जबलपुर. मप्र लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य पात्रता परीक्षा 2024 में बिना आपत्ति (ऑब्जेक्शन) लिंक खोले कंप्यूटर साइंस की फाइनल आंसर की जारी कर दी, जिससे उम्मीदवारों में खासा आक्रोश हैं. उम्मीदवारों ने इसे कथित तौर पर राज्य पात्रता परीक्षा में पुन: धांधली का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं.
आयोग ने राज्य पात्रता परीक्षा 2024 के कंप्यूटर विज्ञान के विषय ऑब्जेक्शन लिंक खोले बिना ही फाइनल आंसर की जारी कर दी. ऐसे कई उम्मीदवार हैं, जो परीक्षा में पूछे गए सवालों पर अपनी आपत्ति दर्ज करवाना चाहते थे, मगर अंतिम तारीख निकलने के बाद भी लिंक को खोला ही नहीं गया. अब हताश छात्र न्याय की उम्मीद में न्यायालय जाने की तैयारी कर रहे हैं.
कंप्यूटर साइंस के उम्मीदवारों से हुआ खिलवाड़
मामला कंप्यूटर विज्ञान से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है. ज्ञात हो कि राज्य पात्रता परीक्षा 2024 के पेपरों के सवालों की आपत्तियां ऑब्जेक्शन लिंक के माध्यम से बुलवाने की व्यवस्था की है. इसके तहत संबंधित उम्मीदवार प्रश्नपत्र के हिसाब से लिंक खोलकर पूछे गए सवालों पर आपत्तियां दर्ज करवा सकते थे और नियमानुसार आयोग सभी आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद ही आंसर शीट जारी करता. बता दें कि यह आपत्ति दर्ज करवाने की अंतिम तिथि 11 जनवरी 2025 थी.
बिना आपत्ति दर्ज किए नहीं जारी कर सकते फाइनल आंसर की
शहर के एक कंप्यूटर साइंस के उम्मीदवार ने बताया कि उन्होंने अपने पेपर की आपत्तियां दर्ज करवाने के लिए 9 जनवरी को लिंक खोला तो पहले पेपर यानी सामान्य प्रश्नपत्र के सिर्फ 50 सवाल ही खुल रहे थे, जबकि दूसरे प्रश्नपत्र का तो लिंक ही नहीं खुला. जबकि दूसरे विषयों के दोनों पेपर के लिंक विधिवत खुल रहे थे.
यह समस्या खंडवा से प्रीतेश अग्निहोत्री सहित कई उम्मीदवारों को आई. टेक्निकल दिक्कत आने के बाद उन्होंनेे तो ईमेल और अन्य माध्यम से आयोग को सूचित किया था, फिर भी आयोग ने बिना आपत्ति दर्ज कर फाइनल आंसर की ही जारी कर दी. ऐसे में कंप्यूटर साइंस के उम्मीदवारों के साथ एक तरह से अन्याय हो गया है. उम्मीदवार का कहना है कि अगर आयोग ने जल्द ही कोई फैसला नहीं लिया तो उनके साथ अन्य उम्मीदवार भी न्यायालय की शरण लेंगे.