोह में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 624 रिक्रूट कांस्टेबल शामिल हुए। ये कांस्टेबल 44 सप्ताह की कठिन बुनियादी प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी करने के बाद राष्ट्र सेवा की शपथ लेकर अपने-अपने ड्यूटी स्थलों के लिए रवाना हुए।
इस पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के महानिरीक्षक राजेश कुमार गुरुंग थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्य अतिथि ने रिक्रूटों को प्रदान की गई प्रशिक्षण के स्तर की सराहना की और एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों की समर्पित टीम को बधाई दी।
समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
एक अन्य जवान बोया महेश किरण ने कहा, “मैं करनूल जिले के आलोर गांव से हूं। यहां आने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मेरे उस्ताद ने मुझे सभी प्रकार के आधुनिक हथियारों के बारे में ज्ञान दिया है। हम कहीं भी ड्यूटी कर सकते हैं और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। मेरे पिता नहीं हैं और मेरी मां अकेली हैं, लेकिन उन्होंने मुझे देश के लिए भेजा है। मैं हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”
–आईएएनएस
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उधमपुर, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शनिवार को एसटीसी बीएसएफ के परेड ग्राउंड में सत्यापन सह पासिंग आउट परेड का आयोजन किया। इस समारोह में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 624 रिक्रूट कांस्टेबल शामिल हुए। ये कांस्टेबल 44 सप्ताह की कठिन बुनियादी प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी करने के बाद राष्ट्र सेवा की शपथ लेकर अपने-अपने ड्यूटी स्थलों के लिए रवाना हुए।
इस पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के महानिरीक्षक राजेश कुमार गुरुंग थे, जिन्होंने परेड की सलामी ली। मुख्य अतिथि ने रिक्रूटों को प्रदान की गई प्रशिक्षण के स्तर की सराहना की और एसटीसी बीएसएफ, उधमपुर के अधिकारियों तथा प्रशिक्षकों की समर्पित टीम को बधाई दी।
समारोह के दौरान रिक्रूटों ने गर्व के साथ शपथ ली, जिसमें उन्होंने अपने कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर जवान अटल साई बाबू ने कहा, “मैं आंध्र प्रदेश से हूं और बीएसएफ में शामिल होने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं भारत माता के लिए अपने प्राण अर्पित करने के लिए तैयार हूं। मुझे विश्वास है कि मैं विजय प्राप्त करूंगा। मैंने अपनी ट्रेनिंग अच्छे से की है और विभिन्न हथियारों और ड्रोन के बारे में भी ज्ञान प्राप्त किया है।”
एक अन्य जवान बोया महेश किरण ने कहा, “मैं करनूल जिले के आलोर गांव से हूं। यहां आने के बाद मैंने बहुत कुछ सीखा है। मेरे उस्ताद ने मुझे सभी प्रकार के आधुनिक हथियारों के बारे में ज्ञान दिया है। हम कहीं भी ड्यूटी कर सकते हैं और हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। मेरे पिता नहीं हैं और मेरी मां अकेली हैं, लेकिन उन्होंने मुझे देश के लिए भेजा है। मैं हर प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं।”