नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को कहा कि उसने एनसीआर के दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो हत्या के एक मामले में वांछित थे।
आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
–आईएएनएस
एसजीके/एएनएम
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नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को कहा कि उसने एनसीआर के दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो हत्या के एक मामले में वांछित थे।
आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
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नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को कहा कि उसने एनसीआर के दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो हत्या के एक मामले में वांछित थे।
आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
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आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
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आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
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आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
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आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
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आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
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नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को कहा कि उसने एनसीआर के दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो हत्या के एक मामले में वांछित थे।
आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
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आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
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आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
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पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
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आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
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आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
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नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को कहा कि उसने एनसीआर के दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो हत्या के एक मामले में वांछित थे।
आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।
–आईएएनएस
एसजीके/एएनएम
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नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को कहा कि उसने एनसीआर के दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो हत्या के एक मामले में वांछित थे।
आरोपियों की पहचान संजय उर्फ संजू और मंजीत उर्फ मांजा के रूप में हुई है, जो अपने नेटवर्क का विस्तार करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के संपर्क में थे।
आरोपी सोनीपत में अपने एक प्रतिद्वंद्वी की हत्या के लिए वांछित थे। उन्होंने अपने एक और प्रतिद्वंद्वी को खत्म करने की योजना बनाई थी। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी नरेला इलाके में इकट्ठा होंगे, जिसके बाद एक टीम का गठन किया गया और छापा मारा गया।
पुलिस ने कहा, पुलिस से घिरे होने के बाद संजय ने भागने की कोशिश में पुलिस पार्टी पर दो राउंड गोलियां चलाईं। एक गोली छापेमारी दल के एक सदस्य को लगी, लेकिन सौभाग्य से उसने बुलेट-प्रूफ जैकेट पहन रखी थी।
इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ देर की हाथापाई के बाद दोनों अपराधियों को हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार कर लिया।
उनके कब्जे से एक अत्याधुनिक पिस्तौल, एक मैगजीन, 7.65 कैलिबर के ग्यारह जिंदा कारतूस और .315 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस ने कहा, उन्होंने सोनीपत में सुनील की हत्या करने की बात कबूल की, जो उनका प्रतिद्वंद्वी था। दोनों ने कहा कि वे और सुनील भी अवैध रेत खनन में शामिल थे। दो महीने पहले उनका ट्रैक्टर मृतक के ट्रैक्टर से टकरा गया था, जिसने मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, मामले ने तूल पकड़ लिया और सुनील और उसके साथियों ने मंजीत के बड़े भाई संजय और दीपक के साथ मारपीट की, इसलिए उन्होंने सुनील की हत्या कर दी।