नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ को लेकर नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) ने कहा कि इसमें बच्चों के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
–आईएएनएस
एमकेएस/एबीएम
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नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ को लेकर नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) ने कहा कि इसमें बच्चों के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ को लेकर नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) ने कहा कि इसमें बच्चों के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
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नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ को लेकर नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) ने कहा कि इसमें बच्चों के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
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नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
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नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ को लेकर नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) ने कहा कि इसमें बच्चों के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
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नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
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नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ को लेकर नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) ने कहा कि इसमें बच्चों के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
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नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ को लेकर नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) ने कहा कि इसमें बच्चों के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
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नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
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एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
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एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
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नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
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एमकेएस/एबीएम
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नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ को लेकर नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) ने कहा कि इसमें बच्चों के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ को लेकर नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) ने कहा कि इसमें बच्चों के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ को लेकर नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) ने कहा कि इसमें बच्चों के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ को लेकर नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) ने कहा कि इसमें बच्चों के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”
–आईएएनएस
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नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। आगामी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले’ को लेकर नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (एनबीटी) ने कहा कि इसमें बच्चों के लिए एक मंच तैयार किया जा रहा है।
नेशनल बुक ट्रस्ट ने कहा, “इसमें देश भर के प्रसिद्ध कहानीकार, कवि और लेखक शामिल होंगे, जो मनोरम और प्रेरणादायक कहानियों से युवा मन को जोड़ेंगे।”
विश्व पुस्तक मेला 10 से 18 फरवरी तक प्रगति मैदान में आयोजित होने वाला है।
एनबीटी ने कहा कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ, बच्चे कॉमिक्स और लघु उपन्यासों के साथ काल्पनिक कहानियों, पंचतंत्र की कहानियों, कल्पनाशील और लघु कथाओं, विज्ञान, नैतिक शिक्षा और रहस्यमय दुनिया की कहानियों सहित विभिन्न साहित्यिक शैलियों की खोज में उल्लेखनीय रुचि दिखा रहे हैं।
”इस तरह की विविध सामग्री से जुड़ने से न केवल उनकी बौद्धिक क्षमता बढ़ती है बल्कि यह उनके लेखन कौशल के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
इसमें कहा गया कि कार्यक्रम में इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रूचि को बढ़ावा देनेे के साथ उनके समग्र विकास में योगदान देना है।
एनबीटी ने कहा कि इस साल दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के ‘सुनने, बोलने, लिखने और पढ़ने’ की उन्नति पर ध्यान केंद्रित करके बच्चों के भाषा कौशल को बढ़ाने पर जोर देगा।
एनबीटी ने बताया, ”विश्व पुस्तक मेला रचनात्मक सत्र कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं सहित बच्चों के लिए आकर्षक गतिविधियों की एक श्रृंखला की व्यवस्था करने के लिए तैयार है। बाल मंच के नाम से जाना जाने वाला समर्पित बच्चों का मंच कहानी लेखन, निबंध लेखन, समाचार लेखन, ड्राइंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का केंद्र बिंदु होगा।”
एनबीटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला बच्चों के लिए विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रावधान को प्राथमिकता देगा।
एनबीटी ने कहा, ”यह मेला द्विभाषी पुस्तकों और त्रिभाषी पुस्तकों के संग्रह की उपलब्धता सुनिश्चित करके एकभाषी पेशकश से आगे निकल जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों की भाषाई विविधता को पूरा करना, समावेशिता को बढ़ावा देना और कई भाषाओं में साहित्य तक पहुंच को सुविधाजनक बनाना है।”