बीजिंग, 29 मार्च (आईएएनएस)। हाल ही में, फिजी की संसद के अध्यक्ष फिलिमोन जिटोको ने पहली बार चीन का दौरा किया और शांगहाई, शानक्सी और पेइचिंग की यात्रा की। इस दौरे के दौरान, उन्होंने चीन के लोकतंत्र, कानून व्यवस्था, ग्रामीण पुनरुद्धार और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्रों में किए गए नए प्रयासों को करीब से देखा।
शांगहाई में, जिटोको ने जमीनी स्तर के विधायी संपर्क बिंदु का दौरा किया और “पूर्ण-प्रक्रिया वाले लोकतंत्र” की गहरी समझ हासिल की। शानक्सी प्रांत के थोंगछुआन शहर के माजुई गांव में, उन्होंने देखा कि किस तरह एक “पिछड़ा हुआ गांव” अब एक आकर्षक पर्यटन स्थल में बदल गया है। वहीं, पेइचिंग में, उन्होंने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी हॉल का दौरा किया और राष्ट्रीय पुनरुत्थान के लिए चीनी जनता का नेतृत्व करने में पार्टी की भूमिका को समझा।
चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) को दिए गए विशेष साक्षात्कार में जिटोको ने कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रचारित “पूर्ण-प्रक्रिया जन लोकतंत्र” एक अनुकरणीय मॉडल है। उन्होंने बताया कि गरीबी उन्मूलन फिजी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इसी उद्देश्य से उन्होंने चीन के ग्रामीण विकास का अध्ययन किया।
इस यात्रा में उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात यह लगी कि चीन ने किस तरह अपने लोगों को पारंपरिक निवास से नए स्थानों पर बसाने और उनके लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने यह भी देखा कि ग्रामीण लोग न केवल कृषि उत्पादों का उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
इस वर्ष चीन और फिजी के राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ है। फिजी, चीन के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित करने वाला पहला प्रशांत द्वीप देश है। जिटोको ने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की इच्छा जताई और कृषि, मत्स्य पालन, बुनियादी ढांचे और सड़क निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने की आशा व्यक्त की।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
–आईएएनएस
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