बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
–आईएएनएस
एफजेड/एसकेपी
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बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
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बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
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बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
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बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
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बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
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बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
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बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
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बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
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बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
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भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
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भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
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भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
–आईएएनएस
एफजेड/एसकेपी
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बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
–आईएएनएस
एफजेड/एसकेपी
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बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।
–आईएएनएस
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बेंगलुरु, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। मुसलमानों को विशेष अनुदान आवंटित करने और समुदाय को सुरक्षा का आश्वासन देने पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बयान ने राज्य में विवाद पैदा कर दिया है।
भाजपा ने तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा लेने के लिए उनकी आलोचना की। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को कहा कि सिद्दारमैया ने राष्ट्रीय संसाधनों में अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार देने की बात कही है।
यह वोट बैंक और तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री सभी को न्याय दिलाने का अपना कर्तव्य भूल गए हैं। बोम्मई ने आगे कहा कि पहले से ही अल्पसंख्यकों के लिए वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक आयोग और अल्पसंख्यक निगम जैसे विभाग हैं जिन्हें कई कार्यक्रमों के माध्यम से फंड मिलता रहा है।
सभी सरकारों की मंशा रही है कि आत्मनिर्भर बनने के लिए उन्हें भी शिक्षित किया जाए। लेकिन मुख्यमंत्री का दूसरे समुदायों पर हावी होने का बयान बेहद निंदनीय है। बोम्मई ने आरोप लगाया कि एससी और एसटी के विकास के लिए आरक्षित धनराशि को गारंटी योजनाओं में लगा दिया गया है और उन दो उत्पीड़ित समुदायों के साथ अन्याय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्दारमैया ने कहा कि मुसलमानों के लिए अधिक अनुदान दिया जाएगा जो तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। इससे न केवल राज्य का खजाना दिवालिया हो जाएगा, बल्कि सामाजिक भेदभाव भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने मंगलवार को कहा था कि राज्य के बजट में अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये आवंटित करने में कुछ भी गलत नहीं है। राज्य में मुसलमानों की सुरक्षा के बारे में अपने बयान पर भाजपा की आपत्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्दारमैया ने स्पष्ट किया था, “मैंने कहा है कि मुसलमानों समेत सभी को सुरक्षा दी जाएगी।”
सीएम ने संभावित रूप से उनके बयान के केवल एक हिस्से को उजागर करने और व्यापक संदर्भ की उपेक्षा करने के लिए मीडिया पर असंतोष व्यक्त किया।