बीजिंग, 27 मार्च (आईएएनएस)। “पेरिस समझौते” की 10वीं वर्षगांठ पर चीन और फ्रांस ने गुरुवार को जलवायु परिवर्तन पर एक संयुक्त बयान जारी किया। बयान में जलवायु परिवर्तन पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने, बहुपक्षवाद को कायम रखने तथा “पेरिस समझौते” और उसके तापमान नियंत्रण लक्ष्य का दृढ़ता से समर्थन करने की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई।
तापमान नियंत्रण लक्ष्य वैश्विक औसत तापमान में वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तर से 2 डिग्री सेल्सियस से भी कम तक सीमित करना और तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तर से 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रखने का प्रयास करना है।
बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि “पेरिस समझौता” वैश्विक हरित और निम्न-कार्बन परिवर्तन की सामान्य दिशा का प्रतिनिधित्व करता है और इसने लगभग वैश्विक स्तर पर जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा दिया है। इसने “पेरिस समझौते” के कार्यान्वयन के बाद से जलवायु परिवर्तन से निपटने में हुई सकारात्मक प्रगति का स्वागत किया।
बयान के अनुसार, चीन और फ्रांस ने बहुपक्षीय ढांचे के भीतर आज के समय में प्रमुख चुनौतियों का उचित जवाब देने का वचन दिया है। कुछ देश वैज्ञानिक सहमति से पीछे हट रहे हैं और बहुपक्षीय संस्थाओं से अलग हो रहे हैं, इससे हमारा संकल्प और मजबूत होगा तथा हमारी कार्रवाई और तीव्र होगी। दोनों पक्षों ने सर्वोत्तम उपलब्ध विज्ञान के आधार पर तथा विभिन्न राष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सामूहिक कार्रवाई करने और उसे गति देने की आवश्यकता को दोहराया।
इसके अलावा, चीन और फ्रांस ने जलवायु कार्रवाई का समर्थन करने का वचन भी दिया। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि जलवायु कार्रवाई निवेश, वित्त पोषण, प्रतिस्पर्धात्मकता, नवाचार, रोजगार, आर्थिक विकास आदि के संदर्भ में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अवसर ला सकती है,
साथ ही, लोगों के जीवन स्तर और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, सभ्य कार्य, टिकाऊ खाद्य प्रणाली और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी मदद कर सकती है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
–आईएएनएस
एबीएम/