नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और ब्रिटेन मजबूत रक्षा संबंध स्थापित करने, संयुक्त अनुसंधान करने के लिए साथ आए हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसके लिए भारत-यूके इलेक्ट्रिक प्रणोदन तकनीकी कार्यशाला का आयोजन 3 जुलाई को नई दिल्ली में किया गया। इसका उद्देश्य विद्युत प्रणोदन के क्षेत्र में सहयोग, ज्ञान का आदान-प्रदान और रोमांचक संभावनाओं का पता लगाना है।
इस कार्यशाला की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से राजीव प्रकाश, संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) और ब्रिटेन की ओर से कमोडोर जॉन वोयस, नौसेना बेस कमांडर, पोर्ट्समाउथ ने किया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कार्यशाला ने दोनों देशों के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के पेशेवरों के लिए एक साथ आने, अपनी जानकारियां साझा करने और जहाजों में इलेक्ट्रिक प्रणोदन के विकास पर सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।
कार्यशाला में हुई बातचीत और चर्चाओं ने विषय-वस्तु की व्यापक समझ प्रदान की और सहयोग एवं विचारों का आदान-प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त किया।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारत और ब्रिटेन की कार्यशाला के दौरान, दोनों पक्षों ने मजबूत रक्षा संबंध स्थापित करने, संयुक्त अनुसंधान करने, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं रणनीतिक साझेदारी के लिए मार्ग तलाश करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
–आईएएनएस
जीसीबी/एबीएम
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नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और ब्रिटेन मजबूत रक्षा संबंध स्थापित करने, संयुक्त अनुसंधान करने के लिए साथ आए हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसके लिए भारत-यूके इलेक्ट्रिक प्रणोदन तकनीकी कार्यशाला का आयोजन 3 जुलाई को नई दिल्ली में किया गया। इसका उद्देश्य विद्युत प्रणोदन के क्षेत्र में सहयोग, ज्ञान का आदान-प्रदान और रोमांचक संभावनाओं का पता लगाना है।
इस कार्यशाला की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से राजीव प्रकाश, संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) और ब्रिटेन की ओर से कमोडोर जॉन वोयस, नौसेना बेस कमांडर, पोर्ट्समाउथ ने किया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कार्यशाला ने दोनों देशों के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के पेशेवरों के लिए एक साथ आने, अपनी जानकारियां साझा करने और जहाजों में इलेक्ट्रिक प्रणोदन के विकास पर सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।
कार्यशाला में हुई बातचीत और चर्चाओं ने विषय-वस्तु की व्यापक समझ प्रदान की और सहयोग एवं विचारों का आदान-प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त किया।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारत और ब्रिटेन की कार्यशाला के दौरान, दोनों पक्षों ने मजबूत रक्षा संबंध स्थापित करने, संयुक्त अनुसंधान करने, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं रणनीतिक साझेदारी के लिए मार्ग तलाश करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
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नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और ब्रिटेन मजबूत रक्षा संबंध स्थापित करने, संयुक्त अनुसंधान करने के लिए साथ आए हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसके लिए भारत-यूके इलेक्ट्रिक प्रणोदन तकनीकी कार्यशाला का आयोजन 3 जुलाई को नई दिल्ली में किया गया। इसका उद्देश्य विद्युत प्रणोदन के क्षेत्र में सहयोग, ज्ञान का आदान-प्रदान और रोमांचक संभावनाओं का पता लगाना है।
इस कार्यशाला की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से राजीव प्रकाश, संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) और ब्रिटेन की ओर से कमोडोर जॉन वोयस, नौसेना बेस कमांडर, पोर्ट्समाउथ ने किया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कार्यशाला ने दोनों देशों के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के पेशेवरों के लिए एक साथ आने, अपनी जानकारियां साझा करने और जहाजों में इलेक्ट्रिक प्रणोदन के विकास पर सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।
कार्यशाला में हुई बातचीत और चर्चाओं ने विषय-वस्तु की व्यापक समझ प्रदान की और सहयोग एवं विचारों का आदान-प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त किया।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारत और ब्रिटेन की कार्यशाला के दौरान, दोनों पक्षों ने मजबूत रक्षा संबंध स्थापित करने, संयुक्त अनुसंधान करने, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं रणनीतिक साझेदारी के लिए मार्ग तलाश करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
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इस कार्यशाला की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से राजीव प्रकाश, संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) और ब्रिटेन की ओर से कमोडोर जॉन वोयस, नौसेना बेस कमांडर, पोर्ट्समाउथ ने किया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कार्यशाला ने दोनों देशों के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के पेशेवरों के लिए एक साथ आने, अपनी जानकारियां साझा करने और जहाजों में इलेक्ट्रिक प्रणोदन के विकास पर सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।
