कोलकाता, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो प्रमुख नेताओं के रविवार के बयानों ने संकेत दिया कि पार्टी की कृष्णानगर सांसद महुआ मोइत्रा को उभरते ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ विवाद में अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी।
एक तरफ राज्यसभा में पार्टी के नेता डेरेक ओ’ ब्रायन ने साफ कहा कि पार्टी इस मामले में अपना रुख संसद की एथिक्स कमेटी के फैसले के बाद ही स्पष्ट करेगी। यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व ने सांसद को अपने ऊपर लगे आरोपों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की सलाह दी है।
दूसरी ओर, राज्य के नगरपालिका मामलों और शहरी विकास मंत्री, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने रविवार को दावा किया, ”महुआ खुद को इस मामले से बाहर लाने में काफी सक्षम हैं। हो सकता है कि उनके खिलाफ साजिश रची गई हो, क्योंकि वह मुखर हैं।”
‘कैश फॉर क्वेरी’ विवाद छिड़ने के बाद से तृणमूल कांग्रेस इस मामले से रणनीतिक दूरी बनाए हुए है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कथित तौर पर पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर शनिवार को यहां तक घोषणा कर दी कि पार्टी को इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है।
उन्होंने कहा, ”पार्टी इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देगी।” राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि रविवार को पार्टी नेताओं के ताजा बयानों से यह स्पष्ट है कि ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ मुद्दे से निपटना एकजुट पार्टी के मामले के बजाय महुआ मोइत्रा की व्यक्तिगत लड़ाई है और उन्हें अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी।
–आईएएनएस
एफजेड/एसजीके
कोलकाता, 22 अक्टूबर (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो प्रमुख नेताओं के रविवार के बयानों ने संकेत दिया कि पार्टी की कृष्णानगर सांसद महुआ मोइत्रा को उभरते ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ विवाद में अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी।
एक तरफ राज्यसभा में पार्टी के नेता डेरेक ओ’ ब्रायन ने साफ कहा कि पार्टी इस मामले में अपना रुख संसद की एथिक्स कमेटी के फैसले के बाद ही स्पष्ट करेगी। यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व ने सांसद को अपने ऊपर लगे आरोपों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने की सलाह दी है।
दूसरी ओर, राज्य के नगरपालिका मामलों और शहरी विकास मंत्री, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने रविवार को दावा किया, ”महुआ खुद को इस मामले से बाहर लाने में काफी सक्षम हैं। हो सकता है कि उनके खिलाफ साजिश रची गई हो, क्योंकि वह मुखर हैं।”
‘कैश फॉर क्वेरी’ विवाद छिड़ने के बाद से तृणमूल कांग्रेस इस मामले से रणनीतिक दूरी बनाए हुए है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कथित तौर पर पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर शनिवार को यहां तक घोषणा कर दी कि पार्टी को इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करनी है।
उन्होंने कहा, ”पार्टी इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देगी।” राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि रविवार को पार्टी नेताओं के ताजा बयानों से यह स्पष्ट है कि ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ मुद्दे से निपटना एकजुट पार्टी के मामले के बजाय महुआ मोइत्रा की व्यक्तिगत लड़ाई है और उन्हें अपनी लड़ाई खुद लड़नी होगी।
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