नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। कोयला मंत्रालय पूर्वी क्षेत्रीय राज्यों ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास हेतु एकीकृत योजना में समन्वय के लिए 16 फरवरी को ओडिशा के भुवनेश्वर में पीएम-गतिशक्ति और राष्ट्रीय रसद नीति पर पूर्वी क्षेत्र सम्मेलन का आयोजन करेगा। कोयला मंत्रालय ने सोमवार को ये जानकारी दी है।
जानकारी के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए गहन विचार-विमर्श करना और सुझाव देना है। इस सम्मेलन में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों जैसे कोयला, डीपीआईआईटी, रेलवे, बिजली, इस्पात, उर्वरक एवं रसायन, सड़क परिवहन मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
–आईएएनएस
एसपीटी/एएनएम
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नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। कोयला मंत्रालय पूर्वी क्षेत्रीय राज्यों ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास हेतु एकीकृत योजना में समन्वय के लिए 16 फरवरी को ओडिशा के भुवनेश्वर में पीएम-गतिशक्ति और राष्ट्रीय रसद नीति पर पूर्वी क्षेत्र सम्मेलन का आयोजन करेगा। कोयला मंत्रालय ने सोमवार को ये जानकारी दी है।
जानकारी के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए गहन विचार-विमर्श करना और सुझाव देना है। इस सम्मेलन में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों जैसे कोयला, डीपीआईआईटी, रेलवे, बिजली, इस्पात, उर्वरक एवं रसायन, सड़क परिवहन मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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जानकारी के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए गहन विचार-विमर्श करना और सुझाव देना है। इस सम्मेलन में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों जैसे कोयला, डीपीआईआईटी, रेलवे, बिजली, इस्पात, उर्वरक एवं रसायन, सड़क परिवहन मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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जानकारी के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए गहन विचार-विमर्श करना और सुझाव देना है। इस सम्मेलन में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों जैसे कोयला, डीपीआईआईटी, रेलवे, बिजली, इस्पात, उर्वरक एवं रसायन, सड़क परिवहन मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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जानकारी के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए गहन विचार-विमर्श करना और सुझाव देना है। इस सम्मेलन में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों जैसे कोयला, डीपीआईआईटी, रेलवे, बिजली, इस्पात, उर्वरक एवं रसायन, सड़क परिवहन मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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जानकारी के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए गहन विचार-विमर्श करना और सुझाव देना है। इस सम्मेलन में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों जैसे कोयला, डीपीआईआईटी, रेलवे, बिजली, इस्पात, उर्वरक एवं रसायन, सड़क परिवहन मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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जानकारी के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए गहन विचार-विमर्श करना और सुझाव देना है। इस सम्मेलन में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों जैसे कोयला, डीपीआईआईटी, रेलवे, बिजली, इस्पात, उर्वरक एवं रसायन, सड़क परिवहन मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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जानकारी के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए गहन विचार-विमर्श करना और सुझाव देना है। इस सम्मेलन में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों जैसे कोयला, डीपीआईआईटी, रेलवे, बिजली, इस्पात, उर्वरक एवं रसायन, सड़क परिवहन मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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जानकारी के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए गहन विचार-विमर्श करना और सुझाव देना है। इस सम्मेलन में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों जैसे कोयला, डीपीआईआईटी, रेलवे, बिजली, इस्पात, उर्वरक एवं रसायन, सड़क परिवहन मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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जानकारी के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए गहन विचार-विमर्श करना और सुझाव देना है। इस सम्मेलन में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों जैसे कोयला, डीपीआईआईटी, रेलवे, बिजली, इस्पात, उर्वरक एवं रसायन, सड़क परिवहन मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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जानकारी के मुताबिक सम्मेलन का उद्देश्य क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए गहन विचार-विमर्श करना और सुझाव देना है। इस सम्मेलन में पूर्वी क्षेत्र के राज्यों और विभिन्न मंत्रालयों जैसे कोयला, डीपीआईआईटी, रेलवे, बिजली, इस्पात, उर्वरक एवं रसायन, सड़क परिवहन मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के उद्योग प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।
गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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गौरतलब है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनएमपी) का शुभारंभ देश में एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए रसद दक्षता में सुधार और रसद लागत को कम करने के लिए एक परिवर्तनकारी ²ष्टिकोण के साथ किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों, विभागों और उद्योगों को एक साथ लाना है ताकि बुनियादी ढांचा सम्पर्क परियोजनाओं की एकीकृत योजना पर कार्य करते हुए इनका समन्वित रूप से कार्यान्वयन हो सके।
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