नई दिल्ली, 10 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने एक अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी और प्रशिक्षण रैकेट का भंडाफोड़ करके तीन सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। तीनों शातिर सरकारी संस्थाओं (जीएसटी, रेलवे और एफसीआई) के नाम पर नौकरी और प्रशिक्षण की पेशकश कर रहे थे।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
आरोपी ‘प्रशिक्षण’ के लिए प्रति व्यक्ति 10-20 लाख रुपये वसूल रहे थे, यह रैकेट वे पिछले दो वर्षों से चला रहे थे, जिसमें नागपुर, धनबाद, पटना और बक्सर जैसी जगहें शामिल थी।
–आईएएनएस
एबीएम
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नई दिल्ली, 10 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने एक अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी और प्रशिक्षण रैकेट का भंडाफोड़ करके तीन सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। तीनों शातिर सरकारी संस्थाओं (जीएसटी, रेलवे और एफसीआई) के नाम पर नौकरी और प्रशिक्षण की पेशकश कर रहे थे।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
आरोपी ‘प्रशिक्षण’ के लिए प्रति व्यक्ति 10-20 लाख रुपये वसूल रहे थे, यह रैकेट वे पिछले दो वर्षों से चला रहे थे, जिसमें नागपुर, धनबाद, पटना और बक्सर जैसी जगहें शामिल थी।
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नई दिल्ली, 10 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने एक अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी और प्रशिक्षण रैकेट का भंडाफोड़ करके तीन सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। तीनों शातिर सरकारी संस्थाओं (जीएसटी, रेलवे और एफसीआई) के नाम पर नौकरी और प्रशिक्षण की पेशकश कर रहे थे।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
आरोपी ‘प्रशिक्षण’ के लिए प्रति व्यक्ति 10-20 लाख रुपये वसूल रहे थे, यह रैकेट वे पिछले दो वर्षों से चला रहे थे, जिसमें नागपुर, धनबाद, पटना और बक्सर जैसी जगहें शामिल थी।
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नई दिल्ली, 10 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने एक अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी और प्रशिक्षण रैकेट का भंडाफोड़ करके तीन सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। तीनों शातिर सरकारी संस्थाओं (जीएसटी, रेलवे और एफसीआई) के नाम पर नौकरी और प्रशिक्षण की पेशकश कर रहे थे।
सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
आरोपी ‘प्रशिक्षण’ के लिए प्रति व्यक्ति 10-20 लाख रुपये वसूल रहे थे, यह रैकेट वे पिछले दो वर्षों से चला रहे थे, जिसमें नागपुर, धनबाद, पटना और बक्सर जैसी जगहें शामिल थी।
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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
आरोपी ‘प्रशिक्षण’ के लिए प्रति व्यक्ति 10-20 लाख रुपये वसूल रहे थे, यह रैकेट वे पिछले दो वर्षों से चला रहे थे, जिसमें नागपुर, धनबाद, पटना और बक्सर जैसी जगहें शामिल थी।
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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
आरोपी ‘प्रशिक्षण’ के लिए प्रति व्यक्ति 10-20 लाख रुपये वसूल रहे थे, यह रैकेट वे पिछले दो वर्षों से चला रहे थे, जिसमें नागपुर, धनबाद, पटना और बक्सर जैसी जगहें शामिल थी।
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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
आरोपी ‘प्रशिक्षण’ के लिए प्रति व्यक्ति 10-20 लाख रुपये वसूल रहे थे, यह रैकेट वे पिछले दो वर्षों से चला रहे थे, जिसमें नागपुर, धनबाद, पटना और बक्सर जैसी जगहें शामिल थी।
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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
आरोपी ‘प्रशिक्षण’ के लिए प्रति व्यक्ति 10-20 लाख रुपये वसूल रहे थे, यह रैकेट वे पिछले दो वर्षों से चला रहे थे, जिसमें नागपुर, धनबाद, पटना और बक्सर जैसी जगहें शामिल थी।
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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
आरोपी ‘प्रशिक्षण’ के लिए प्रति व्यक्ति 10-20 लाख रुपये वसूल रहे थे, यह रैकेट वे पिछले दो वर्षों से चला रहे थे, जिसमें नागपुर, धनबाद, पटना और बक्सर जैसी जगहें शामिल थी।
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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
आरोपी ‘प्रशिक्षण’ के लिए प्रति व्यक्ति 10-20 लाख रुपये वसूल रहे थे, यह रैकेट वे पिछले दो वर्षों से चला रहे थे, जिसमें नागपुर, धनबाद, पटना और बक्सर जैसी जगहें शामिल थी।
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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
आरोपी ‘प्रशिक्षण’ के लिए प्रति व्यक्ति 10-20 लाख रुपये वसूल रहे थे, यह रैकेट वे पिछले दो वर्षों से चला रहे थे, जिसमें नागपुर, धनबाद, पटना और बक्सर जैसी जगहें शामिल थी।
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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अंतरराज्यीय फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ किया जो युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र और फर्जी प्रशिक्षण की पेशकश कर रहा था।
सूत्रों ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन सरगनाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनकी पहचान कर्नाटक निवासी अजय कुमार, झारखंड निवासी अमन कुमार उर्फ रूपेश और बिहार के विशाल उर्फ अभिषेक सिंह के रूप में हुई है।
सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने मामले के सिलसिले में पटना, मुंबई, बेंगलुरु, मैंगलोर और धनबाद में नौ स्थानों पर तलाशी भी ली। आरोपी पटना और मुंबई के साकीनाका में दो स्थानों पर फर्जी प्रशिक्षण केंद्र चला रहे थे और बेंगलुरु में एक और केंद्र खोलने वाले थे।
आरोपी ‘प्रशिक्षण’ के लिए प्रति व्यक्ति 10-20 लाख रुपये वसूल रहे थे, यह रैकेट वे पिछले दो वर्षों से चला रहे थे, जिसमें नागपुर, धनबाद, पटना और बक्सर जैसी जगहें शामिल थी।