नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
उन्होंने कहा, “आजकल दिल्ली में हर जगह रामलीला चल रही है। मैं लोगों से कहूंगा कि अगर दिल्ली में कहीं भी भ्रष्टाचार की रामलीला चल रही है, तो इन लोगों को बुलाओ।”
सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
–आईएएनएस
आरके/जीकेटी
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
उन्होंने कहा, “आजकल दिल्ली में हर जगह रामलीला चल रही है। मैं लोगों से कहूंगा कि अगर दिल्ली में कहीं भी भ्रष्टाचार की रामलीला चल रही है, तो इन लोगों को बुलाओ।”
सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
उन्होंने कहा, “आजकल दिल्ली में हर जगह रामलीला चल रही है। मैं लोगों से कहूंगा कि अगर दिल्ली में कहीं भी भ्रष्टाचार की रामलीला चल रही है, तो इन लोगों को बुलाओ।”
सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
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आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
उन्होंने कहा, “आजकल दिल्ली में हर जगह रामलीला चल रही है। मैं लोगों से कहूंगा कि अगर दिल्ली में कहीं भी भ्रष्टाचार की रामलीला चल रही है, तो इन लोगों को बुलाओ।”
सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
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सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
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आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
उन्होंने कहा, “आजकल दिल्ली में हर जगह रामलीला चल रही है। मैं लोगों से कहूंगा कि अगर दिल्ली में कहीं भी भ्रष्टाचार की रामलीला चल रही है, तो इन लोगों को बुलाओ।”
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इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
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सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
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इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
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सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
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सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
–आईएएनएस
आरके/जीकेटी
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
उन्होंने कहा, “आजकल दिल्ली में हर जगह रामलीला चल रही है। मैं लोगों से कहूंगा कि अगर दिल्ली में कहीं भी भ्रष्टाचार की रामलीला चल रही है, तो इन लोगों को बुलाओ।”
सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
उन्होंने कहा, “आजकल दिल्ली में हर जगह रामलीला चल रही है। मैं लोगों से कहूंगा कि अगर दिल्ली में कहीं भी भ्रष्टाचार की रामलीला चल रही है, तो इन लोगों को बुलाओ।”
सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
उन्होंने कहा, “आजकल दिल्ली में हर जगह रामलीला चल रही है। मैं लोगों से कहूंगा कि अगर दिल्ली में कहीं भी भ्रष्टाचार की रामलीला चल रही है, तो इन लोगों को बुलाओ।”
सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
उन्होंने कहा, “आजकल दिल्ली में हर जगह रामलीला चल रही है। मैं लोगों से कहूंगा कि अगर दिल्ली में कहीं भी भ्रष्टाचार की रामलीला चल रही है, तो इन लोगों को बुलाओ।”
सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
उन्होंने कहा, “आजकल दिल्ली में हर जगह रामलीला चल रही है। मैं लोगों से कहूंगा कि अगर दिल्ली में कहीं भी भ्रष्टाचार की रामलीला चल रही है, तो इन लोगों को बुलाओ।”
सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
उन्होंने कहा, “आजकल दिल्ली में हर जगह रामलीला चल रही है। मैं लोगों से कहूंगा कि अगर दिल्ली में कहीं भी भ्रष्टाचार की रामलीला चल रही है, तो इन लोगों को बुलाओ।”
सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
इससे पहले आतिशी ने एक्स पोस्ट पर सीएम पद संभालने के बाद लिखा, ”आज मैंने दिल्ली के मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी संभाली है। आज मेरे मन में वो ही व्यथा है जो भरत के मन में थी जब उनके बड़े भाई भगवान श्री राम 14 साल के वनवास पर गए थे, और भरत को अयोध्या का शासन संभालना पड़ा था। जैसे भरत ने 14 साल भगवान श्री राम की खड़ाऊं रखकर अयोध्या का शासन संभाला, वैसे ही मैं 4 महीने दिल्ली की सरकार चलाऊंगी।”
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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली की नई मुख्यमंत्री आतिशी ने सोमवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, आतिशी ने सीएम ऑफिस में वह कुर्सी खाली रखी है जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठते थे। केजरीवाल की तुलना भगवान राम से करते हुए आतिशी ने कहा है कि वह भरत की तरह सरकार चलाएंगी। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे संविधान को कलंकित करने वाला दृश्य बताया है।
आईएएनएस से बात करते हुए सचदेवा ने बताया कि आज जो दृश्य देखने को मिला, वह संविधान को कलंकित करने वाला है। संविधान के नियमों के तहत कुछ नियमों, कुछ कानूनों का पालन करना होता है। लेकिन, आज दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने दिल्ली की छवि को कलंकित करने का काम किया है। अगर यही सब ड्रामा करना था तो शपथ लेने की जरूरत नहीं थी। वह जमानत पर छूटे एक भ्रष्ट व्यक्ति पर ईमानदारी का टैग लगाना चाहती हैं, जो संभव नहीं है। आप जो ड्रामा कर रहे हैं, वह गलत है।
उन्होंने कहा, “आजकल दिल्ली में हर जगह रामलीला चल रही है। मैं लोगों से कहूंगा कि अगर दिल्ली में कहीं भी भ्रष्टाचार की रामलीला चल रही है, तो इन लोगों को बुलाओ।”
सीएम आतिशी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार क्यों चलाते हो, आप पहले दिन ड्रामा कर रहे हो, आपको बताना चाहिए था कि दिल्ली में बढ़ी हुई बिजली की कीमतें कैसे कम होगी, लोगों को शुद्ध पानी कैसे मिलेगा, दिल्ली की समस्याएं कब सुधरेगी, दिल्ली के लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है उसे आप कैसे ठीक करोगे, नालों की सफाई नहीं हो रही है उसे आप कैसे ठीक करोगे, स्वास्थ्य विभाग में लोगों को कैसे परमानेंट करोगे। इन सब मुद्दों पर बात ना करके आप सिर्फ दिल्ली के लोगों को लूटना चाहते हो, उन्हें ठगना चाहते हो और इस तरह का ड्रामा दिखाकर आतिशी दिल्ली के लोगों को बेवकूफ बनाने का काम कर रही है।
इधर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आतिशी की फोटो शेयर करते हुए लिखा,” दिल्ली में ये ड्रामा बंद होना चाहिए। आज आतिशी मार्लेना ने अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी के बगल में एक खाली कुर्सी रखकर पदभार संभाला। यानी आतिशी दिल्ली सरकार की मनमोहन सिंह हैं और असली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने फाइल साइन करना तो दूर, दिल्ली सचिवालय जाने से भी रोक दिया है। ये बाबा साहेब के बनाए संविधान का मखौल है। मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ मार्लेना ने ली है, खाली कुर्सी पर बैठे केजरीवाल के भूत ने नहीं।”
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