नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।
–आईएएनएस
एसजीके/
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 27 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के जिस अस्पताल में शनिवार देर रात भीषण आग लगने से सात बच्चों की मौत हो गई, उस अस्पताल की एक नर्स पर पिछले दिनों एक नवजात बच्चे को पीटने का आरोप लगा था।
केयर न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल के मालिक डॉ. नवीन किची को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने 2021 में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी, जिसमें आरोप था कि अस्पताल की नर्स ने एक नवजात शिशु को पीटा था।
उस मामले में उन्होंने दलील दी थी कि एफआईआर के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर केवल नर्स के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, इसलिए एफआईआर में लगाए गए आरोप से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
बाद में उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया, क्योंकि पुलिस की चार्जशीट में उनका नाम आरोपी या गवाह के रूप में नहीं था।
भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार निवासी डॉ. किची को दिसंबर 2021 में मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी थी।
इस बीच, घटना की पुलिस जांच से पता चला है कि राज्य सरकार द्वारा अस्पताल को जारी किया गया लाइसेंस 31 मार्च को समाप्त हो गया था और बीएएमएस डिग्री रखने वाले डॉक्टर नवजात गहन देखभाल का काम संभाल रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, अस्पताल में आग लगने की सूचना शनिवार को रात करीब 11:30 बजे विवेक विहार पुलिस स्टेशन को दी गई। इसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस उपायुक्त (शाहदरा) सुरेंद्र चौधरी के अनुसार, सभी 12 नवजात शिशुओं को अन्य लोगों की मदद से इस अस्पताल से पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल में भेज दिया गया।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच अन्य शिशुओं का इलाज चल रहा है।