मंडी, 26 फरवरी (आईएएनएस)। भगवान शिव की नगरी काशी की तर्ज पर छोटी काशी मंडी में ब्यास आरती के आयोजन से अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। महाशिवरात्रि की संध्या पर विश्व प्रसिद्ध पंचवक्त्र मंदिर के सामने पौराणिक ब्यास नदी के विपाशा तट पर काशी से आए पांच विद्वान पंडितों की अगुवाई में यह आयोजन हुआ। ब्यास आरती ने पूरे माहौल को आध्यात्मिकता के रंगों से भर दिया।
आरती के लिए विपाशा और सुकेती नदी के संगम पर पांच विशेष मंच तैयार किए गए। काशी से मंडी आए पुजारियों ने इन मंचों से महाआरती की विधि संपन्न की। इस भव्य और दिव्य आयोजन में मंडी शहर की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थाओं ने हिस्सा लिया। शहरवासियों ने अपने घरों से एक-एक दीया लाकर महाशिवरात्रि की संध्या को रोशनी से जगमगा दिया।
ब्यास आरती का आयोजन काशी के विभिन्न घाटों पर होने वाली गंगा आरती की विधि के अनुसार किया गया। खास बात यह है कि ब्यास आरती में शामिल काशी से आए पंडित मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के ही रहने वाले हैं और काशी में होने वाली गंगा महाआरती में अहम भूमिका निभाते हैं।
उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इस बार का महाशिवरात्रि महोत्सव के दौरान पहली बार ब्यास आरती का आयोजन किया गया है। महाशिवरात्रि धार्मिक उत्सव होने के नाते प्रशासन और मंडी के लोगों ने ब्यास आरती के आयोजन को लेकर एक नई पहल की है। भगवान शिव को ब्यास आरती के माध्यम से याद कर मंडी के लोगों ने महाशिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ किया है। उन्होंने आगे कहा कि इस भव्य आयोजन को लेकर विभागों और मंडी शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
मंडी जिले के विधानसभा क्षेत्र धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि भगवान शंकर की जटाओं से निकल कर मोक्षदायिनी गंगा की धारा मंडी में ब्यास के रूप में बह रही है। इसके सम्मान में आज भव्य ब्यास आरती का आयोजन हुआ है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का आयोजन स्थानीय लोगों की भागीदारी के बिना संभव नहीं था। इसको लेकर स्थानीय संस्थाओं ने अपना पूरा सहयोग प्रशासन को ब्यास आरती के आयोजन के लिए दिया।
काशी से ब्यास आरती के लिए मंडी आए मुख्य पंडित युगल शर्मा ने कहा कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मंडी प्रशासन ने काशी में होने वाली गंगा आरती की तरह ब्यास आरती करवाने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए हम सभी पंडितों ने काशी की गंगा महाआरती की तरह मंडी में ब्यास आरती का आयोजन किया। उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के शोघी के निवासी हैं और अपने प्रदेश में ब्यास आरती करवाना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा।
–आईएएनएस
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