नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। ओपनएआई ने हाल ही में अपने जीपीटी-4ओ के लिए नए अपडेट रिलीज किए हैं, इसी के साथ मेटा के इंस्टाग्राम और एलन मस्क के एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर घिबली-स्टाइल इमेज की बाढ़ सी आ गई है।
‘घिबली’ की उत्पत्ति लीबियाई अरबी शब्द से हुई है, जिसका मतलब ‘गर्म रेगिस्तानी हवा’ है।
इस वायरल ट्रेंड में पॉपुलर मीम्स और तस्वीरों को एनीमे-इंस्पायर्ड लुक दिया जा रहा है।
इस ट्रेंड के साथ चैटजीपीटी के लेटेस्ट एआई इमेज जनरेटर का तेजी से इस्तेमाल हो रहा है, जो स्टूडियो घिबली के यूनिक आर्ट स्टाइल की नकल करता है।
चैटजीपीटी के बिल्ट-इन इमेज जनरेटर के साथ यूजर्स को सरल टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के जरिए एआई-जनरेटेड आर्टवर्क बनाने की सुविधा मिलती है।
यूजर्स इस फीचर के तहत किसी फोटो को अपलोड करने के बाद डिटेल्स ऐड कर सेकंड भर के अंदर एक घिबली-स्टाइल एआई इमेज क्रिएट कर सकते हैं।
फिलहाल, यह फीचर चैटजीपीटी प्लस, प्रो, टीम और चुनिंदा सब्सक्रिप्शन टियर के साथ ही मौजूद है। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारी मांग के कारण इस फीचर को यूजर्स के लिए फ्री में लाने में कुछ देरी हुई है।
इस फीचर के इस हफ्ते रिलीज होने के साथ, यूजर्स अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों और मशहूर हस्तियों के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्जन के साथ एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं।
पुराने एआई मॉडल से अलग, जो कि डीएएलएल-ई जैसे टूल पर निर्भर थे, ओपनएआई का नया मॉडल जीपीटी-4ओ कम से कम इनपुट के साथ एक हाईली-डिटेल्ड इमेज जनरेट कर सकता है।
यूजर्स इमेज जनरेट करवाने के लिए किसी खास कलर, रेशियो और बैकग्राउंड को ट्रांसपेरेंट रखने की भी रिक्वेस्ट कर सकते हैं। हालांकि, इस तरह की हाई-क्वालिटी इमेज जनरेट करने में 1 मिनट तक का समय लग सकता है।
चैटजीपीटी के जरिए घिबली-स्टाइल इमेज क्रिएट करने के लिए चैटजीपीटी का लेटेस्ट वर्जन ओपन करना होगा। इसके बाद प्रॉम्प्ट बार पर तीन डॉट आइकन पर क्लिक कर एडिशनल ऑप्शन देखे जा सकेंगे।
यहां इमेज ऑप्शन चुनना होगा, जो कि कैनवास ऑप्शन के साथ दिखाई देगा। इसके बाद, जैसी इमेज चाहते हैं, उसके लिए टेक्स्ट प्रॉम्प्ट देना होगा।
एक बार एआई इमेज जनरेट कर लेने के बाद, इसे डाउनलोड करने के साथ सोशल मीडिया पर शेयर भी किया जा सकता है।
‘माई नेबर टोटोरो’ और ‘प्रिंसेस मोनोनोके’ जैसे क्लासिक्स के लिए मशहूर जापानी एनिमेशन स्टूडियो की एक अलग आर्ट-स्टाइल है, जिसे लोग अब एआई का इस्तेमाल कर फिर से बना रहे हैं।
स्टूडियो की स्थापना 1985 में हयाओ मियाजाकी, ईसाओ ताकाहाता और तोशियो सुजुकी द्वारा की गई थी, और तब से यह एनिमेशन में सबसे सम्मानित नामों में से एक बन गया है।
–आईएएनएस
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