नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।
–आईएएनएस
एफजेड/एबीएम
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। युवाओं को हफ्ते में 70 घंटे काम करने के बयान पर भारी बहस छिड़ने के बाद इंफोसिस के संस्थापक एनआर. नारायण मूर्ति ने कहा है कि वह कार्य के लिए सुबह 6:20 बजे ऑफिस में होते थे।
अक्टूबर में 3वन4 कैपिटल के पॉडकास्ट ‘द रिकॉर्ड’ में नारायण मूर्ति ने सुझाव दिया था कि देश की उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं को हर हफ्ते 70 घंटे काम करना चाहिए। उनका बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसे लोगों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली।
नारायण मूर्ति ने द इकोनॉमिक टाइम्स को बताया, ”मैं सुबह 6:20 बजे कार्यालय में होता था और रात 8:30 बजे कार्यालय छोड़ देता था और हफ्ते में छह दिन काम करता था। मैं जानता हूं कि जो भी देश समृद्ध हुआ, उसने कड़ी मेहनत से ऐसा किया।”
उन्होंने आगे कहा, ”अपने पूरे 40 से अधिक वर्षों के पेशेवर जीवन के दौरान, मैंने हफ्ते में 70 घंटे काम किया। जब 1994 तक हमारा हफ्ता छह दिन का था, तब मैं सप्ताह में कम से कम 85 से 90 घंटे काम करता था।”
मूर्ति की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया था। जबकि कुछ लोग उनसे सहमत थे, अधिकांश लोग इस तरह के कठिन कार्य शेड्यूल के स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों के बारे में चिंतित थे।
मूर्ति ने पॉडकास्ट पर राष्ट्र-निर्माण, प्रौद्योगिकी, अपनी कंपनी इंफोसिस और आज के युवाओं पर अपनी राय सहित कई अन्य विषयों पर भी बात की।