नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज के बिजनेस डेवलपमेंट, इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के प्रमुख जयकृष्ण गांधी का कहना है कि निफ्टी में इस सप्ताह काफी करेक्शन हुआ है, जिससे यह लगभग 3 फीसदी नीचे आ गया है।
उन्होंने कहा, स्मॉल और मिड-कैप में बिकवाली और भी ज्यादा थी। कम कमाई और प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट सकारात्मक टिप्पणी नहीं मिलने के कारण खुदरा निवेशक पीछे हट गए।
बाजार में बिकवाली यूएस 10 वर्ष बांड यील्ड के 5 प्रतिशत अंक तक पहुंचने से शुरू हुई।
उन्होंने कहा, निफ्टी बैंक के साप्ताहिक सूचकांक इस हफ्ते समाप्त होने से अस्थिरता बढ़ सकती है। हम देखते हैं कि बैंक निफ्टी 42,200 के स्तर पर समर्थन के साथ 43,000 के स्तर से नीचे उच्चतम जोखिम पर है। इसके चलते निफ्टी 19,000 से नीचे 18,800 पर आ सकता है।
उन्होंने कहा कि सभी की निगाहें यूएस 10 वर्ष बांड यील्ड, भू-राजनीतिक अनिश्चितता के साथ-साथ आने वाले हफ्ते के लिए दिशा जानने के लिए एफओएमसी टिप्पणी पर होंगी।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि निवेशकों के सेंटीमेंट्स कमजोर हैं। पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बाजार को प्रभावित कर रहा है। तेल की कीमतों में गिरावट और दूसरी तिमाही के नतीजों के बारे में आशावादी दृष्टिकोण के बावजूद, निवेशकों ने इस उम्मीद के कारण सतर्क रुख अपनाया कि हाई इंटेरेस्ट रेट के चलते विकास धीमा रहेगा। हालांकि, बढ़ती भू-राजनीतिक और मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में मूल्यांकन संबंधी चिंताओं के बीच, लार्ज-कैप शेयरों पर एक सकारात्मक रणनीति स्पष्ट है।
–आईएएनएस
एसकेपी
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज के बिजनेस डेवलपमेंट, इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के प्रमुख जयकृष्ण गांधी का कहना है कि निफ्टी में इस सप्ताह काफी करेक्शन हुआ है, जिससे यह लगभग 3 फीसदी नीचे आ गया है।
उन्होंने कहा, स्मॉल और मिड-कैप में बिकवाली और भी ज्यादा थी। कम कमाई और प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट सकारात्मक टिप्पणी नहीं मिलने के कारण खुदरा निवेशक पीछे हट गए।
बाजार में बिकवाली यूएस 10 वर्ष बांड यील्ड के 5 प्रतिशत अंक तक पहुंचने से शुरू हुई।
उन्होंने कहा, निफ्टी बैंक के साप्ताहिक सूचकांक इस हफ्ते समाप्त होने से अस्थिरता बढ़ सकती है। हम देखते हैं कि बैंक निफ्टी 42,200 के स्तर पर समर्थन के साथ 43,000 के स्तर से नीचे उच्चतम जोखिम पर है। इसके चलते निफ्टी 19,000 से नीचे 18,800 पर आ सकता है।
उन्होंने कहा कि सभी की निगाहें यूएस 10 वर्ष बांड यील्ड, भू-राजनीतिक अनिश्चितता के साथ-साथ आने वाले हफ्ते के लिए दिशा जानने के लिए एफओएमसी टिप्पणी पर होंगी।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि निवेशकों के सेंटीमेंट्स कमजोर हैं। पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बाजार को प्रभावित कर रहा है। तेल की कीमतों में गिरावट और दूसरी तिमाही के नतीजों के बारे में आशावादी दृष्टिकोण के बावजूद, निवेशकों ने इस उम्मीद के कारण सतर्क रुख अपनाया कि हाई इंटेरेस्ट रेट के चलते विकास धीमा रहेगा। हालांकि, बढ़ती भू-राजनीतिक और मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में मूल्यांकन संबंधी चिंताओं के बीच, लार्ज-कैप शेयरों पर एक सकारात्मक रणनीति स्पष्ट है।
–आईएएनएस
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