नई दिल्ली, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को असम के कछार जिले में सीपीआई (माओवादी) की गतिविधियों से जुड़े एक मामले में आरोपी के खिलाफ गुवाहाटी की विशेष अदालत में पूरक आरोप पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दायर किया।
सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
चार्जशीट पढ़ें- जांच से पता चला है कि आरोपी निर्मान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) का एक सक्रिय सदस्य था। वह सीपीआई (माओवादी) नेतृत्व द्वारा असम में अपने संगठनात्मक ढांचे और परिचालन आधार का विस्तार करने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा था। वह सीपीआई (माओवादी) संगठन का विस्तार करने और उसे मजबूत करने के इरादे से असम के कछार जिले में विभिन्न ठिकानों पर रहा और विभिन्न क्षेत्रों में सीपीआई (माओवादी) संगठन के नेतृत्व के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया।
–आईएएनएस
केसी/एएनएम
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नई दिल्ली, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को असम के कछार जिले में सीपीआई (माओवादी) की गतिविधियों से जुड़े एक मामले में आरोपी के खिलाफ गुवाहाटी की विशेष अदालत में पूरक आरोप पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दायर किया।
सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
चार्जशीट पढ़ें- जांच से पता चला है कि आरोपी निर्मान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) का एक सक्रिय सदस्य था। वह सीपीआई (माओवादी) नेतृत्व द्वारा असम में अपने संगठनात्मक ढांचे और परिचालन आधार का विस्तार करने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा था। वह सीपीआई (माओवादी) संगठन का विस्तार करने और उसे मजबूत करने के इरादे से असम के कछार जिले में विभिन्न ठिकानों पर रहा और विभिन्न क्षेत्रों में सीपीआई (माओवादी) संगठन के नेतृत्व के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया।
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नई दिल्ली, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को असम के कछार जिले में सीपीआई (माओवादी) की गतिविधियों से जुड़े एक मामले में आरोपी के खिलाफ गुवाहाटी की विशेष अदालत में पूरक आरोप पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दायर किया।
सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
चार्जशीट पढ़ें- जांच से पता चला है कि आरोपी निर्मान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) का एक सक्रिय सदस्य था। वह सीपीआई (माओवादी) नेतृत्व द्वारा असम में अपने संगठनात्मक ढांचे और परिचालन आधार का विस्तार करने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा था। वह सीपीआई (माओवादी) संगठन का विस्तार करने और उसे मजबूत करने के इरादे से असम के कछार जिले में विभिन्न ठिकानों पर रहा और विभिन्न क्षेत्रों में सीपीआई (माओवादी) संगठन के नेतृत्व के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया।
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नई दिल्ली, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को असम के कछार जिले में सीपीआई (माओवादी) की गतिविधियों से जुड़े एक मामले में आरोपी के खिलाफ गुवाहाटी की विशेष अदालत में पूरक आरोप पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दायर किया।
सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
चार्जशीट पढ़ें- जांच से पता चला है कि आरोपी निर्मान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) का एक सक्रिय सदस्य था। वह सीपीआई (माओवादी) नेतृत्व द्वारा असम में अपने संगठनात्मक ढांचे और परिचालन आधार का विस्तार करने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा था। वह सीपीआई (माओवादी) संगठन का विस्तार करने और उसे मजबूत करने के इरादे से असम के कछार जिले में विभिन्न ठिकानों पर रहा और विभिन्न क्षेत्रों में सीपीआई (माओवादी) संगठन के नेतृत्व के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया।
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सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
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सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
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सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
चार्जशीट पढ़ें- जांच से पता चला है कि आरोपी निर्मान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) का एक सक्रिय सदस्य था। वह सीपीआई (माओवादी) नेतृत्व द्वारा असम में अपने संगठनात्मक ढांचे और परिचालन आधार का विस्तार करने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा था। वह सीपीआई (माओवादी) संगठन का विस्तार करने और उसे मजबूत करने के इरादे से असम के कछार जिले में विभिन्न ठिकानों पर रहा और विभिन्न क्षेत्रों में सीपीआई (माओवादी) संगठन के नेतृत्व के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया।
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सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
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सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
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सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
चार्जशीट पढ़ें- जांच से पता चला है कि आरोपी निर्मान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) का एक सक्रिय सदस्य था। वह सीपीआई (माओवादी) नेतृत्व द्वारा असम में अपने संगठनात्मक ढांचे और परिचालन आधार का विस्तार करने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा था। वह सीपीआई (माओवादी) संगठन का विस्तार करने और उसे मजबूत करने के इरादे से असम के कछार जिले में विभिन्न ठिकानों पर रहा और विभिन्न क्षेत्रों में सीपीआई (माओवादी) संगठन के नेतृत्व के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया।
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सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
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सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
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सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
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सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
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नई दिल्ली, 17 दिसम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को असम के कछार जिले में सीपीआई (माओवादी) की गतिविधियों से जुड़े एक मामले में आरोपी के खिलाफ गुवाहाटी की विशेष अदालत में पूरक आरोप पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दायर किया।
सम्राट चक्रवर्ती उर्फ निर्मान के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 20, 38 के तहत पूरक आरोप पत्र दायर किया गया।
यह मामला असम के कछार जिले से सीपीआई (माओवादी) के दो वरिष्ठ नेताओं अरुण कुमार भट्टाचार्जी उर्फ कंचन दा और काजल उरंग उर्फ आकाश उरंग की गिरफ्तारी से संबंधित है। मामला शुरू में क्राइम ब्रांच पीएस, सिटी गुवाहाटी, कामरूप (मेट्रो), असम में दर्ज किया गया था और 16 मार्च, 2022 को एनआईए द्वारा फिर से दर्ज किया गया। इससे पहले एनआईए ने दो सितंबर को छह आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।
चार्जशीट पढ़ें- जांच से पता चला है कि आरोपी निर्मान प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सीपीआई (माओवादी) का एक सक्रिय सदस्य था। वह सीपीआई (माओवादी) नेतृत्व द्वारा असम में अपने संगठनात्मक ढांचे और परिचालन आधार का विस्तार करने के लिए रची गई साजिश का हिस्सा था। वह सीपीआई (माओवादी) संगठन का विस्तार करने और उसे मजबूत करने के इरादे से असम के कछार जिले में विभिन्न ठिकानों पर रहा और विभिन्न क्षेत्रों में सीपीआई (माओवादी) संगठन के नेतृत्व के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया।