नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। सरकार ने बुधवार को 16वें वित्त आयोग में चार सदस्यों की नियुक्ति की, जिसका गठन 31 दिसंबर, 2023 को नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया को अध्यक्ष बनाकर किया गया था।
भारत के राष्ट्रपति ने 15वें वित्त आयोग के पूर्व सदस्य और पूर्व व्यय सचिव अजय नारायण झा, पूर्व विशेष सचिव व्यय एनी जॉर्ज मैथ्यू, अर्था ग्लोबल के कार्यकारी निदेशक डॉ. निरंजन राजाध्यक्ष को पूर्णकालिक सदस्य के रूप में मंजूरी दे दी है। भारतीय स्टेट बैंक के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष को 16वें वित्त आयोग के अंशकालिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।
आयोग से राज्यों को करों के वितरण पर अपनी सिफारिशें 31 अक्टूबर, 2025 तक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, इसमें 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाली पांच साल की पुरस्कार अवधि शामिल है।
कैबिनेट ने 29 नवंबर को 16वें वित्त आयोग के लिए संदर्भ की शर्तों को मंजूरी दे दी थी।
इनमें केंद्र और राज्यों के बीच करों की शुद्ध आय का वितरण और ऐसी आय के संबंधित शेयरों के राज्यों के बीच आवंटन, सिद्धांत, सहायता अनुदान और राज्यों के राजस्व और पूरक के लिए आवश्यक उपाय शामिल हैं।
आयोग आपदा प्रबंधन पहलों के वित्तपोषण पर वर्तमान व्यवस्था की भी समीक्षा करेगा; आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत गठित निधियों के संबंध में और इस मुद्दे पर उचित सिफारिशें करें।
–आईएएनएस
सीबीटी/
नई दिल्ली, 31 जनवरी (आईएएनएस)। सरकार ने बुधवार को 16वें वित्त आयोग में चार सदस्यों की नियुक्ति की, जिसका गठन 31 दिसंबर, 2023 को नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया को अध्यक्ष बनाकर किया गया था।
भारत के राष्ट्रपति ने 15वें वित्त आयोग के पूर्व सदस्य और पूर्व व्यय सचिव अजय नारायण झा, पूर्व विशेष सचिव व्यय एनी जॉर्ज मैथ्यू, अर्था ग्लोबल के कार्यकारी निदेशक डॉ. निरंजन राजाध्यक्ष को पूर्णकालिक सदस्य के रूप में मंजूरी दे दी है। भारतीय स्टेट बैंक के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष को 16वें वित्त आयोग के अंशकालिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।
आयोग से राज्यों को करों के वितरण पर अपनी सिफारिशें 31 अक्टूबर, 2025 तक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, इसमें 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाली पांच साल की पुरस्कार अवधि शामिल है।
कैबिनेट ने 29 नवंबर को 16वें वित्त आयोग के लिए संदर्भ की शर्तों को मंजूरी दे दी थी।
इनमें केंद्र और राज्यों के बीच करों की शुद्ध आय का वितरण और ऐसी आय के संबंधित शेयरों के राज्यों के बीच आवंटन, सिद्धांत, सहायता अनुदान और राज्यों के राजस्व और पूरक के लिए आवश्यक उपाय शामिल हैं।
आयोग आपदा प्रबंधन पहलों के वित्तपोषण पर वर्तमान व्यवस्था की भी समीक्षा करेगा; आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत गठित निधियों के संबंध में और इस मुद्दे पर उचित सिफारिशें करें।
–आईएएनएस
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