लखनऊ, 4 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों से शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग, आपातकालीन देखभाल और पर्यावरण के 5ई फॉर्मूले का पालन करने को कहा है।
उन्होंने इस तथ्य को भी चिंताजनक करार दिया कि जहां कोविड ने तीन वर्षों में 23,600 लोगों की जान ली, वहीं 2022 के केवल एक वर्ष में सड़क दुर्घटनाओं में 21,200 लोगों की जान चली गई।
इसी सबको देखते हुए राज्य सरकार 5 जनवरी से 4 फरवरी तक सड़क सुरक्षा पर एक महीने का अभियान चलाएगी।
योगी ने कहा कि, सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ एक विभाग तक सीमित नहीं है और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सामुदायिक प्रयास की जरूरत है। खराब सड़क इंजीनियरिंग के अलावा, ओवर स्पीडिंग, ओवरलोडिंग, सुरक्षा उपकरणों का उपयोग न करना और शराब पीकर गाड़ी चलाना प्रमुख कारण हैं।
ज्यादातर मामले कानपुर, आगरा, प्रयागराज, अलीगढ़, बुलंदशहर और मथुरा जैसे बड़े शहरों में होते हैं।
उन्होंने कहा कि, इन शहरों से जुड़े राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर ध्यान देने के प्रयास किए जाने चाहिए। इसी के साथ ओवरलोडिंग रोकने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाए।
–आईएएनएस
पीटी/एचएमए
लखनऊ, 4 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारियों से शिक्षा, प्रवर्तन, इंजीनियरिंग, आपातकालीन देखभाल और पर्यावरण के 5ई फॉर्मूले का पालन करने को कहा है।
उन्होंने इस तथ्य को भी चिंताजनक करार दिया कि जहां कोविड ने तीन वर्षों में 23,600 लोगों की जान ली, वहीं 2022 के केवल एक वर्ष में सड़क दुर्घटनाओं में 21,200 लोगों की जान चली गई।
इसी सबको देखते हुए राज्य सरकार 5 जनवरी से 4 फरवरी तक सड़क सुरक्षा पर एक महीने का अभियान चलाएगी।
योगी ने कहा कि, सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ एक विभाग तक सीमित नहीं है और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सामुदायिक प्रयास की जरूरत है। खराब सड़क इंजीनियरिंग के अलावा, ओवर स्पीडिंग, ओवरलोडिंग, सुरक्षा उपकरणों का उपयोग न करना और शराब पीकर गाड़ी चलाना प्रमुख कारण हैं।
ज्यादातर मामले कानपुर, आगरा, प्रयागराज, अलीगढ़, बुलंदशहर और मथुरा जैसे बड़े शहरों में होते हैं।
उन्होंने कहा कि, इन शहरों से जुड़े राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर ध्यान देने के प्रयास किए जाने चाहिए। इसी के साथ ओवरलोडिंग रोकने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाए।
–आईएएनएस
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