नई दिल्ली, 28 नवंबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद ने बिहार की नीतीश सरकार द्वारा वर्ष 2024 के लिए जारी स्कूलों की छुट्टियों के कैलेंडर को हिंदू विरोधी और हिंदू द्रोही एजेंडा बताते हुए बिहार सरकार से इसे अविलंब वापस लेने की मांग की है।
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बिहार सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि बिहार की सरकार गजवा-ए-हिंद के पीएफआई के सपने को साकार करने में लगी है, लगातार पीएफआई और जेहादी तत्वों के सामने नतमस्तक होने वाली बिहार सरकार का एक और हिंदू द्रोही एजेंडा सामने आ गया है।
बंसल ने आगे कहा कि 2024 के सरकारी अवकाश की सूची में शिवरात्रि, रामनवमी, श्रावणी सोमवार, जन्माष्टमी, अनंत चतुर्दशी, भैया दूज, गोवर्धन पूजा और गुरु नानक जयंती के साथ-साथ कार्तिक पूर्णिमा जैसे मुख्य और पवित्र भारतीय अवकाशों को समाप्त कर ईद, बकरीद और मोहर्रम की छुट्टियों को बढ़ा कर आखिर बिहार सरकार क्या संदेश देना चाहती है ? क्या हिंदू दोयम दर्जे का नागरिक हैं ?
विहिप प्रवक्ता ने नीतीश कुमार और विपक्षी गठबंधन में शामिल अन्य दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार का हिंदू समाज इसे कदापि स्वीकार नहीं करेगा और सरकार को अविलंब इसे वापस लेना चाहिए।
–आईएएनएस
एसटीपी/एबीएम
नई दिल्ली, 28 नवंबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद ने बिहार की नीतीश सरकार द्वारा वर्ष 2024 के लिए जारी स्कूलों की छुट्टियों के कैलेंडर को हिंदू विरोधी और हिंदू द्रोही एजेंडा बताते हुए बिहार सरकार से इसे अविलंब वापस लेने की मांग की है।
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बिहार सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि बिहार की सरकार गजवा-ए-हिंद के पीएफआई के सपने को साकार करने में लगी है, लगातार पीएफआई और जेहादी तत्वों के सामने नतमस्तक होने वाली बिहार सरकार का एक और हिंदू द्रोही एजेंडा सामने आ गया है।
बंसल ने आगे कहा कि 2024 के सरकारी अवकाश की सूची में शिवरात्रि, रामनवमी, श्रावणी सोमवार, जन्माष्टमी, अनंत चतुर्दशी, भैया दूज, गोवर्धन पूजा और गुरु नानक जयंती के साथ-साथ कार्तिक पूर्णिमा जैसे मुख्य और पवित्र भारतीय अवकाशों को समाप्त कर ईद, बकरीद और मोहर्रम की छुट्टियों को बढ़ा कर आखिर बिहार सरकार क्या संदेश देना चाहती है ? क्या हिंदू दोयम दर्जे का नागरिक हैं ?
विहिप प्रवक्ता ने नीतीश कुमार और विपक्षी गठबंधन में शामिल अन्य दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार का हिंदू समाज इसे कदापि स्वीकार नहीं करेगा और सरकार को अविलंब इसे वापस लेना चाहिए।
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