नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।
–आईएएनएस
एसकेपी/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। फरवरी में एफपीआई ने 1,539 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार ने कहा है कि ऐसा तब है, जब 10 साल की अमेरिकी बांड यील्ड लगभग 4.25 प्रतिशत है।
आने वाले कुछ दिनों में एफपीआई फिर से बिकवाली कर सकते हैं, लेकिन आक्रामक रूप से नहीं, क्योंकि उनकी बिकवाली का बाजार पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जो नई रिकॉर्ड ऊंचाई स्थापित कर रहा है।
जब स्थिति एफपीआई खरीदारी के लिए अनुकूल हो जाएगी तो उसे वही शेयर खरीदने होंगे, जिन्हें वे अभी ऊंची कीमत पर बेच रहे थे।
उन्होंने कहा, अगर वे आने वाले दिनों में बेचते भी हैं, तो कम ही बेचेंगे।
अब एफपीआई नहीं, बल्कि डीआईआई, एचएनआई और खुदरा निवेशक बाजार में फैसले ले रहे हैं। उन्होंने कहा, फरवरी में एफपीआई वित्तीय और एफएमसीजी में बड़े विक्रेता थे।