आगरा, 5 जुलाई (आईएएनएस)। हाथरस भगदड़ के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर को उत्तर प्रदेश के एटा जिले के शीतलपुर ब्लॉक में तकनीकी सहायक के पद से हटा दिया गया है। वह 2010 से अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर 20 पंचायतों में मनरेगा कार्यों की देखरेख कर रहे थे।
शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद से फरार होने के कारण देव प्रकाश मधुकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सत्संग के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। वह एफआईआर में नामजद होने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
मधुकर को शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उनकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे में रहते हैं।
–आईएएनएस
एफजेड/
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आगरा, 5 जुलाई (आईएएनएस)। हाथरस भगदड़ के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर को उत्तर प्रदेश के एटा जिले के शीतलपुर ब्लॉक में तकनीकी सहायक के पद से हटा दिया गया है। वह 2010 से अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर 20 पंचायतों में मनरेगा कार्यों की देखरेख कर रहे थे।
शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद से फरार होने के कारण देव प्रकाश मधुकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सत्संग के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। वह एफआईआर में नामजद होने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
मधुकर को शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उनकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे में रहते हैं।
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आगरा, 5 जुलाई (आईएएनएस)। हाथरस भगदड़ के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर को उत्तर प्रदेश के एटा जिले के शीतलपुर ब्लॉक में तकनीकी सहायक के पद से हटा दिया गया है। वह 2010 से अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर 20 पंचायतों में मनरेगा कार्यों की देखरेख कर रहे थे।
शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद से फरार होने के कारण देव प्रकाश मधुकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सत्संग के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। वह एफआईआर में नामजद होने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
मधुकर को शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उनकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे में रहते हैं।
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आगरा, 5 जुलाई (आईएएनएस)। हाथरस भगदड़ के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर को उत्तर प्रदेश के एटा जिले के शीतलपुर ब्लॉक में तकनीकी सहायक के पद से हटा दिया गया है। वह 2010 से अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर 20 पंचायतों में मनरेगा कार्यों की देखरेख कर रहे थे।
शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद से फरार होने के कारण देव प्रकाश मधुकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सत्संग के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। वह एफआईआर में नामजद होने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
मधुकर को शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उनकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे में रहते हैं।
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शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद से फरार होने के कारण देव प्रकाश मधुकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सत्संग के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। वह एफआईआर में नामजद होने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
मधुकर को शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उनकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे में रहते हैं।
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शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद से फरार होने के कारण देव प्रकाश मधुकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सत्संग के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। वह एफआईआर में नामजद होने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
मधुकर को शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उनकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे में रहते हैं।
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आगरा, 5 जुलाई (आईएएनएस)। हाथरस भगदड़ के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर को उत्तर प्रदेश के एटा जिले के शीतलपुर ब्लॉक में तकनीकी सहायक के पद से हटा दिया गया है। वह 2010 से अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर 20 पंचायतों में मनरेगा कार्यों की देखरेख कर रहे थे।
शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद से फरार होने के कारण देव प्रकाश मधुकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सत्संग के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। वह एफआईआर में नामजद होने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
मधुकर को शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उनकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे में रहते हैं।
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आगरा, 5 जुलाई (आईएएनएस)। हाथरस भगदड़ के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर को उत्तर प्रदेश के एटा जिले के शीतलपुर ब्लॉक में तकनीकी सहायक के पद से हटा दिया गया है। वह 2010 से अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर 20 पंचायतों में मनरेगा कार्यों की देखरेख कर रहे थे।
शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद से फरार होने के कारण देव प्रकाश मधुकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सत्संग के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। वह एफआईआर में नामजद होने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
मधुकर को शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उनकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे में रहते हैं।
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शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद से फरार होने के कारण देव प्रकाश मधुकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सत्संग के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। वह एफआईआर में नामजद होने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
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शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
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मधुकर को शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उनकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे में रहते हैं।
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शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद से फरार होने के कारण देव प्रकाश मधुकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सत्संग के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। वह एफआईआर में नामजद होने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
मधुकर को शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उनकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे में रहते हैं।
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शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
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शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद से फरार होने के कारण देव प्रकाश मधुकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
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मधुकर को शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उनकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे में रहते हैं।
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शीतलपुर के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर दिनेश शर्मा ने बताया कि एफआईआर में मधुकर का नाम मुख्य आरोपी के रूप में दर्ज है। हाथरस पुलिस ने उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है। इसके बाद उसे पद से हटाने और उसकी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
घटना के बाद से फरार होने के कारण देव प्रकाश मधुकर के खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया है।
अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सत्संग के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। वह एफआईआर में नामजद होने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
मधुकर को शीतलपुर ब्लॉक में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों के निरीक्षण के बाद बिल और वाउचर तैयार करने का काम सौंपा गया था। उनकी पत्नी पंचायत सहायक हैं और दोनों हाथरस के सिकंदराराऊ कस्बे में रहते हैं।