नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।
–आईएएनएस
पीके/एसकेपी
ADVERTISEMENT
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (डी2सी) फूडटेक प्लेटफॉर्म लिशियस एक पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत अपने लगभग 3 प्रतिशत कार्यबल यानी तकरीबन 80 कर्मचारियों की छंटनी कर रहा है।
कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि वह पारंपरिक बाजार से ऑनलाइन बाजार में ट्रांजिसन को और बढ़ावा देने के लिए यूजर संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण गुंजाइश देखती है।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, “नए विकास कारकों पर विचार कर हम अपनी लागत परिव्यय को दोबारा प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसा करते हुए, हमें उन कुछ कर्मचारियों से अलग होना पड़ रहा है, जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं।”
लिशियस का वित्त वर्ष 2013 में परिचालन राजस्व स्थिर रहा और 746.3 करोड़ रुपये तक पहुंचा जो उसके अनुमान के आधे से भी कम है।
मार्केट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म टॉफलर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, भले ही कंपनी का राजस्व स्थिर रहा, वित्त वर्ष 2023 में इसका घाटा वित्त वर्ष 2022 में 855.6 करोड़ रुपये से लगभग 38 प्रतिशत कम होकर 528.5 करोड़ रुपए हो गया।
रिपोर्ट के अनुसार, लिशियस का कुल खर्च वित्त वर्ष 2022 में 1,187 करोड़ रुपये से 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,304.8 करोड़ रुपए था।
फूडटेक प्लेटफॉर्म को चालू वित्त वर्ष का समापन 1,200 करोड़ रुपये के राजस्व रन रेट के साथ होने की उम्मीद है। मार्च 2022 में, देश में पहला डी2सी यूनिकॉर्न बनने के बाद, कंपनी ने 150 मिलियन डॉलर जुटाए थे।