नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने चल रहे धूल- रोधी अभियान के तहत शनिवार को वजीरपुर हॉटस्पॉट क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।
राय ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को देखते हुए निरीक्षण को प्रेरित किया गया।
एमसीडी, डीपीसीसी, जल बोर्ड, डीएसआईआईडीसी, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और पीडब्ल्यूडी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ, पर्यावरण मंत्री ने वज़ीरपुर में प्रदूषण के मूल कारणों से निपटा।
समस्या में योगदान देने वाले उल्लेखनीय कारकों में अवैध पार्किंग, यातायात की भीड़ और सड़क के पास निर्माण गतिविधियां शामिल हैं। इन चिंताओं को दूर करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मंत्री राय ने धूल-रोधी अभियान के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में सुबह और शाम दोनों समय सड़कों पर लगातार पानी का छिड़काव करने के महत्व को रेखांकित किया। इस पहल के तहत 13 विभागों की कुल 591 टीमों को पूरी दिल्ली में निरीक्षण करने के लिए तैनात किया गया है।
निर्माण-संबंधी धूल पर सख्त नियंत्रण लागू करने के लिए मंत्री राय ने सभी निर्माण स्थलों पर निर्माण धूल नियंत्रण से संबंधित 14 नियमों का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया।
टीमें इन नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करेंगी, साथ ही विभागों को निर्माण स्थलों की निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए जाएंगे।
इन प्रयासों का समर्थन करने के लिए धूल प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए दिल्लीभर में 82 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग (एमआरएस) मशीनें, 530 वॉटर स्प्रिंकलर और 258 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन की तैनाती शुरू की गई है।
राय ने दिल्ली में एक महीने तक चलने वाले धूल रोधी अभियान की शुरुआत की भी घोषणा की, जिसका पहला चरण 7 नवंबर तक चलेगा। इसमें डीडीए, एमसीडी, डीपीसीसी, जल बोर्ड, डीएसआईआईडीसी, पीडब्ल्यूडी, सीपीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी सहित 13 विभागों की कुल 591 टीमें शामिल होंगी।
प्रदूषण से निपटने के एक विशेष प्रयास में हॉटस्पॉट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे 13 क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कार्य योजनाएं विकसित की गई हैं। प्रदूषण को रोकने और पर्यावरण की सुरक्षा में इन उपायों की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए ग्रीन वॉर रूम से निरंतर निगरानी चल रही है।
–आईएएनएस
एसजीके
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने चल रहे धूल- रोधी अभियान के तहत शनिवार को वजीरपुर हॉटस्पॉट क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया।
राय ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को देखते हुए निरीक्षण को प्रेरित किया गया।
एमसीडी, डीपीसीसी, जल बोर्ड, डीएसआईआईडीसी, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और पीडब्ल्यूडी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ, पर्यावरण मंत्री ने वज़ीरपुर में प्रदूषण के मूल कारणों से निपटा।
समस्या में योगदान देने वाले उल्लेखनीय कारकों में अवैध पार्किंग, यातायात की भीड़ और सड़क के पास निर्माण गतिविधियां शामिल हैं। इन चिंताओं को दूर करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मंत्री राय ने धूल-रोधी अभियान के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में सुबह और शाम दोनों समय सड़कों पर लगातार पानी का छिड़काव करने के महत्व को रेखांकित किया। इस पहल के तहत 13 विभागों की कुल 591 टीमों को पूरी दिल्ली में निरीक्षण करने के लिए तैनात किया गया है।
निर्माण-संबंधी धूल पर सख्त नियंत्रण लागू करने के लिए मंत्री राय ने सभी निर्माण स्थलों पर निर्माण धूल नियंत्रण से संबंधित 14 नियमों का पालन करने की जरूरत पर जोर दिया।
टीमें इन नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करेंगी, साथ ही विभागों को निर्माण स्थलों की निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए जाएंगे।
इन प्रयासों का समर्थन करने के लिए धूल प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए दिल्लीभर में 82 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग (एमआरएस) मशीनें, 530 वॉटर स्प्रिंकलर और 258 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन की तैनाती शुरू की गई है।
राय ने दिल्ली में एक महीने तक चलने वाले धूल रोधी अभियान की शुरुआत की भी घोषणा की, जिसका पहला चरण 7 नवंबर तक चलेगा। इसमें डीडीए, एमसीडी, डीपीसीसी, जल बोर्ड, डीएसआईआईडीसी, पीडब्ल्यूडी, सीपीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी सहित 13 विभागों की कुल 591 टीमें शामिल होंगी।
प्रदूषण से निपटने के एक विशेष प्रयास में हॉटस्पॉट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे 13 क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कार्य योजनाएं विकसित की गई हैं। प्रदूषण को रोकने और पर्यावरण की सुरक्षा में इन उपायों की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए ग्रीन वॉर रूम से निरंतर निगरानी चल रही है।
–आईएएनएस
एसजीके