अयोध्या, 28 मई (आईएएनएस)। देश के अलग-अलग हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी से लोग बहुत परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। भीषण गर्मी से भक्त से लेकर भगवान तक परेशान हैं।
भीषण गर्मी के बीच अयोध्या में मंदिर में विराजमान भगवान की दिनचर्या भी बदल दी गई है। राम मंदिर में विराजमान बालक राम के राग भोग में बदलाव किया गया है।
अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर में विराजमान प्रभु राम को भोग में दही और फलों का जूस दिया जा रहा है। उनकी शीतल आरती हो रही है। उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान हैं। इसलिए उन्हें सर्दी-गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस समय नौतपा चलने की वजह से रामलला को भोग में शीतल (ठंडे) व्यंजन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
पहले सुबह रामलला की केवल दीपों से आरती होती थी। लेकिन इस समय गर्मी ज्यादा है, जिसके चलते चांदी की थाली में चारों तरफ फूल बिछाकर उनकी आरती की जाती है। साथ ही सुबह और शाम के भोग में उन्हें दही दिया जाता है।
इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने आगे कहा कि राम मंदिर में प्रभु राम बालक स्वरूप में विराजमान हैं। उनकी सेवा उनकी देखरेख पुजारी का परम कर्तव्य होता है।
अयोध्या में भीषण गर्मी हो रही है। ऐसी स्थिति में बालक राम को गर्मी से बचने के लिए शीतल पदार्थ का भोग लगाया जा रहा है। भोग में दही, रबड़ी, जूस और मौसमी फल शामिल हैं। प्रभु राम की फूलों से आरती की जा रही है, ताकि बालक राम गर्मी में भी राम भक्तों को अद्भुत और अलौकिक दर्शन दे सकें। इसके साथ उन्हें सूती वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं।
–आईएएनएस
एफजेड/एसकेपी
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अयोध्या, 28 मई (आईएएनएस)। देश के अलग-अलग हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी से लोग बहुत परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। भीषण गर्मी से भक्त से लेकर भगवान तक परेशान हैं।
भीषण गर्मी के बीच अयोध्या में मंदिर में विराजमान भगवान की दिनचर्या भी बदल दी गई है। राम मंदिर में विराजमान बालक राम के राग भोग में बदलाव किया गया है।
अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर में विराजमान प्रभु राम को भोग में दही और फलों का जूस दिया जा रहा है। उनकी शीतल आरती हो रही है। उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान हैं। इसलिए उन्हें सर्दी-गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस समय नौतपा चलने की वजह से रामलला को भोग में शीतल (ठंडे) व्यंजन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
पहले सुबह रामलला की केवल दीपों से आरती होती थी। लेकिन इस समय गर्मी ज्यादा है, जिसके चलते चांदी की थाली में चारों तरफ फूल बिछाकर उनकी आरती की जाती है। साथ ही सुबह और शाम के भोग में उन्हें दही दिया जाता है।
इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने आगे कहा कि राम मंदिर में प्रभु राम बालक स्वरूप में विराजमान हैं। उनकी सेवा उनकी देखरेख पुजारी का परम कर्तव्य होता है।
अयोध्या में भीषण गर्मी हो रही है। ऐसी स्थिति में बालक राम को गर्मी से बचने के लिए शीतल पदार्थ का भोग लगाया जा रहा है। भोग में दही, रबड़ी, जूस और मौसमी फल शामिल हैं। प्रभु राम की फूलों से आरती की जा रही है, ताकि बालक राम गर्मी में भी राम भक्तों को अद्भुत और अलौकिक दर्शन दे सकें। इसके साथ उन्हें सूती वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं।
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अयोध्या, 28 मई (आईएएनएस)। देश के अलग-अलग हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी से लोग बहुत परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। भीषण गर्मी से भक्त से लेकर भगवान तक परेशान हैं।
भीषण गर्मी के बीच अयोध्या में मंदिर में विराजमान भगवान की दिनचर्या भी बदल दी गई है। राम मंदिर में विराजमान बालक राम के राग भोग में बदलाव किया गया है।
अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर में विराजमान प्रभु राम को भोग में दही और फलों का जूस दिया जा रहा है। उनकी शीतल आरती हो रही है। उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान हैं। इसलिए उन्हें सर्दी-गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस समय नौतपा चलने की वजह से रामलला को भोग में शीतल (ठंडे) व्यंजन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
