रांची, 6 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड के रामगढ़ जिले के गांवों में कथित तौर पर आदम सेना नामक एक संगठन शरिया कानून के नाम पर मुस्लिम महिलाओं को प्रताड़ित कर रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए राज्य के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला तब सामने आया, जब रामगढ़ के सिकनी गांव की रहने वाली निकहत नजमा नामक एक मुस्लिम युवती ने रामगढ़ के डीसी और एसपी के पास इसे लेकर शिकायत की। उसने आरोप लगाया है कि खुद को आदम सेना का सदर (अध्यक्ष) और सदस्य बताने वाले लोग दबाव डाल रहे हैं कि मुस्लिम महिलाएं और युवतियां गैर मुस्लिमों से बात न करें। बुर्का न पहनने पर मारपीट और छेड़खानी की जा रही है। शरिया कानून के नाम पर तरह-तरह के फरमान थोपे जा रहे हैं।
रामगढ़ के रजरप्पा थाने की पुलिस ने मामले की आरंभिक जांच में इसे जमीन विवाद से जुड़ा मामला बताया है। शिकायतकर्ता मुस्लिम महिला ने इसे लेकर रजरप्पा थाने में शिकायत की थी। इसमें उसने बताया है कि गांव के ही युवक साबिर ने पिछले साल उसके साथ छेड़खानी की और घर से बाहर कर दरवाजे पर ताला लगा दिया। जब महिला ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गयी और जान से मारने की धमकी दी गयी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, “झारखंड में पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे मुस्लिम महिलाओं पर जबरन शरिया कानून थोपने का काम चल रहा है। आदम सेना नामक गिरोह बनाकर कुछ असामाजिक तत्व मुस्लिम महिलाओं को हिन्दुओं से बातचीत नहीं करने का दबाव बनाते हुए घरों में घुसकर छेड़खानी भी कर रहे हैं। याद रहे… झारखंड देश के संविधान से चलेगा, किसी शरिया-शरीयत से नहीं! मुख्यमंत्री जी, वोट बैंक की लालच में आदम सेना जैसे गिरोह को संरक्षण देने की बजाय इनके नापाक मंसूबे को कुचलने का काम करें।”
–आईएएनएस
एसएनसी/एबीएम
रांची, 6 मार्च (आईएएनएस)। झारखंड के रामगढ़ जिले के गांवों में कथित तौर पर आदम सेना नामक एक संगठन शरिया कानून के नाम पर मुस्लिम महिलाओं को प्रताड़ित कर रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे गंभीर मामला बताते हुए राज्य के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला तब सामने आया, जब रामगढ़ के सिकनी गांव की रहने वाली निकहत नजमा नामक एक मुस्लिम युवती ने रामगढ़ के डीसी और एसपी के पास इसे लेकर शिकायत की। उसने आरोप लगाया है कि खुद को आदम सेना का सदर (अध्यक्ष) और सदस्य बताने वाले लोग दबाव डाल रहे हैं कि मुस्लिम महिलाएं और युवतियां गैर मुस्लिमों से बात न करें। बुर्का न पहनने पर मारपीट और छेड़खानी की जा रही है। शरिया कानून के नाम पर तरह-तरह के फरमान थोपे जा रहे हैं।
रामगढ़ के रजरप्पा थाने की पुलिस ने मामले की आरंभिक जांच में इसे जमीन विवाद से जुड़ा मामला बताया है। शिकायतकर्ता मुस्लिम महिला ने इसे लेकर रजरप्पा थाने में शिकायत की थी। इसमें उसने बताया है कि गांव के ही युवक साबिर ने पिछले साल उसके साथ छेड़खानी की और घर से बाहर कर दरवाजे पर ताला लगा दिया। जब महिला ने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गयी और जान से मारने की धमकी दी गयी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, “झारखंड में पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे मुस्लिम महिलाओं पर जबरन शरिया कानून थोपने का काम चल रहा है। आदम सेना नामक गिरोह बनाकर कुछ असामाजिक तत्व मुस्लिम महिलाओं को हिन्दुओं से बातचीत नहीं करने का दबाव बनाते हुए घरों में घुसकर छेड़खानी भी कर रहे हैं। याद रहे… झारखंड देश के संविधान से चलेगा, किसी शरिया-शरीयत से नहीं! मुख्यमंत्री जी, वोट बैंक की लालच में आदम सेना जैसे गिरोह को संरक्षण देने की बजाय इनके नापाक मंसूबे को कुचलने का काम करें।”
–आईएएनएस
एसएनसी/एबीएम