नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
–आईएएनएस
एएस
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
–आईएएनएस
एएस
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट में घटी अप्रत्याशित घटना के तहत न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को उसकी ही धरती पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया है। 1933 में पहला टेस्ट मैच खेलने वाली भारतीय क्रिकेट टीम साल 2024 में अपने घर पर पहली बार तीन मैचों की टेस्ट सीरीज को 3-0 से हार चुकी है। 91 साल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है।
टेस्ट मैचों के ओवरऑल इतिहास में भारत का सूपड़ा चौथी बार साफ हुआ है। लेकिन अपनी धरती पर इस तरह की यह पहली हार है। इससे पहले भारत को तीन या उससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड ने चार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है।
दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के वारे-न्यारे हैं। उन्होंने पहली बार विदेशी धरती पर लगातार तीन टेस्ट मैच जीते हैं। इस जीत के साथ ही कीवियों ने अपने टेस्ट इतिहास का दूसरा सबसे कम स्कोर डिफेंड करके दिखा दिया। इससे पहले उन्होंने साल 1978 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रनों का टारगेट सफलता से डिफेंड किया था।
इस टेस्ट सीरीज से पहले न्यूजीलैंड ने भारत में 36 में 2 टेस्ट मैच ही जीते थे। भारतीय टीम स्पिन ट्रैक पर जिस तरह से कीवी स्पिनरों को खेलना चाहती थी, वह समझ से परे था। इस पिच पर बैजबाल स्टाइल क्रिकेट दिखाना आत्मघाती कदम साबित हुआ।
भारत अपने टेस्ट इतिहास में चौथी बार 200 रनों से कम के टारगेट को चेज करने में नाकामयाब रहा। भारत इससे पहले साल 1997 में वेस्टइंडीज के खिलाफ ब्रिजटाउन में 120 रनों के टारगेट को भी हासिल नहीं कर पाया था।
फिलहाल स्थिति यह है कि भारत को बिना किसी पर निर्भर हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलना है तो उन्हें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पांच में से चार मैच जीतने ही होंगे। फिलहाल फॉर्म को देखते हुए चुनौतियां बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं।
भारत को अगला दौरा ऑस्ट्रेलिया का करना है जहां लंबी बॉर्डर गावस्कर सीरीज है। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को डाउन अंडर में पिछली दो बीजीटी सीरीज में हराने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन फिलहाल रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो सबसे सीनियर बल्लेबाजों की फॉर्म चिंता का विषय है। गेंदबाजी में भी मोहम्मद शमी की कमी खलने जा रही है।