अहमदाबाद, 3 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार से कहा कि वह चीनी धागे मांजा पर प्रतिबंध को किस तरह लागू कर रही है और इस पर की गई कार्रवाई पर एक हलफनामा दाखिल करे, क्योंकि इस पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी करना ही काफी नहीं है।
गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
याचिकाकर्ता ने कहा है कि 2019 में उत्तरायण उत्सव के दौरान ऐसे धागों के इस्तेमाल के कारण 15 लोगों की मौत हुई थी और 206 लोग घायल हो गए थे।
–आईएएनएस
एसजीके/एएनएम
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अहमदाबाद, 3 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार से कहा कि वह चीनी धागे मांजा पर प्रतिबंध को किस तरह लागू कर रही है और इस पर की गई कार्रवाई पर एक हलफनामा दाखिल करे, क्योंकि इस पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी करना ही काफी नहीं है।
गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
याचिकाकर्ता ने कहा है कि 2019 में उत्तरायण उत्सव के दौरान ऐसे धागों के इस्तेमाल के कारण 15 लोगों की मौत हुई थी और 206 लोग घायल हो गए थे।
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गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
याचिकाकर्ता ने कहा है कि 2019 में उत्तरायण उत्सव के दौरान ऐसे धागों के इस्तेमाल के कारण 15 लोगों की मौत हुई थी और 206 लोग घायल हो गए थे।
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गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
याचिकाकर्ता ने कहा है कि 2019 में उत्तरायण उत्सव के दौरान ऐसे धागों के इस्तेमाल के कारण 15 लोगों की मौत हुई थी और 206 लोग घायल हो गए थे।
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गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
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गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
याचिकाकर्ता ने कहा है कि 2019 में उत्तरायण उत्सव के दौरान ऐसे धागों के इस्तेमाल के कारण 15 लोगों की मौत हुई थी और 206 लोग घायल हो गए थे।
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गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
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गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
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गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
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गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
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हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
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गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
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गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
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गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
याचिकाकर्ता ने कहा है कि 2019 में उत्तरायण उत्सव के दौरान ऐसे धागों के इस्तेमाल के कारण 15 लोगों की मौत हुई थी और 206 लोग घायल हो गए थे।
–आईएएनएस
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अहमदाबाद, 3 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार से कहा कि वह चीनी धागे मांजा पर प्रतिबंध को किस तरह लागू कर रही है और इस पर की गई कार्रवाई पर एक हलफनामा दाखिल करे, क्योंकि इस पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी करना ही काफी नहीं है।
गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
याचिकाकर्ता ने कहा है कि 2019 में उत्तरायण उत्सव के दौरान ऐसे धागों के इस्तेमाल के कारण 15 लोगों की मौत हुई थी और 206 लोग घायल हो गए थे।
–आईएएनएस
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अहमदाबाद, 3 जनवरी (आईएएनएस)। गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार से कहा कि वह चीनी धागे मांजा पर प्रतिबंध को किस तरह लागू कर रही है और इस पर की गई कार्रवाई पर एक हलफनामा दाखिल करे, क्योंकि इस पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी करना ही काफी नहीं है।
गुजरात में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला चीनी धागा साबित हत्यारा है। इससे पक्षी घायल हो जाते हैं और मारे भी जाते हैं, जबकि मनुष्य भी घायल हो जाते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित होता है।
पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता ने राज्य सरकार, पुलिस और वन विभाग को निर्देश देने की मांग की थी कि नायलॉन के धागे या सिंथेटिक धागे के निर्माण, बिक्री और उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
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पीठ ने कहा कि चीनी धागे की वजह से लोगों का मरना या गंभीर रूप से घायल होना यह स्वीकार्य नहीं है। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख 6 जनवरी तय करते हुए राज्य से इस संबंध में जवाब दाखिल करने को कहा।
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