नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट की एकल-न्यायाधीश की पीठ ने गुरुवार को जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें नवंबर 2020 में चैनल द्वारा प्रसारित एक कार्यक्रम के संबंध में जी न्यूज और उसके तत्कालीन एंकर से माफी मांगने की मांग की गई थी।
न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्डस अथॉरिटी (एनबीडीएसए) के पास दर्ज की गई रशीद की शिकायत 30 नवंबर 2020 को टीवी पर प्रसारित शो के खिलाफ थी।
जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
रशीद ने एनबीडीएसए को यह कहते हुए भी लिखा था कि कार्यक्रम में निहित है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है और आतंकवाद का वित्तपोषण कर रही है।
एनबीडीएसए द्वारा समाचार चैनल को शो को हटाने का आदेश दिए जाने के बाद, वह इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी कि एसोसिएशन ने जी न्यूज को उसके पोस्ट के लिए माफी जारी करने का निर्देश नहीं दिया।
जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
–आईएएनएस
एफजेड/एएनएम
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नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट की एकल-न्यायाधीश की पीठ ने गुरुवार को जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें नवंबर 2020 में चैनल द्वारा प्रसारित एक कार्यक्रम के संबंध में जी न्यूज और उसके तत्कालीन एंकर से माफी मांगने की मांग की गई थी।
न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्डस अथॉरिटी (एनबीडीएसए) के पास दर्ज की गई रशीद की शिकायत 30 नवंबर 2020 को टीवी पर प्रसारित शो के खिलाफ थी।
जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
रशीद ने एनबीडीएसए को यह कहते हुए भी लिखा था कि कार्यक्रम में निहित है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है और आतंकवाद का वित्तपोषण कर रही है।
एनबीडीएसए द्वारा समाचार चैनल को शो को हटाने का आदेश दिए जाने के बाद, वह इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी कि एसोसिएशन ने जी न्यूज को उसके पोस्ट के लिए माफी जारी करने का निर्देश नहीं दिया।
जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
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नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट की एकल-न्यायाधीश की पीठ ने गुरुवार को जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें नवंबर 2020 में चैनल द्वारा प्रसारित एक कार्यक्रम के संबंध में जी न्यूज और उसके तत्कालीन एंकर से माफी मांगने की मांग की गई थी।
न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्डस अथॉरिटी (एनबीडीएसए) के पास दर्ज की गई रशीद की शिकायत 30 नवंबर 2020 को टीवी पर प्रसारित शो के खिलाफ थी।
जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
रशीद ने एनबीडीएसए को यह कहते हुए भी लिखा था कि कार्यक्रम में निहित है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है और आतंकवाद का वित्तपोषण कर रही है।
एनबीडीएसए द्वारा समाचार चैनल को शो को हटाने का आदेश दिए जाने के बाद, वह इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी कि एसोसिएशन ने जी न्यूज को उसके पोस्ट के लिए माफी जारी करने का निर्देश नहीं दिया।
जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
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नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट की एकल-न्यायाधीश की पीठ ने गुरुवार को जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें नवंबर 2020 में चैनल द्वारा प्रसारित एक कार्यक्रम के संबंध में जी न्यूज और उसके तत्कालीन एंकर से माफी मांगने की मांग की गई थी।
न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्डस अथॉरिटी (एनबीडीएसए) के पास दर्ज की गई रशीद की शिकायत 30 नवंबर 2020 को टीवी पर प्रसारित शो के खिलाफ थी।
जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
रशीद ने एनबीडीएसए को यह कहते हुए भी लिखा था कि कार्यक्रम में निहित है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है और आतंकवाद का वित्तपोषण कर रही है।
एनबीडीएसए द्वारा समाचार चैनल को शो को हटाने का आदेश दिए जाने के बाद, वह इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी कि एसोसिएशन ने जी न्यूज को उसके पोस्ट के लिए माफी जारी करने का निर्देश नहीं दिया।
जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
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न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्डस अथॉरिटी (एनबीडीएसए) के पास दर्ज की गई रशीद की शिकायत 30 नवंबर 2020 को टीवी पर प्रसारित शो के खिलाफ थी।
जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
रशीद ने एनबीडीएसए को यह कहते हुए भी लिखा था कि कार्यक्रम में निहित है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है और आतंकवाद का वित्तपोषण कर रही है।
एनबीडीएसए द्वारा समाचार चैनल को शो को हटाने का आदेश दिए जाने के बाद, वह इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी कि एसोसिएशन ने जी न्यूज को उसके पोस्ट के लिए माफी जारी करने का निर्देश नहीं दिया।
जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
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नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट की एकल-न्यायाधीश की पीठ ने गुरुवार को जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें नवंबर 2020 में चैनल द्वारा प्रसारित एक कार्यक्रम के संबंध में जी न्यूज और उसके तत्कालीन एंकर से माफी मांगने की मांग की गई थी।
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जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
रशीद ने एनबीडीएसए को यह कहते हुए भी लिखा था कि कार्यक्रम में निहित है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है और आतंकवाद का वित्तपोषण कर रही है।
एनबीडीएसए द्वारा समाचार चैनल को शो को हटाने का आदेश दिए जाने के बाद, वह इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी कि एसोसिएशन ने जी न्यूज को उसके पोस्ट के लिए माफी जारी करने का निर्देश नहीं दिया।
जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
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नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट की एकल-न्यायाधीश की पीठ ने गुरुवार को जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें नवंबर 2020 में चैनल द्वारा प्रसारित एक कार्यक्रम के संबंध में जी न्यूज और उसके तत्कालीन एंकर से माफी मांगने की मांग की गई थी।
