चेन्नई, 10 फरवरी (आईएएनएस)। मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु पुलिस को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को राज्य की सार्वजनिक सड़कों पर रूट मार्च निकालने की अनुमति देने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति आर महादेवन और न्यायमूर्ति मोहम्मद शफीक की खंडपीठ ने शुक्रवार को आरएसएस के कार्यक्रमों को उनकी परिसर सीमा तक सीमित करने वाले एकल न्यायाधीश द्वारा पारित 4 नवंबर 2022 के पहले के आदेश को रद्द कर दिया। और कहा कि एक लोकतांत्रिक राज्य की जिम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों की बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को बनाए रखे।
पीठ ने आरएसएस को मार्च मार्ग के लिए तीन तिथियों का प्रस्ताव देने और आवश्यक पुलिस परमिट के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया। पुलिस को आरएसएस के आवेदन पर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने का आदेश देते हुए पीठ ने आरएसएस को शांतिपूर्ण तरीके से मार्च आयोजित करने का भी निर्देश दिया है।
–आईएएनएस
एफजेड/एएनएम
चेन्नई, 10 फरवरी (आईएएनएस)। मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु पुलिस को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को राज्य की सार्वजनिक सड़कों पर रूट मार्च निकालने की अनुमति देने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति आर महादेवन और न्यायमूर्ति मोहम्मद शफीक की खंडपीठ ने शुक्रवार को आरएसएस के कार्यक्रमों को उनकी परिसर सीमा तक सीमित करने वाले एकल न्यायाधीश द्वारा पारित 4 नवंबर 2022 के पहले के आदेश को रद्द कर दिया। और कहा कि एक लोकतांत्रिक राज्य की जिम्मेदारी है कि वह अपने नागरिकों की बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को बनाए रखे।
पीठ ने आरएसएस को मार्च मार्ग के लिए तीन तिथियों का प्रस्ताव देने और आवश्यक पुलिस परमिट के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया। पुलिस को आरएसएस के आवेदन पर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने का आदेश देते हुए पीठ ने आरएसएस को शांतिपूर्ण तरीके से मार्च आयोजित करने का भी निर्देश दिया है।
–आईएएनएस
एफजेड/एएनएम