कोलंबो, 28 फरवरी (आईएएनएस)। श्रीलंका के मंत्रिपरिषद ने निजी कंपनियों को हवाई जहाजों को जेट ए-1 विमानन ईंधन की आपूर्ति करने की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, क्योंकि सरकार के स्वामित्व वाला पेट्रोलियम वितरक मांग को पूरा करने में विफल रहा है।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रवक्ता गुणावर्धने ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जेट ए-1 विमानन ईंधन की इस समय सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (सीपीसी) द्वारा विमानों को आपूर्ति की जा रही है।
गुणावर्धने ने कहा कि पिछले एक साल में सपुगस्कंद तेल रिफाइनरी में देश के जेट ए-1 ईंधन का उत्पादन होता है, जो विदेशी मुद्रा की कमी के कारण बाधित हो गया है।
अधिकारी ने कहा कि विदेशी मुद्रा की कमी के कारण जेट ए-1 ईंधन का आयात भी सीपीसी के लिए एक चुनौती है।
प्रवक्ता ने कहा कि हाल के महीनों में श्रीलंका में आने वाले विमानों की संख्या में वृद्धि पर्यटकों के आगमन में वृद्धि के कारण हुई है।
गुणावर्धने ने कहा कि श्रीलंका को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि कार्गो और यात्री विमानों के लिए जेट ए-1 ईंधन की निरंतर आपूर्ति हो, ताकि पर्यटकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
बंदरगाह, नौवहन और उड्डयन मंत्री निमल सिरीपाला डी सिल्वा ने पहले कहा था कि 2022 में श्रीलंका विमान के लिए पर्याप्त जेट ईंधन उपलब्ध कराने में असमर्थ था, जिसके परिणामस्वरूप उड़ान रद्द करनी पड़ी।
–आईएएनएस
एसजीके/एएनएम
कोलंबो, 28 फरवरी (आईएएनएस)। श्रीलंका के मंत्रिपरिषद ने निजी कंपनियों को हवाई जहाजों को जेट ए-1 विमानन ईंधन की आपूर्ति करने की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, क्योंकि सरकार के स्वामित्व वाला पेट्रोलियम वितरक मांग को पूरा करने में विफल रहा है।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रवक्ता गुणावर्धने ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जेट ए-1 विमानन ईंधन की इस समय सीलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (सीपीसी) द्वारा विमानों को आपूर्ति की जा रही है।
गुणावर्धने ने कहा कि पिछले एक साल में सपुगस्कंद तेल रिफाइनरी में देश के जेट ए-1 ईंधन का उत्पादन होता है, जो विदेशी मुद्रा की कमी के कारण बाधित हो गया है।
अधिकारी ने कहा कि विदेशी मुद्रा की कमी के कारण जेट ए-1 ईंधन का आयात भी सीपीसी के लिए एक चुनौती है।
प्रवक्ता ने कहा कि हाल के महीनों में श्रीलंका में आने वाले विमानों की संख्या में वृद्धि पर्यटकों के आगमन में वृद्धि के कारण हुई है।
गुणावर्धने ने कहा कि श्रीलंका को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि कार्गो और यात्री विमानों के लिए जेट ए-1 ईंधन की निरंतर आपूर्ति हो, ताकि पर्यटकों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
बंदरगाह, नौवहन और उड्डयन मंत्री निमल सिरीपाला डी सिल्वा ने पहले कहा था कि 2022 में श्रीलंका विमान के लिए पर्याप्त जेट ईंधन उपलब्ध कराने में असमर्थ था, जिसके परिणामस्वरूप उड़ान रद्द करनी पड़ी।
–आईएएनएस
एसजीके/एएनएम