पहले सुबह रामलला की केवल दीपों से आरती होती थी। लेकिन इस समय गर्मी ज्यादा है, जिसके चलते चांदी की थाली में चारों तरफ फूल बिछाकर उनकी आरती की जाती है। साथ ही सुबह और शाम के भोग में उन्हें दही दिया जाता है।
इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
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अयोध्या में भीषण गर्मी हो रही है। ऐसी स्थिति में बालक राम को गर्मी से बचने के लिए शीतल पदार्थ का भोग लगाया जा रहा है। भोग में दही, रबड़ी, जूस और मौसमी फल शामिल हैं। प्रभु राम की फूलों से आरती की जा रही है, ताकि बालक राम गर्मी में भी राम भक्तों को अद्भुत और अलौकिक दर्शन दे सकें। इसके साथ उन्हें सूती वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं।
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भीषण गर्मी के बीच अयोध्या में मंदिर में विराजमान भगवान की दिनचर्या भी बदल दी गई है। राम मंदिर में विराजमान बालक राम के राग भोग में बदलाव किया गया है।
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राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान हैं। इसलिए उन्हें सर्दी-गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस समय नौतपा चलने की वजह से रामलला को भोग में शीतल (ठंडे) व्यंजन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
पहले सुबह रामलला की केवल दीपों से आरती होती थी। लेकिन इस समय गर्मी ज्यादा है, जिसके चलते चांदी की थाली में चारों तरफ फूल बिछाकर उनकी आरती की जाती है। साथ ही सुबह और शाम के भोग में उन्हें दही दिया जाता है।
इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
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इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
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राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान हैं। इसलिए उन्हें सर्दी-गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस समय नौतपा चलने की वजह से रामलला को भोग में शीतल (ठंडे) व्यंजन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
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इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
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भीषण गर्मी के बीच अयोध्या में मंदिर में विराजमान भगवान की दिनचर्या भी बदल दी गई है। राम मंदिर में विराजमान बालक राम के राग भोग में बदलाव किया गया है।
अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर में विराजमान प्रभु राम को भोग में दही और फलों का जूस दिया जा रहा है। उनकी शीतल आरती हो रही है। उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान हैं। इसलिए उन्हें सर्दी-गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस समय नौतपा चलने की वजह से रामलला को भोग में शीतल (ठंडे) व्यंजन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
पहले सुबह रामलला की केवल दीपों से आरती होती थी। लेकिन इस समय गर्मी ज्यादा है, जिसके चलते चांदी की थाली में चारों तरफ फूल बिछाकर उनकी आरती की जाती है। साथ ही सुबह और शाम के भोग में उन्हें दही दिया जाता है।
इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने आगे कहा कि राम मंदिर में प्रभु राम बालक स्वरूप में विराजमान हैं। उनकी सेवा उनकी देखरेख पुजारी का परम कर्तव्य होता है।
अयोध्या में भीषण गर्मी हो रही है। ऐसी स्थिति में बालक राम को गर्मी से बचने के लिए शीतल पदार्थ का भोग लगाया जा रहा है। भोग में दही, रबड़ी, जूस और मौसमी फल शामिल हैं। प्रभु राम की फूलों से आरती की जा रही है, ताकि बालक राम गर्मी में भी राम भक्तों को अद्भुत और अलौकिक दर्शन दे सकें। इसके साथ उन्हें सूती वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं।
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भीषण गर्मी के बीच अयोध्या में मंदिर में विराजमान भगवान की दिनचर्या भी बदल दी गई है। राम मंदिर में विराजमान बालक राम के राग भोग में बदलाव किया गया है।
अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर में विराजमान प्रभु राम को भोग में दही और फलों का जूस दिया जा रहा है। उनकी शीतल आरती हो रही है। उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान हैं। इसलिए उन्हें सर्दी-गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस समय नौतपा चलने की वजह से रामलला को भोग में शीतल (ठंडे) व्यंजन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