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जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
रशीद ने एनबीडीएसए को यह कहते हुए भी लिखा था कि कार्यक्रम में निहित है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है और आतंकवाद का वित्तपोषण कर रही है।
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जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
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न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्डस अथॉरिटी (एनबीडीएसए) के पास दर्ज की गई रशीद की शिकायत 30 नवंबर 2020 को टीवी पर प्रसारित शो के खिलाफ थी।
जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
रशीद ने एनबीडीएसए को यह कहते हुए भी लिखा था कि कार्यक्रम में निहित है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है और आतंकवाद का वित्तपोषण कर रही है।
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जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
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न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्डस अथॉरिटी (एनबीडीएसए) के पास दर्ज की गई रशीद की शिकायत 30 नवंबर 2020 को टीवी पर प्रसारित शो के खिलाफ थी।
जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
रशीद ने एनबीडीएसए को यह कहते हुए भी लिखा था कि कार्यक्रम में निहित है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है और आतंकवाद का वित्तपोषण कर रही है।
एनबीडीएसए द्वारा समाचार चैनल को शो को हटाने का आदेश दिए जाने के बाद, वह इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी कि एसोसिएशन ने जी न्यूज को उसके पोस्ट के लिए माफी जारी करने का निर्देश नहीं दिया।
जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
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न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्डस अथॉरिटी (एनबीडीएसए) के पास दर्ज की गई रशीद की शिकायत 30 नवंबर 2020 को टीवी पर प्रसारित शो के खिलाफ थी।
जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
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जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
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एनबीडीएसए द्वारा समाचार चैनल को शो को हटाने का आदेश दिए जाने के बाद, वह इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी कि एसोसिएशन ने जी न्यूज को उसके पोस्ट के लिए माफी जारी करने का निर्देश नहीं दिया।
जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
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एनबीडीएसए द्वारा समाचार चैनल को शो को हटाने का आदेश दिए जाने के बाद, वह इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी कि एसोसिएशन ने जी न्यूज को उसके पोस्ट के लिए माफी जारी करने का निर्देश नहीं दिया।
जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
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जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
रशीद ने एनबीडीएसए को यह कहते हुए भी लिखा था कि कार्यक्रम में निहित है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है और आतंकवाद का वित्तपोषण कर रही है।
एनबीडीएसए द्वारा समाचार चैनल को शो को हटाने का आदेश दिए जाने के बाद, वह इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी कि एसोसिएशन ने जी न्यूज को उसके पोस्ट के लिए माफी जारी करने का निर्देश नहीं दिया।
जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
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न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्डस अथॉरिटी (एनबीडीएसए) के पास दर्ज की गई रशीद की शिकायत 30 नवंबर 2020 को टीवी पर प्रसारित शो के खिलाफ थी।
जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
रशीद ने एनबीडीएसए को यह कहते हुए भी लिखा था कि कार्यक्रम में निहित है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है और आतंकवाद का वित्तपोषण कर रही है।
एनबीडीएसए द्वारा समाचार चैनल को शो को हटाने का आदेश दिए जाने के बाद, वह इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी कि एसोसिएशन ने जी न्यूज को उसके पोस्ट के लिए माफी जारी करने का निर्देश नहीं दिया।
जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।
–आईएएनएस
एफजेड/एएनएम
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नई दिल्ली, 23 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट की एकल-न्यायाधीश की पीठ ने गुरुवार को जेएनयू की पूर्व छात्रा शेहला रशीद की उस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया, जिसमें नवंबर 2020 में चैनल द्वारा प्रसारित एक कार्यक्रम के संबंध में जी न्यूज और उसके तत्कालीन एंकर से माफी मांगने की मांग की गई थी।
न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्डस अथॉरिटी (एनबीडीएसए) के पास दर्ज की गई रशीद की शिकायत 30 नवंबर 2020 को टीवी पर प्रसारित शो के खिलाफ थी।
जी न्यूज के वकील ने गुरुवार को न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष मामले का उल्लेख किया और जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा। हालांकि, सिंह ने इसे सुनने से खुद को अलग कर लिया।
रशीद ने एनबीडीएसए को यह कहते हुए भी लिखा था कि कार्यक्रम में निहित है कि वह राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल है और आतंकवाद का वित्तपोषण कर रही है।
एनबीडीएसए द्वारा समाचार चैनल को शो को हटाने का आदेश दिए जाने के बाद, वह इस बात से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी कि एसोसिएशन ने जी न्यूज को उसके पोस्ट के लिए माफी जारी करने का निर्देश नहीं दिया।
जिसके बाद उसने आदेश में संशोधन का अनुरोध करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और जी और चौधरी को एक स्पष्ट माफी मांगने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की गई थी।
उसकी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान को कम करने के लिए रशीद ने प्राइम-टाइम के दौरान माफी मांगने का आह्वान किया है क्योंकि वीडियो को हटाने से जनता पर पड़ने वाले प्रभाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही दूर से याचिकाकर्ता की गरिमा और प्रतिष्ठा को बहाल करेगा, जिसे प्रसारण द्वारा नुकसान पहुंचाया गया था।