बेंगलुरु, 21 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि उनके नेतृत्व में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार सत्ता में आई।
उपमुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) द्वारा सम्मानित किए जाने के दौरान कहा, “कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में मेरे चार साल के कार्यकाल में, यह महत्वपूर्ण है कि पार्टी मेरे नेतृत्व में सत्ता में आई।”
उनके इस बयान से मुख्यमंत्री पद को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच मतभेद की बहस फिर से शुरू हो गई है।
शिवकुमार ने कहा कि हालांकि वह वर्तमान में केपीसीसी के अध्यक्ष हैं, लेकिन यह तय नहीं है कि वह इस पद पर कितने समय तक रहेंगे।
जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए काम नहीं करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी के लिए वोट पाने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें कोई पद नहीं मांगना चाहिए।
शिवकुमार ने समारोह के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा,“सबसे पहले, पार्टी को बूथ स्तर पर संगठित करें। बूथ स्तर पर बढ़त सुनिश्चित करें और फिर नेतृत्व की भूमिकाएं मांगें। नहीं तो मौका नहीं मिलेगा। केवल सफेद कपड़े पहनना और सफेद कारों से घूूूूमना, किसी भी पद की योग्यता नहीं है। व्यवस्थित करें या खाली करें। यदि आप असफल होते हैं, तो नया नेतृत्व तैयार किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के निर्देशानुसार, कनकपुरा के एक ग्रेनाइट पत्थर का उपयोग तमिलनाडु में उस स्थान पर किया गया है, जहां दिवंगत पीएम राजीव गांधी ने अपनी जान गंवाई थी।
“बेंगलुरु में, राजीव गांधी की प्रतिमा को बदल दिया गया है। इसका उद्घाटन एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया।”
इस बीच, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 33वीं पुण्य तिथि के अवसर पर आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर विधान सौध में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया उस समय नाराज हो गए, जब उन्हें उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के आने तक इंतजार करने के लिए कहा गया।
मुख्यमंत्री समय पर पहुंचे लेकिन शिवकुमार को देर हो गई। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव रजनीश गोयल को कार्यक्रम शुरू करने और शिवकुमार को बाद में शामिल होने देने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री उस समय अपना आपा खो बैठे, जब उनके निजी सचिव वेंकटेशैया ने उन्हें इसकी जानकारी दी। सिद्धारमैया ने जोर देकर कहा कि कार्यक्रम शुरू हो, शिवकुमार बाद में इसमें शामिल हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री विधान सौध में कर्मचारियों और अधिकारियों को शपथ दिलाने गए और फिर पांच बार के विधायक के. वसंत बंगेरा के परिवार द्वारा आयोजित स्मृति समारोह में भाग लेने के लिए दक्षिण कन्नड़ जिले के मंगलुरु पहुंचे।
–आईएएनएस
सीबीटी/
बेंगलुरु, 21 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि उनके नेतृत्व में कर्नाटक में कांग्रेस सरकार सत्ता में आई।
उपमुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) द्वारा सम्मानित किए जाने के दौरान कहा, “कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में मेरे चार साल के कार्यकाल में, यह महत्वपूर्ण है कि पार्टी मेरे नेतृत्व में सत्ता में आई।”
उनके इस बयान से मुख्यमंत्री पद को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच मतभेद की बहस फिर से शुरू हो गई है।
शिवकुमार ने कहा कि हालांकि वह वर्तमान में केपीसीसी के अध्यक्ष हैं, लेकिन यह तय नहीं है कि वह इस पद पर कितने समय तक रहेंगे।
जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए काम नहीं करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी के लिए वोट पाने में सक्षम नहीं हैं, उन्हें कोई पद नहीं मांगना चाहिए।
शिवकुमार ने समारोह के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा,“सबसे पहले, पार्टी को बूथ स्तर पर संगठित करें। बूथ स्तर पर बढ़त सुनिश्चित करें और फिर नेतृत्व की भूमिकाएं मांगें। नहीं तो मौका नहीं मिलेगा। केवल सफेद कपड़े पहनना और सफेद कारों से घूूूूमना, किसी भी पद की योग्यता नहीं है। व्यवस्थित करें या खाली करें। यदि आप असफल होते हैं, तो नया नेतृत्व तैयार किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के निर्देशानुसार, कनकपुरा के एक ग्रेनाइट पत्थर का उपयोग तमिलनाडु में उस स्थान पर किया गया है, जहां दिवंगत पीएम राजीव गांधी ने अपनी जान गंवाई थी।
“बेंगलुरु में, राजीव गांधी की प्रतिमा को बदल दिया गया है। इसका उद्घाटन एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया।”
इस बीच, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 33वीं पुण्य तिथि के अवसर पर आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर विधान सौध में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया उस समय नाराज हो गए, जब उन्हें उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के आने तक इंतजार करने के लिए कहा गया।
मुख्यमंत्री समय पर पहुंचे लेकिन शिवकुमार को देर हो गई। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव रजनीश गोयल को कार्यक्रम शुरू करने और शिवकुमार को बाद में शामिल होने देने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री उस समय अपना आपा खो बैठे, जब उनके निजी सचिव वेंकटेशैया ने उन्हें इसकी जानकारी दी। सिद्धारमैया ने जोर देकर कहा कि कार्यक्रम शुरू हो, शिवकुमार बाद में इसमें शामिल हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री विधान सौध में कर्मचारियों और अधिकारियों को शपथ दिलाने गए और फिर पांच बार के विधायक के. वसंत बंगेरा के परिवार द्वारा आयोजित स्मृति समारोह में भाग लेने के लिए दक्षिण कन्नड़ जिले के मंगलुरु पहुंचे।
–आईएएनएस
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