कार्यशाला में हुई बातचीत और चर्चाओं ने विषय-वस्तु की व्यापक समझ प्रदान की और सहयोग एवं विचारों का आदान-प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त किया।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारत और ब्रिटेन की कार्यशाला के दौरान, दोनों पक्षों ने मजबूत रक्षा संबंध स्थापित करने, संयुक्त अनुसंधान करने, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं रणनीतिक साझेदारी के लिए मार्ग तलाश करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
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इस कार्यशाला की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से राजीव प्रकाश, संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) और ब्रिटेन की ओर से कमोडोर जॉन वोयस, नौसेना बेस कमांडर, पोर्ट्समाउथ ने किया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कार्यशाला ने दोनों देशों के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के पेशेवरों के लिए एक साथ आने, अपनी जानकारियां साझा करने और जहाजों में इलेक्ट्रिक प्रणोदन के विकास पर सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।
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इस कार्यशाला की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से राजीव प्रकाश, संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) और ब्रिटेन की ओर से कमोडोर जॉन वोयस, नौसेना बेस कमांडर, पोर्ट्समाउथ ने किया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कार्यशाला ने दोनों देशों के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के पेशेवरों के लिए एक साथ आने, अपनी जानकारियां साझा करने और जहाजों में इलेक्ट्रिक प्रणोदन के विकास पर सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।
कार्यशाला में हुई बातचीत और चर्चाओं ने विषय-वस्तु की व्यापक समझ प्रदान की और सहयोग एवं विचारों का आदान-प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त किया।
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इस कार्यशाला की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से राजीव प्रकाश, संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) और ब्रिटेन की ओर से कमोडोर जॉन वोयस, नौसेना बेस कमांडर, पोर्ट्समाउथ ने किया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कार्यशाला ने दोनों देशों के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के पेशेवरों के लिए एक साथ आने, अपनी जानकारियां साझा करने और जहाजों में इलेक्ट्रिक प्रणोदन के विकास पर सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।
कार्यशाला में हुई बातचीत और चर्चाओं ने विषय-वस्तु की व्यापक समझ प्रदान की और सहयोग एवं विचारों का आदान-प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त किया।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारत और ब्रिटेन की कार्यशाला के दौरान, दोनों पक्षों ने मजबूत रक्षा संबंध स्थापित करने, संयुक्त अनुसंधान करने, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं रणनीतिक साझेदारी के लिए मार्ग तलाश करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
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कार्यशाला में हुई बातचीत और चर्चाओं ने विषय-वस्तु की व्यापक समझ प्रदान की और सहयोग एवं विचारों का आदान-प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त किया।
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इस कार्यशाला की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से राजीव प्रकाश, संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) और ब्रिटेन की ओर से कमोडोर जॉन वोयस, नौसेना बेस कमांडर, पोर्ट्समाउथ ने किया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कार्यशाला ने दोनों देशों के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के पेशेवरों के लिए एक साथ आने, अपनी जानकारियां साझा करने और जहाजों में इलेक्ट्रिक प्रणोदन के विकास पर सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।
कार्यशाला में हुई बातचीत और चर्चाओं ने विषय-वस्तु की व्यापक समझ प्रदान की और सहयोग एवं विचारों का आदान-प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त किया।
रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारत और ब्रिटेन की कार्यशाला के दौरान, दोनों पक्षों ने मजबूत रक्षा संबंध स्थापित करने, संयुक्त अनुसंधान करने, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं रणनीतिक साझेदारी के लिए मार्ग तलाश करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है।
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इस कार्यशाला की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से राजीव प्रकाश, संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) और ब्रिटेन की ओर से कमोडोर जॉन वोयस, नौसेना बेस कमांडर, पोर्ट्समाउथ ने किया।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक कार्यशाला ने दोनों देशों के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के पेशेवरों के लिए एक साथ आने, अपनी जानकारियां साझा करने और जहाजों में इलेक्ट्रिक प्रणोदन के विकास पर सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।
कार्यशाला में हुई बातचीत और चर्चाओं ने विषय-वस्तु की व्यापक समझ प्रदान की और सहयोग एवं विचारों का आदान-प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त किया।
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