मुंबई, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। मनोज कुमार बेहतरीन अभिनेता के साथ ही निर्देशक और लेखक भी थे। क्या आप जानते हैं कि उन्हें लेखन और निर्देशन के लिए प्रेरित करने वाली खूबसूरत अभिनेत्री कौन थीं? वह ‘बेदाग’, ‘गुमनाम’ और ‘शोर’ में उनके साथ काम करने वाली उनकी को-एक्ट्रेस ही थीं।
फिल्म ‘बेदाग’ में मनोज कुमार के साथ हीरोइन नंदा थीं। नंदा के भाई जयप्रकाश कर्नाटकी ने, जो खुद एक निर्देशक हैं, ‘बेदाग’ की शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सुनाया।
उन्होंने बताया, “मनोज कुमार स्क्रिप्ट के एक खास सीन से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए उन्होंने इसे अपने तरीके से फिर से लिखा। सबसे पहले उन्होंने जिस व्यक्ति से अपना फिर से लिखा हुआ सीन शेयर किया, वह नंदा थीं। उनके वर्जन से प्रभावित होकर उन्होंने निर्देशक से इसे फिल्म में शामिल करने पर जोर दिया।
“निर्देशक आर. भट्टाचार्य इसके लिए राजी हो गए और मनोज कुमार का लिखा गया सीन फिल्माया गया। नंदा ने ही मनोज कुमार को लिखने के लिए प्रेरित किया और उन्हें यह भी बताया कि वह एक सफल निर्देशक बन सकते हैं। फिल्म ‘शहीद’ की पटकथा लिखने के बाद ही मनोज कुमार में आत्मविश्वास आया और फिर उन्होंने न सिर्फ ‘उपकार’ लिखी, बल्कि उसका निर्देशन भी किया।”
उल्लेखनीय है कि मनोज कुमार की पत्नी शशि गोस्वामी नंदा से अक्सर कहती थीं कि उन्होंने उनके पति को प्रोत्साहित करके अभिनेता से लेखक-निर्देशक बना दिया। इसी बीच जब मनोज कुमार ने फिल्म ‘शोर’ शुरू की, तो उन्होंने सबसे पहले शर्मिला टैगोर और राखी से संपर्क किया, लेकिन दोनों ने गेस्ट रोल करने से मना कर दिया। बाद में नंदा ने वह भूमिका निभाई और फिल्म की सफलता में योगदान दिया।
दरअसल, नंदा ने ‘शोर’ के लिए कोई पैसा नहीं लिया था। इतना ही नहीं, जिस दिन नंदा का निधन हुआ, उनके नौकर ने मनोज कुमार को फोन करके उनकी बिगड़ती तबीयत के बारे में बताया। उस समय मनोज कुमार अपने पारिवारिक डॉक्टर से मेडिकल चेक-अप करवा रहे थे। उन्होंने तुरंत अपनी जांच रद्द की और डॉक्टर को अपनी कार से नंदा के घर भेज दिया। नंदा की जांच करने के बाद डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार का शुक्रवार को 87 साल की उम्र में मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में निधन हो गया। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 21 फरवरी 2025 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
–आईएएनएस
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