जालंधर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम रविवार को अमृतसर पहुंची। जहां भारतीय खिलाड़ियों का अमृतसर एयरपोर्ट पर फूल-मालाओं और ढोल के साथ भव्य स्वागत किया गया। अमृतसर पहुंचने के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ियों ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका। अमृतसर के बाद खिलाड़ियों ने जालंधर में रोड शो किया। ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों के स्वागत के लिए मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल व हरभजन सिंह ईटीओ भी मौजूद थे।
जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
सुखजीत ने कहा कि, “यह मेरे पिता का सपना था कि मैं ओलंपिक में जीतकर आऊं।”
भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”
–आईएएनएस
एएस/
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जालंधर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम रविवार को अमृतसर पहुंची। जहां भारतीय खिलाड़ियों का अमृतसर एयरपोर्ट पर फूल-मालाओं और ढोल के साथ भव्य स्वागत किया गया। अमृतसर पहुंचने के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ियों ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका। अमृतसर के बाद खिलाड़ियों ने जालंधर में रोड शो किया। ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों के स्वागत के लिए मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल व हरभजन सिंह ईटीओ भी मौजूद थे।
जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
सुखजीत ने कहा कि, “यह मेरे पिता का सपना था कि मैं ओलंपिक में जीतकर आऊं।”
भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”
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जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
सुखजीत ने कहा कि, “यह मेरे पिता का सपना था कि मैं ओलंपिक में जीतकर आऊं।”
भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”
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जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
सुखजीत ने कहा कि, “यह मेरे पिता का सपना था कि मैं ओलंपिक में जीतकर आऊं।”
भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”
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जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
सुखजीत ने कहा कि, “यह मेरे पिता का सपना था कि मैं ओलंपिक में जीतकर आऊं।”
भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”
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जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
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जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
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भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”
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जालंधर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम रविवार को अमृतसर पहुंची। जहां भारतीय खिलाड़ियों का अमृतसर एयरपोर्ट पर फूल-मालाओं और ढोल के साथ भव्य स्वागत किया गया। अमृतसर पहुंचने के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ियों ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका। अमृतसर के बाद खिलाड़ियों ने जालंधर में रोड शो किया। ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों के स्वागत के लिए मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल व हरभजन सिंह ईटीओ भी मौजूद थे।
जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
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पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
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भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”
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इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
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जालंधर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम रविवार को अमृतसर पहुंची। जहां भारतीय खिलाड़ियों का अमृतसर एयरपोर्ट पर फूल-मालाओं और ढोल के साथ भव्य स्वागत किया गया। अमृतसर पहुंचने के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ियों ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका। अमृतसर के बाद खिलाड़ियों ने जालंधर में रोड शो किया। ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों के स्वागत के लिए मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल व हरभजन सिंह ईटीओ भी मौजूद थे।
जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
सुखजीत ने कहा कि, “यह मेरे पिता का सपना था कि मैं ओलंपिक में जीतकर आऊं।”
भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”
–आईएएनएस
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जालंधर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम रविवार को अमृतसर पहुंची। जहां भारतीय खिलाड़ियों का अमृतसर एयरपोर्ट पर फूल-मालाओं और ढोल के साथ भव्य स्वागत किया गया। अमृतसर पहुंचने के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ियों ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका। अमृतसर के बाद खिलाड़ियों ने जालंधर में रोड शो किया। ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों के स्वागत के लिए मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल व हरभजन सिंह ईटीओ भी मौजूद थे।
जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
सुखजीत ने कहा कि, “यह मेरे पिता का सपना था कि मैं ओलंपिक में जीतकर आऊं।”
भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”
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जालंधर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम रविवार को अमृतसर पहुंची। जहां भारतीय खिलाड़ियों का अमृतसर एयरपोर्ट पर फूल-मालाओं और ढोल के साथ भव्य स्वागत किया गया। अमृतसर पहुंचने के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ियों ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका। अमृतसर के बाद खिलाड़ियों ने जालंधर में रोड शो किया। ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों के स्वागत के लिए मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल व हरभजन सिंह ईटीओ भी मौजूद थे।
जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
सुखजीत ने कहा कि, “यह मेरे पिता का सपना था कि मैं ओलंपिक में जीतकर आऊं।”
भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”
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जालंधर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम रविवार को अमृतसर पहुंची। जहां भारतीय खिलाड़ियों का अमृतसर एयरपोर्ट पर फूल-मालाओं और ढोल के साथ भव्य स्वागत किया गया। अमृतसर पहुंचने के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ियों ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका। अमृतसर के बाद खिलाड़ियों ने जालंधर में रोड शो किया। ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों के स्वागत के लिए मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल व हरभजन सिंह ईटीओ भी मौजूद थे।
जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
सुखजीत ने कहा कि, “यह मेरे पिता का सपना था कि मैं ओलंपिक में जीतकर आऊं।”
भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”
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जालंधर, 11 अगस्त (आईएएनएस)। पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता भारतीय पुरुष हॉकी टीम रविवार को अमृतसर पहुंची। जहां भारतीय खिलाड़ियों का अमृतसर एयरपोर्ट पर फूल-मालाओं और ढोल के साथ भव्य स्वागत किया गया। अमृतसर पहुंचने के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ियों ने गोल्डन टेंपल में माथा टेका। अमृतसर के बाद खिलाड़ियों ने जालंधर में रोड शो किया। ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों के स्वागत के लिए मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल व हरभजन सिंह ईटीओ भी मौजूद थे।
जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
सुखजीत ने कहा कि, “यह मेरे पिता का सपना था कि मैं ओलंपिक में जीतकर आऊं।”
भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”
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जालंधर में भी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत हुआ। भारतीय पुरुष हॉकी टीम में 10 खिलाड़ी पंजाब के हैं। चार खिलाड़ी जालंधर से हैं। एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों को लेने के लिए उनके माता-पिता भी पहुंचे थे। यह खिलाड़ियों के लिए भावुक करने वाला पल था।
इस अवसर पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी हार्दिक सिंह ने कहा कि, “कांस्य पदक लाने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है। खिलाड़ियों की यही कोशिश रहती है कि जहां भी जाएं, वहां देश का नाम रोशन करें।”
मनप्रीत सिंह ने कहा, “हम गोल्ड जीतने के लिए गए थे। जिस हिसाब से हम खेल रहे थे, गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए थे। इस बार हमने और बेहतर खेल दिखाया। पेरिस ओलंपिक में जो हमने अपने खेल से सीखा, उसको आगे के टूर्नामेंट में लागू करने की कोशिश करेंगे। टीम 2028 के ओलंपिक में गोल्ड लाने की पूरी कोशिश करेगी।”
उन्होंने आगे कहा, “हॉकी में गोल करने में पूरी टीम का योगदान होता है। स्ट्राइकर से लेकर गोलकीपर तक अपना रोल निभाते हैं। हरमनप्रीत और पूरी टीम ने बहुत अच्छा काम किया है। यह जीत सभी खिलाड़ियों की कठिन मेहनत का नतीजा है।”
पेरिस ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह को लेकर विपक्षी टीमों ने जो रणनीति अपनाई थी, उस पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर टीम मैच से पहले अपने विपक्षी का आकलन करती है। यह देखा जाता है कि कौन सा खिलाड़ी किस स्टाइल से खेलता है। हम भी विपक्षी टीमों का आकलन करते हैं। कुल मिलाकर हमारा अच्छा प्रदर्शन रहा और हम देश के लिए मेडल लेकर आए हैं।”
सुखजीत ने कहा कि, “यह मेरे पिता का सपना था कि मैं ओलंपिक में जीतकर आऊं।”
भारतीय हॉकी के एक और खिलाड़ी मनदीप सिंह ने कहा कि, “बैक टू बैक मेडल लाने के लिए बहुत गर्व है। हम लोग मैच दर मैच आगे बढ़ रहे थे। टीम की रणनीति यही थी कि अगर गोल नहीं मिल रहा है, तो पेनल्टी कार्नर बनाए जाएं। हमें एक मैच में रेड कार्ड भी मिला, इसके बावजूद हमने मैच जीता।”