पटना, 27 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक सत्येंद्र दास ने गुरुवार को कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अचेतावस्था में रहने के कारण आज पूरे राज्य के सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में इसे लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव दिया गया, लेकिन इसे अस्वीकार कर दिया गया। क्योंकि इससे सरकार की पोल खुलने का डर था।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार भ्रष्टाचार की गोद में बैठा हुआ है। किसी भी पुलिस थाना से लेकर प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय कहीं भी चले जाइए, पूरा भ्रष्टाचार है। आज हम लोग इस पूरे मुद्दे पर कार्यस्थगन लाए थे, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने उसे अस्वीकार कर दिया। अब हम लोग इस मुद्दे को लेकर बिहार विधानसभा से लेकर जनता के बीच जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आज बिहार में न आम जनता की सुनी जा रही है और न न्याय किया जा रहा है। सभी कार्यालयों में बिचौलियों और दलालों का बोलबाला है। इसकी जानकारी सभी विधायकों को भी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के गहन जांच के बाद यह स्पष्ट है कि राज्य के सभी कार्यालयों में अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापना को लेकर ‘डीके टैक्स ‘ देना होता है। डीके टैक्स से सभी अधिकारी और सचिव तक त्रस्त हैं।
मंत्रियों के भी संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है। क्षेत्रीय अधिकारी वरिष्ठ पदाधिकारियों के आदेशों की भी अवहेलना कर रहे हैं। डीके टैक्स की भरपाई के लिए सरकारी राशि की लूट के साथ-साथ आम जनता का आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। कई स्थानों पर तो शारीरिक शोषण की भी खबर समय-समय पर मिलती रहती है। इससे आम जनता में सरकार और सरकारी संस्थाओं के प्रति भारी आक्रोश है।
–आईएएनएस
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