नई दिल्ली, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। टोक्यो पैरालिंपिक और एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता योगेश कथूनिया ने पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। मौजूदा खेलों में शीर्ष एथलीट ने एफ 56 श्रेणी में 40.09 मीटर का थ्रो किया।
योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
–आईएएनएस
एएमजे/एसकेपी
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नई दिल्ली, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। टोक्यो पैरालिंपिक और एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता योगेश कथूनिया ने पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। मौजूदा खेलों में शीर्ष एथलीट ने एफ 56 श्रेणी में 40.09 मीटर का थ्रो किया।
योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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नई दिल्ली, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। टोक्यो पैरालिंपिक और एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता योगेश कथूनिया ने पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। मौजूदा खेलों में शीर्ष एथलीट ने एफ 56 श्रेणी में 40.09 मीटर का थ्रो किया।
योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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नई दिल्ली, 14 दिसंबर (आईएएनएस)। टोक्यो पैरालिंपिक और एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता योगेश कथूनिया ने पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। मौजूदा खेलों में शीर्ष एथलीट ने एफ 56 श्रेणी में 40.09 मीटर का थ्रो किया।
योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
योगेश ने युवाआों का जिक्र करते हुए कहा, “इससे युवा एथलीटों को चैंपियंस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का अच्छा मौका मिलेगा। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और उसमें सुधार करने का मंच भी मिलेगा।”
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योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
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योगेश और दूसरे स्थान पर रहे उत्तर प्रदेश के बीरभद्र सिंह के बीच का अंतर 4 मीटर का था। उन्होंने 36.42 मीटर थ्रो किया और तमिलनाडु के प्रकाश वी ने 33.91 मीटर थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।
योगेश ने कहा, “मैं थ्रो से बहुत खुश नहीं हूं और अब मेरा ध्यान अगले टूर्नामेंट में अपने थ्रो में सुधार करना है। मुझे इस बात की भी बहुत खुशी है कि खेलो इंडिया पैरा गेम्स शुरू हो गए हैं और मैंने यहां स्वर्ण पदक जीता है। नई प्रतिभाओं को पहचानने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक बेहतरीन मंच है।”
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