पहले सुबह रामलला की केवल दीपों से आरती होती थी। लेकिन इस समय गर्मी ज्यादा है, जिसके चलते चांदी की थाली में चारों तरफ फूल बिछाकर उनकी आरती की जाती है। साथ ही सुबह और शाम के भोग में उन्हें दही दिया जाता है।
इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने आगे कहा कि राम मंदिर में प्रभु राम बालक स्वरूप में विराजमान हैं। उनकी सेवा उनकी देखरेख पुजारी का परम कर्तव्य होता है।
अयोध्या में भीषण गर्मी हो रही है। ऐसी स्थिति में बालक राम को गर्मी से बचने के लिए शीतल पदार्थ का भोग लगाया जा रहा है। भोग में दही, रबड़ी, जूस और मौसमी फल शामिल हैं। प्रभु राम की फूलों से आरती की जा रही है, ताकि बालक राम गर्मी में भी राम भक्तों को अद्भुत और अलौकिक दर्शन दे सकें। इसके साथ उन्हें सूती वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं।
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भीषण गर्मी के बीच अयोध्या में मंदिर में विराजमान भगवान की दिनचर्या भी बदल दी गई है। राम मंदिर में विराजमान बालक राम के राग भोग में बदलाव किया गया है।
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राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान हैं। इसलिए उन्हें सर्दी-गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस समय नौतपा चलने की वजह से रामलला को भोग में शीतल (ठंडे) व्यंजन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
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इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
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अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर में विराजमान प्रभु राम को भोग में दही और फलों का जूस दिया जा रहा है। उनकी शीतल आरती हो रही है। उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान हैं। इसलिए उन्हें सर्दी-गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस समय नौतपा चलने की वजह से रामलला को भोग में शीतल (ठंडे) व्यंजन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
पहले सुबह रामलला की केवल दीपों से आरती होती थी। लेकिन इस समय गर्मी ज्यादा है, जिसके चलते चांदी की थाली में चारों तरफ फूल बिछाकर उनकी आरती की जाती है। साथ ही सुबह और शाम के भोग में उन्हें दही दिया जाता है।
इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने आगे कहा कि राम मंदिर में प्रभु राम बालक स्वरूप में विराजमान हैं। उनकी सेवा उनकी देखरेख पुजारी का परम कर्तव्य होता है।
अयोध्या में भीषण गर्मी हो रही है। ऐसी स्थिति में बालक राम को गर्मी से बचने के लिए शीतल पदार्थ का भोग लगाया जा रहा है। भोग में दही, रबड़ी, जूस और मौसमी फल शामिल हैं। प्रभु राम की फूलों से आरती की जा रही है, ताकि बालक राम गर्मी में भी राम भक्तों को अद्भुत और अलौकिक दर्शन दे सकें। इसके साथ उन्हें सूती वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं।
–आईएएनएस
एफजेड/एसकेपी
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अयोध्या, 28 मई (आईएएनएस)। देश के अलग-अलग हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी से लोग बहुत परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। भीषण गर्मी से भक्त से लेकर भगवान तक परेशान हैं।
भीषण गर्मी के बीच अयोध्या में मंदिर में विराजमान भगवान की दिनचर्या भी बदल दी गई है। राम मंदिर में विराजमान बालक राम के राग भोग में बदलाव किया गया है।
अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर में विराजमान प्रभु राम को भोग में दही और फलों का जूस दिया जा रहा है। उनकी शीतल आरती हो रही है। उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान हैं। इसलिए उन्हें सर्दी-गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस समय नौतपा चलने की वजह से रामलला को भोग में शीतल (ठंडे) व्यंजन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
पहले सुबह रामलला की केवल दीपों से आरती होती थी। लेकिन इस समय गर्मी ज्यादा है, जिसके चलते चांदी की थाली में चारों तरफ फूल बिछाकर उनकी आरती की जाती है। साथ ही सुबह और शाम के भोग में उन्हें दही दिया जाता है।
इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने आगे कहा कि राम मंदिर में प्रभु राम बालक स्वरूप में विराजमान हैं। उनकी सेवा उनकी देखरेख पुजारी का परम कर्तव्य होता है।
अयोध्या में भीषण गर्मी हो रही है। ऐसी स्थिति में बालक राम को गर्मी से बचने के लिए शीतल पदार्थ का भोग लगाया जा रहा है। भोग में दही, रबड़ी, जूस और मौसमी फल शामिल हैं। प्रभु राम की फूलों से आरती की जा रही है, ताकि बालक राम गर्मी में भी राम भक्तों को अद्भुत और अलौकिक दर्शन दे सकें। इसके साथ उन्हें सूती वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं।
–आईएएनएस
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अयोध्या, 28 मई (आईएएनएस)। देश के अलग-अलग हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी से लोग बहुत परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। भीषण गर्मी से भक्त से लेकर भगवान तक परेशान हैं।
भीषण गर्मी के बीच अयोध्या में मंदिर में विराजमान भगवान की दिनचर्या भी बदल दी गई है। राम मंदिर में विराजमान बालक राम के राग भोग में बदलाव किया गया है।
अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर में विराजमान प्रभु राम को भोग में दही और फलों का जूस दिया जा रहा है। उनकी शीतल आरती हो रही है। उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान हैं। इसलिए उन्हें सर्दी-गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस समय नौतपा चलने की वजह से रामलला को भोग में शीतल (ठंडे) व्यंजन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
पहले सुबह रामलला की केवल दीपों से आरती होती थी। लेकिन इस समय गर्मी ज्यादा है, जिसके चलते चांदी की थाली में चारों तरफ फूल बिछाकर उनकी आरती की जाती है। साथ ही सुबह और शाम के भोग में उन्हें दही दिया जाता है।
इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने आगे कहा कि राम मंदिर में प्रभु राम बालक स्वरूप में विराजमान हैं। उनकी सेवा उनकी देखरेख पुजारी का परम कर्तव्य होता है।
अयोध्या में भीषण गर्मी हो रही है। ऐसी स्थिति में बालक राम को गर्मी से बचने के लिए शीतल पदार्थ का भोग लगाया जा रहा है। भोग में दही, रबड़ी, जूस और मौसमी फल शामिल हैं। प्रभु राम की फूलों से आरती की जा रही है, ताकि बालक राम गर्मी में भी राम भक्तों को अद्भुत और अलौकिक दर्शन दे सकें। इसके साथ उन्हें सूती वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं।
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अयोध्या, 28 मई (आईएएनएस)। देश के अलग-अलग हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी से लोग बहुत परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। भीषण गर्मी से भक्त से लेकर भगवान तक परेशान हैं।
भीषण गर्मी के बीच अयोध्या में मंदिर में विराजमान भगवान की दिनचर्या भी बदल दी गई है। राम मंदिर में विराजमान बालक राम के राग भोग में बदलाव किया गया है।
अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर में विराजमान प्रभु राम को भोग में दही और फलों का जूस दिया जा रहा है। उनकी शीतल आरती हो रही है। उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान हैं। इसलिए उन्हें सर्दी-गर्मी से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। इस समय नौतपा चलने की वजह से रामलला को भोग में शीतल (ठंडे) व्यंजन दिए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें सूती वस्त्र के कपड़े पहनाए जा रहे हैं।
पहले सुबह रामलला की केवल दीपों से आरती होती थी। लेकिन इस समय गर्मी ज्यादा है, जिसके चलते चांदी की थाली में चारों तरफ फूल बिछाकर उनकी आरती की जाती है। साथ ही सुबह और शाम के भोग में उन्हें दही दिया जाता है।
इसके अलावा उनके भोग में मौसमी फल भी शामिल हैं। प्रभु राम को गर्मी से बचने के लिए राम मंदिर के गर्भगृह में कूलर और ऐसी का भी इंतजाम किया गया है।
पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने आगे कहा कि राम मंदिर में प्रभु राम बालक स्वरूप में विराजमान हैं। उनकी सेवा उनकी देखरेख पुजारी का परम कर्तव्य होता है।
अयोध्या में भीषण गर्मी हो रही है। ऐसी स्थिति में बालक राम को गर्मी से बचने के लिए शीतल पदार्थ का भोग लगाया जा रहा है। भोग में दही, रबड़ी, जूस और मौसमी फल शामिल हैं। प्रभु राम की फूलों से आरती की जा रही है, ताकि बालक राम गर्मी में भी राम भक्तों को अद्भुत और अलौकिक दर्शन दे सकें। इसके साथ उन्हें सूती वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं।