रांची, 28 फरवरी (आईएएनएस)। झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने शुक्रवार को विधानसभा में वर्ष 2025-26 के लिए आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की। इसके मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष में अनुमानित विकास दर लगभग 6.7 प्रतिशत रही है। रिपोर्ट में अगले वर्ष के लिए 7.5 प्रतिशत के विकास दर का अनुमान व्यक्त किया गया है।
वित्त मंत्री ने सदन में रखी गई रिपोर्ट के हवाले से दावा किया कि राज्य का वित्तीय प्रबंधन लगातार बेहतर हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में प्रति व्यक्ति आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दावा किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्यों पर औसतन प्रति व्यक्ति आय में वार्षिक 6.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि वर्तमान मूल्यों पर 9.1 फीसदी की दर से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने रूरल सेक्टर में लगातार काम किया है, जिसकी बदौलत प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में राजस्व व्यय और राजस्व संग्रह की स्थिति इसके पहले 5 वर्ष तक चली सरकार से बहुत ज्यादा बेहतर है।
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2024-25 में स्थिर मूल्य पर 68,612 रुपये और वर्तमान मूल्य पर 1,14,271 रुपये अनुमानित है। आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 में वर्तमान मूल्य पर राज्य की प्रति व्यक्ति सालाना आय 1,24,079 रुपये होने का अनुमान किया गया है। रिपोर्ट में विगत तीन वर्षों में अर्थव्यवस्था में वृद्धि के आंकड़े दिए गए हैं।
इसके मुताबिक, 2021-22 और 2023-24 के बीच राज्य के स्थिर मूल्य पर जीएसडीपी में औसतन वार्षिक 7.7 प्रतिशत और वर्तमान मूल्य पर जीएसडीपी में 10.7 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की गई है। चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में जीएसडीपी में स्थिर मूल्य पर 6.7 प्रतिशत और वर्तमान मूल्य पर 9.8 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है।
राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से राज्य की तुलना करते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद के अनुपात में झारखंड के जीएसडीपी में पिछले 5 वर्षों में सुधार हुआ है। वर्ष 2019-20 में राज्य का जीएसडीपी देश के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद का 1.59 प्रतिशत था, जो वर्ष 2023- 24 में बढ़कर 1.64 प्रतिशत हो गया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य का जीएसडीपी वर्ष 2011-12 में 1 लाख 50 हजार 918 करोड़ रुपये था, जो इस वित्तीय साल 2024-25 के अंत तक स्थिर मूल्यों पर दोगुना और वर्तमान मूल्यों पर तीन गुना से अधिक होने का अनुमान है। हालांकि, राज्य सरकार का राजकोषीय घाटा भी लगातार बढ़ा है। वर्ष 2023-24 में राजकोषीय घाटा राज्य के जीएसडीपी का सिर्फ 1.4 प्रतिशत था, लेकिन चालू वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा जीएसडीपी का 1.9 रहने का अनुमान लगाया गया है।
–आईएएनएस
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