नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
–आईएएनएस
जीसीबी/एबीएम
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
–आईएएनएस
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इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
–आईएएनएस
जीसीबी/एबीएम
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
–आईएएनएस
जीसीबी/एबीएम
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।
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नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। देश की राजधानी दिल्ली में अभी भी वायु प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्थिति में है। हालांकि, बीते कुछ दिनों के मुकाबले इसमें थोड़ा सुधार दर्ज किया गया है। वहीं, वर्क फ्रॉम होम लागू किया जा चुका है।
इसके तहत सरकारी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को आना है। जबकि, 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इन सब इंतजामों के साथ-साथ स्कूल बंद होने के कारण गुरुवार को दिल्ली की सड़कों पर सामान्य दिनों के मुकाबले ट्रैफिक कुछ कम रहा। दिल्ली की जिन सड़कों पर अक्सर ट्रैफिक जाम देखा जाता है, उनमें से कई जगह हल्का-फुल्का तो कहीं सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला।
इस बीच केंद्र सरकार ने भी दिल्ली में अपने कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्य समय की घोषणा कर दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सड़कों पर ट्रैफिक और कम हो सकेगा, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण से कुछ निजात मिल सकेगी। केंद्र ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे ऑफिस आने-जाने के लिए वाहन पूलिंग करें। यदि संभव हो तो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
दिल्ली में वायु प्रदूषण को देखते हुए, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे दिल्ली में स्थित कार्यालयों के लिए अलग-अलग समय अपनाएं। सरकारी कार्यालय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक और सुबह 10 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुलेंगे।
वहीं, दिल्ली सरकार, सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति और 50 फीसदी के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश पहले ही जारी कर चुकी है। कर्मचारियों के लिए यह प्रक्रिया रोटेशन में अपनाई जाएगी।
दिल्ली में वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए ग्रेप-4 लागू है। वायु प्रदूषण के कारण दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद हैं। साथ ही बीएस 3 पेट्रोल और बीएस 4 डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर प्रतिबंध है। प्रतिबंध को लागू कराने के लिए परिवहन विभाग की 84 टीम और ट्रैफिक पुलिस की 280 टीम लगाई गई है। इन पाबंदियों का उल्लंघन करने पर 20,000 रुपया जुर्माना है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि प्रदूषण कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 106 शटल बस सेवा शुरू की गई है। मेट्रो ट्रेन 60 अतिरिक्त फेरे लगा रही है। धूल और वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्माण कार्यों पर भी रोक है।
इसकी निगरानी के लिए संबंधित विभाग की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। सड़कों की मशीनीकृत सफाई के समय को बढ़ाया गया है। सड़कों पर सफाई के लिए 65 एमआरएस मशीनें एमसीडी की तरफ से चलाई जा रही हैं। अब इनका समय बढ़ाकर 6 बजे सुबह से 4 बजे शाम तक कर दिया गया है।