लखनऊ, 6 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाथरस में एक ‘सत्संग’ में हुई भगदड़ के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर को गिरफ्तार कर लिया है। भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं।
पुलिस ने एफआईआर में मुख्य सेवादार मधुकर को मुख्य आरोपी बनाया है। इससे पहले, मधुकर के बारे में सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी।
पुलिस ने भगदड़ के सिलसिले में छह लोगों की गिरफ्तारी के एक दिन बाद मधुकर को गिरफ्तार किया है। ये सभी छह लोग सत्संग आयोजन समिति के सदस्य थे।
भगदड़ दो जुलाई को स्वयंभू संत और उपदेशक नारायण साकार हरि उर्फ ’भोले बाबा’ के सत्संग के दौरान हुई थी। एफआईआर के अनुसार, कार्यक्रम में 2.50 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे, जबकि प्रशासन ने केवल 80 हजार लोगों को ही अनुमति दी थी।
एफआईआर के अनुसार, सत्संग आयोजकों ने बाबा के अनुयायियों की चप्पलें और अन्य सामान पास के खेतों में फेंक कर कार्यक्रम में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या को छिपाने की कोशिश की।
ऐसा बताया जा रहा है कि भगदड़ तब मची जब कई श्रद्धालु उपदेशक के पैरों की मिट्टी लेने के लिए दौड़े थे। उनका मानना था कि इससे उनकी सभी बीमारियां ठीक हो सकती हैं।
–आईएएनएस
एफजेड/
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लखनऊ, 6 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाथरस में एक ‘सत्संग’ में हुई भगदड़ के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर को गिरफ्तार कर लिया है। भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं।
पुलिस ने एफआईआर में मुख्य सेवादार मधुकर को मुख्य आरोपी बनाया है। इससे पहले, मधुकर के बारे में सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी।
पुलिस ने भगदड़ के सिलसिले में छह लोगों की गिरफ्तारी के एक दिन बाद मधुकर को गिरफ्तार किया है। ये सभी छह लोग सत्संग आयोजन समिति के सदस्य थे।
भगदड़ दो जुलाई को स्वयंभू संत और उपदेशक नारायण साकार हरि उर्फ ’भोले बाबा’ के सत्संग के दौरान हुई थी। एफआईआर के अनुसार, कार्यक्रम में 2.50 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे, जबकि प्रशासन ने केवल 80 हजार लोगों को ही अनुमति दी थी।
एफआईआर के अनुसार, सत्संग आयोजकों ने बाबा के अनुयायियों की चप्पलें और अन्य सामान पास के खेतों में फेंक कर कार्यक्रम में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या को छिपाने की कोशिश की।
ऐसा बताया जा रहा है कि भगदड़ तब मची जब कई श्रद्धालु उपदेशक के पैरों की मिट्टी लेने के लिए दौड़े थे। उनका मानना था कि इससे उनकी सभी बीमारियां ठीक हो सकती हैं।
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पुलिस ने एफआईआर में मुख्य सेवादार मधुकर को मुख्य आरोपी बनाया है। इससे पहले, मधुकर के बारे में सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी।
पुलिस ने भगदड़ के सिलसिले में छह लोगों की गिरफ्तारी के एक दिन बाद मधुकर को गिरफ्तार किया है। ये सभी छह लोग सत्संग आयोजन समिति के सदस्य थे।
भगदड़ दो जुलाई को स्वयंभू संत और उपदेशक नारायण साकार हरि उर्फ ’भोले बाबा’ के सत्संग के दौरान हुई थी। एफआईआर के अनुसार, कार्यक्रम में 2.50 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे, जबकि प्रशासन ने केवल 80 हजार लोगों को ही अनुमति दी थी।
एफआईआर के अनुसार, सत्संग आयोजकों ने बाबा के अनुयायियों की चप्पलें और अन्य सामान पास के खेतों में फेंक कर कार्यक्रम में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या को छिपाने की कोशिश की।
ऐसा बताया जा रहा है कि भगदड़ तब मची जब कई श्रद्धालु उपदेशक के पैरों की मिट्टी लेने के लिए दौड़े थे। उनका मानना था कि इससे उनकी सभी बीमारियां ठीक हो सकती हैं।
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पुलिस ने एफआईआर में मुख्य सेवादार मधुकर को मुख्य आरोपी बनाया है। इससे पहले, मधुकर के बारे में सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी।
पुलिस ने भगदड़ के सिलसिले में छह लोगों की गिरफ्तारी के एक दिन बाद मधुकर को गिरफ्तार किया है। ये सभी छह लोग सत्संग आयोजन समिति के सदस्य थे।
भगदड़ दो जुलाई को स्वयंभू संत और उपदेशक नारायण साकार हरि उर्फ ’भोले बाबा’ के सत्संग के दौरान हुई थी। एफआईआर के अनुसार, कार्यक्रम में 2.50 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे, जबकि प्रशासन ने केवल 80 हजार लोगों को ही अनुमति दी थी।
एफआईआर के अनुसार, सत्संग आयोजकों ने बाबा के अनुयायियों की चप्पलें और अन्य सामान पास के खेतों में फेंक कर कार्यक्रम में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या को छिपाने की कोशिश की।
ऐसा बताया जा रहा है कि भगदड़ तब मची जब कई श्रद्धालु उपदेशक के पैरों की मिट्टी लेने के लिए दौड़े थे। उनका मानना था कि इससे उनकी सभी बीमारियां ठीक हो सकती हैं।
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भगदड़ दो जुलाई को स्वयंभू संत और उपदेशक नारायण साकार हरि उर्फ ’भोले बाबा’ के सत्संग के दौरान हुई थी। एफआईआर के अनुसार, कार्यक्रम में 2.50 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे, जबकि प्रशासन ने केवल 80 हजार लोगों को ही अनुमति दी थी।
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पुलिस ने भगदड़ के सिलसिले में छह लोगों की गिरफ्तारी के एक दिन बाद मधुकर को गिरफ्तार किया है। ये सभी छह लोग सत्संग आयोजन समिति के सदस्य थे।
भगदड़ दो जुलाई को स्वयंभू संत और उपदेशक नारायण साकार हरि उर्फ ’भोले बाबा’ के सत्संग के दौरान हुई थी। एफआईआर के अनुसार, कार्यक्रम में 2.50 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे, जबकि प्रशासन ने केवल 80 हजार लोगों को ही अनुमति दी थी।
एफआईआर के अनुसार, सत्संग आयोजकों ने बाबा के अनुयायियों की चप्पलें और अन्य सामान पास के खेतों में फेंक कर कार्यक्रम में मौजूद लोगों की वास्तविक संख्या को छिपाने की कोशिश की।
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पुलिस ने एफआईआर में मुख्य सेवादार मधुकर को मुख्य आरोपी बनाया है। इससे पहले, मधुकर के बारे में सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी।
पुलिस ने भगदड़ के सिलसिले में छह लोगों की गिरफ्तारी के एक दिन बाद मधुकर को गिरफ्तार किया है। ये सभी छह लोग सत्संग आयोजन समिति के सदस्य थे।
भगदड़ दो जुलाई को स्वयंभू संत और उपदेशक नारायण साकार हरि उर्फ ’भोले बाबा’ के सत्संग के दौरान हुई थी। एफआईआर के अनुसार, कार्यक्रम में 2.50 लाख से अधिक लोग शामिल हुए थे, जबकि प्रशासन ने केवल 80 हजार लोगों को ही अनुमति दी थी।
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