रांची, 12 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड के सरकारी स्कूलों के शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस बनाने के सिस्टम में सेंध लगा रहे हैं। ऐसे करीब 1,000 शिक्षक हैं, जो बगैर स्कूल गए अटेंडेंस बना रहे हैं।
इसके लिए वे कभी फर्जी जीपीएस लोकेशन क्रिएट कर लेते हैं तो कभी डेट और टाइम की सेटिंग चेंज कर बैक डेट की हाजिरी भी बना लेते हैं।
सरकार को महीनों बाद गुरुओं के इस फर्जीवाड़े का पता चला है। उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। विभाग की जांच में ऐसे 992 शिक्षक चिन्हित किए गए हैं, जो फर्जी लोकेशन से हाजिरी बनाकर ऑनलाइन अटेंडेंस ऐप की आंखों में धूल झोंक रहे हैं।
शिक्षा विभाग को इनकी गतिविधियों पर शक हुआ है, इसके बाद अब मामले की जांच के निर्देश दिये गये हैं।
दरअसल, ये शिक्षक लगभग दो महीने से अपने लोकेशन से इधर-उधर हुए बिना अपनी हाजिरी बना रहे हैं। ऐसे शिक्षकों को विभाग ने चिन्हित कर लिया है।
शिक्षा सचिव ने इसे लेकर विभिन्न जिलों को निर्देश दिया है।
जिलों को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी और राज्य स्तर पर की गयी समीक्षा में पाया गया है कि जीपीएस और समय तथा तिथि में बदलाव कर उपस्थिति दर्ज करायी जा रही है।
यह दंडनीय अपराध है। सभी जिलों को ऐसे शिक्षकों की सूची दी गयी है। इनकी जांच करने का भी निर्देश दिया गया है।
डीइओ और डीएसई को स्वयं या अपने अधीनस्थ पदाधिकारी से मामले की जांच कराने को कहा गया है। शिक्षक के दोषी पाये जाने पर कार्रवाई कर जानकारी देने का भी निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ई-विद्यावाहिनी ऐप के जरिये ऑनलाइन उपस्थिति बनाना अनिवार्य है।
इसके लिए एक जीपीएस सिस्टम लगा है, जिसके तहत स्कूल के 100 मीटर के दायरे में रहकर हाजिरी बनानी है। लेकिन, शिक्षक दूसरी जगहों से भी उपस्थिति बना रहे हैं।
गलत ढंग से उपस्थिति बनाने वाले सबसे अधिक 214 शिक्षक पलामू जिले के हैं।
शिक्षा विभाग के विश्लेषण में इसका खुलासा हुआ है कि शिक्षक लोकेशन चेंजर ऐप के सहयोग से लोकेशन बदलकर हाजिरी बना रहे हैं। इससे स्कूल से 100 मीटर से अधिक दूरी होने पर भी शिक्षकों की हाजिरी बन जा रही है।
–आईएएनएस
एसएनसी/एबीएम
रांची, 12 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड के सरकारी स्कूलों के शिक्षक ऑनलाइन अटेंडेंस बनाने के सिस्टम में सेंध लगा रहे हैं। ऐसे करीब 1,000 शिक्षक हैं, जो बगैर स्कूल गए अटेंडेंस बना रहे हैं।
इसके लिए वे कभी फर्जी जीपीएस लोकेशन क्रिएट कर लेते हैं तो कभी डेट और टाइम की सेटिंग चेंज कर बैक डेट की हाजिरी भी बना लेते हैं।
सरकार को महीनों बाद गुरुओं के इस फर्जीवाड़े का पता चला है। उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी चल रही है। विभाग की जांच में ऐसे 992 शिक्षक चिन्हित किए गए हैं, जो फर्जी लोकेशन से हाजिरी बनाकर ऑनलाइन अटेंडेंस ऐप की आंखों में धूल झोंक रहे हैं।
शिक्षा विभाग को इनकी गतिविधियों पर शक हुआ है, इसके बाद अब मामले की जांच के निर्देश दिये गये हैं।
दरअसल, ये शिक्षक लगभग दो महीने से अपने लोकेशन से इधर-उधर हुए बिना अपनी हाजिरी बना रहे हैं। ऐसे शिक्षकों को विभाग ने चिन्हित कर लिया है।
शिक्षा सचिव ने इसे लेकर विभिन्न जिलों को निर्देश दिया है।
जिलों को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी और राज्य स्तर पर की गयी समीक्षा में पाया गया है कि जीपीएस और समय तथा तिथि में बदलाव कर उपस्थिति दर्ज करायी जा रही है।
यह दंडनीय अपराध है। सभी जिलों को ऐसे शिक्षकों की सूची दी गयी है। इनकी जांच करने का भी निर्देश दिया गया है।
डीइओ और डीएसई को स्वयं या अपने अधीनस्थ पदाधिकारी से मामले की जांच कराने को कहा गया है। शिक्षक के दोषी पाये जाने पर कार्रवाई कर जानकारी देने का भी निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ई-विद्यावाहिनी ऐप के जरिये ऑनलाइन उपस्थिति बनाना अनिवार्य है।
इसके लिए एक जीपीएस सिस्टम लगा है, जिसके तहत स्कूल के 100 मीटर के दायरे में रहकर हाजिरी बनानी है। लेकिन, शिक्षक दूसरी जगहों से भी उपस्थिति बना रहे हैं।
गलत ढंग से उपस्थिति बनाने वाले सबसे अधिक 214 शिक्षक पलामू जिले के हैं।
शिक्षा विभाग के विश्लेषण में इसका खुलासा हुआ है कि शिक्षक लोकेशन चेंजर ऐप के सहयोग से लोकेशन बदलकर हाजिरी बना रहे हैं। इससे स्कूल से 100 मीटर से अधिक दूरी होने पर भी शिक्षकों की हाजिरी बन जा रही है।
–आईएएनएस
एसएनसी/एबीएम