चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
–आईएएनएस
एसजीके
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पटना, 4 जून (आईएएनएस)। पूर्णिया की जिला अदालत ने 10 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में 35 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
30 जनवरी, 2013 को 40 लोगों के एक समूह ने महम्मद जमीलुद्दीन और उनके भतीजे अजहर आलम को जिले के बेगमपुर गांव में दिनदहाड़े पीट-पीटकर मार डाला था।
चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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पटना, 4 जून (आईएएनएस)। पूर्णिया की जिला अदालत ने 10 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में 35 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
30 जनवरी, 2013 को 40 लोगों के एक समूह ने महम्मद जमीलुद्दीन और उनके भतीजे अजहर आलम को जिले के बेगमपुर गांव में दिनदहाड़े पीट-पीटकर मार डाला था।
चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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पटना, 4 जून (आईएएनएस)। पूर्णिया की जिला अदालत ने 10 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में 35 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
30 जनवरी, 2013 को 40 लोगों के एक समूह ने महम्मद जमीलुद्दीन और उनके भतीजे अजहर आलम को जिले के बेगमपुर गांव में दिनदहाड़े पीट-पीटकर मार डाला था।
चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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पटना, 4 जून (आईएएनएस)। पूर्णिया की जिला अदालत ने 10 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में 35 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
30 जनवरी, 2013 को 40 लोगों के एक समूह ने महम्मद जमीलुद्दीन और उनके भतीजे अजहर आलम को जिले के बेगमपुर गांव में दिनदहाड़े पीट-पीटकर मार डाला था।
चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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पटना, 4 जून (आईएएनएस)। पूर्णिया की जिला अदालत ने 10 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में 35 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
30 जनवरी, 2013 को 40 लोगों के एक समूह ने महम्मद जमीलुद्दीन और उनके भतीजे अजहर आलम को जिले के बेगमपुर गांव में दिनदहाड़े पीट-पीटकर मार डाला था।
चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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पटना, 4 जून (आईएएनएस)। पूर्णिया की जिला अदालत ने 10 साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड के मामले में 35 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
30 जनवरी, 2013 को 40 लोगों के एक समूह ने महम्मद जमीलुद्दीन और उनके भतीजे अजहर आलम को जिले के बेगमपुर गांव में दिनदहाड़े पीट-पीटकर मार डाला था।
चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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30 जनवरी, 2013 को 40 लोगों के एक समूह ने महम्मद जमीलुद्दीन और उनके भतीजे अजहर आलम को जिले के बेगमपुर गांव में दिनदहाड़े पीट-पीटकर मार डाला था।
चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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30 जनवरी, 2013 को 40 लोगों के एक समूह ने महम्मद जमीलुद्दीन और उनके भतीजे अजहर आलम को जिले के बेगमपुर गांव में दिनदहाड़े पीट-पीटकर मार डाला था।
चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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30 जनवरी, 2013 को 40 लोगों के एक समूह ने महम्मद जमीलुद्दीन और उनके भतीजे अजहर आलम को जिले के बेगमपुर गांव में दिनदहाड़े पीट-पीटकर मार डाला था।
चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
पूर्णिया कोर्ट में अतिरिक्त सरकारी वकील ओम प्रकाश पासवान ने कहा, शनिवार को अदालत ने 35 अभियुक्तों को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। किशोर अभियुक्त को तीन साल तक निगरानी गृह में बिताने के बाद रिहा कर दिया गया। अदालत ने प्रत्येक दोषियों पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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चार अभियुक्तों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई, जबकि हत्या के समय एक किशोर निकला।
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