नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में देश तेजी से 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा है।
बिड़ला के मुताबिक, देश की जीडीपी का 6-7 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ना एक बड़ी उपलब्धि है।
बिड़ला ने एक मीडिया इवेंट में कहा, “भारत एक ऐसे चरण में है जहां विश्व में देश की स्वीकार्यता बढ़ रही है।”
साथ ही कहा कि वह भारत के भविष्य को लेकर न केवल आशान्वित हैं बल्कि आश्वस्त भी हैं।
बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन ने आगे, “नीतिगत स्थिरता, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और अच्छा बिजनेस माहौल, भारत की लंबी अवधि की वृद्धि दर को बढ़ा रहे हैं।”
हालांकि, बिड़ला ने ट्रंप की ओर से ट्रेड टैरिफ लगाए जाने को लेकर कोई बातचीत नहीं की।
हाल ही में आई मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा टैरिफ की घोषणा के चलते पैदा हुई वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत को एशिया में सबसे अच्छी स्थिति वाला देश बाताया था। इसकी वजह देश का गुड्स एक्सपोर्ट टू जीडीपी रेश्यो कम होना और आर्थिक आधार का मजबूत होना था।
बिड़ला आगे कहा कि ग्रुप के यूएस ऑपरेशंस वहां के स्थानीय बाजार पर केंद्रित हैं। इस वजह से अमेरिका और भारत के बीच आयात-निर्यात में होने वाले बदलाव का उन ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं होगा।
बिड़ला ने आदित्य बिड़ला समूह के पेंट, ज्वेलरी और कॉस्मेटिक जैसी इंडस्ट्री में नए निवेश के बारे में बातचीत भी की।
बिड़ला ने कहा कि कंपनी सावधानी से सेक्टरों का चयन कर रही है जहां उसे सफलता मिलने की प्रबल संभावना होती है और हम स्केल और मार्केट लीडरशीप पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उदाहरण के लिए, समूह ने पेंट्स व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए अपने मौजूदा व्हाइट सीमेंट वितरण नेटवर्क का उपयोग किया।”
उनका मानना है कि अगली पीढ़ी के लिए नेतृत्व की भूमिका में आने से पहले अपनी पहचान विकसित करने के लिए व्यवसाय से बाहर अनुभव प्राप्त करना आवश्यक है।
–आईएएनएस
एबीएस/