जबलपुर. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में महिला उत्पीड़न पर ठोस अंकुश लगाने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस दौरान संबंधित नियम-अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. आंतरिक शिकायत समिति की सदस्य जिला न्यायाधीश निशा गुप्ता ने अवगत कराया कि नौ दिसंबर, 2013 को लागू अधिनियम में स्पष्ट उल्लेख है कि किसी भी कार्यस्थल पर कार्यरत महिला का यौन उत्पीड़न अपराध की परिधि में आता है.
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विशेष न्यायाधीश गिरीश दीक्षित ने लिंग समानता को भारतीय संविधान एवं अन्य विधियों पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को कार्य स्थल पर सशक्त होकर कार्य करने के लिए प्रेरित किया.
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के अर्तगत निश्शुक्ल एवं सक्षम विधिक सहायता, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का अधिनियम पर प्रकाश डाला. संचालन जिला विधिक सहायता अधिकारी बीडी दीक्षित ने किया. प्रशासनिक अधिकारी अनिरूद्ध कुमार चतुर्वेदी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अमर बर्मन का विशेष सहयोग रहा.