पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
–आईएएनएस
एमएनपी/सीबीटी
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पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
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उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
–आईएएनएस
एमएनपी/सीबीटी
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पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।
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पटना, 28 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्षी सदस्य प्रतिदिन अलग-अलग मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहे हैं। गुरुवार को विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विपक्ष के सदस्यों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता स्मार्ट मीटर पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे थे। विपक्षी दल के विधायकों का कहना है कि स्मार्ट मीटर में अनाप-शनाप बिल आ रहा है, इससे आम जनता त्राहिमाम कर रही है।
राजद विधायक मुकेश रोशन ने कहा कि राज्य में बिजली बिल की वजह से गरीब मर रहे हैं। पहले लोगों को 200 रुपये का बिजली बिल आता था, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अब बिजली बिल 2000 रुपये तक आ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जबरदस्ती घरों में स्मार्ट मीटर लगा रही है, जबकि लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में शामिल सभी दल स्मार्ट मीटर के विरोध में एकजुट है।
उधर, विपक्ष के स्मार्ट मीटर के विरोध पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह सिर्फ दिखाने का विरोध है। इन्हें कुछ नहीं मिला, तो ये स्मार्ट मीटर को मुद्दा बना कर हंगामा कर रहे हैं। राज्य सरकार लोगों के घरों में स्मार्ट मीटर लगा कर उन्हें कई तरह की सुविधाएं दे रही है। लोगों का बिजली बिल उतना ही आ रहा है, जितना वे उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि बिजली विभाग ने अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर के खाते में छह महीने से अधिक समय तक 2000 रुपये या इससे अधिक बैलेंस रखने पर बैंक दर से 0.25 प्रतिशत से अधिक ब्याज देने की घोषणा की है। ग्रामीण क्षेत्र के पोस्टपेड उपभोक्ता अगर तीन महीने तक लगातार बिजली बिल का भुगतान करते हैं, तो चौथे महीने में एक प्रतिशत की छूट मिलेगी। यानी, तीन महीने तक 2000 रुपये बिल का भुगतान आपने किया है, तो चौथे महीने में 20 रुपये की छूट बिजली बिल में कंपनी की ओर से दी जाएगी।