नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए दो करोड़ रुपये की आय पर आईटीआर फाइल नहीं करने पर एक महिला को छह महीने जेल की सजा सुनाई है। महिला की पहचान सावित्री के रूप में हुई है।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
यह मामला आयकर कार्यालय (आईटीओ) की एक शिकायत से सामने आया, जिसमें कहा गया था कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान सावित्री को दो लाख रुपये का टीडीएस कटा था। हालांकि, वह असेसमेंट ईयर 2014-15 के लिए रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
बचाव पक्ष ने सावित्री की व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि वह एक विधवा है, उसके परिवार में कोई और नहीं है।
इनकम टैक्स ऑफिस द्वारा सावित्री को जारी किए गए कई नोटिसों और जुर्माने के आदेश को अनसुना किए जाने के बाद अदालत ने ये फैसला सुनाया। उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रधान आयकर आयुक्त, नई दिल्ली ने आईटी अधिनियम के तहत सावित्री के खिलाफ मुकदमा चलाने को कहा।
सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।
–आईएएनएस
एसकेपी/
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नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए दो करोड़ रुपये की आय पर आईटीआर फाइल नहीं करने पर एक महिला को छह महीने जेल की सजा सुनाई है। महिला की पहचान सावित्री के रूप में हुई है।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
यह मामला आयकर कार्यालय (आईटीओ) की एक शिकायत से सामने आया, जिसमें कहा गया था कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान सावित्री को दो लाख रुपये का टीडीएस कटा था। हालांकि, वह असेसमेंट ईयर 2014-15 के लिए रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
बचाव पक्ष ने सावित्री की व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि वह एक विधवा है, उसके परिवार में कोई और नहीं है।
इनकम टैक्स ऑफिस द्वारा सावित्री को जारी किए गए कई नोटिसों और जुर्माने के आदेश को अनसुना किए जाने के बाद अदालत ने ये फैसला सुनाया। उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रधान आयकर आयुक्त, नई दिल्ली ने आईटी अधिनियम के तहत सावित्री के खिलाफ मुकदमा चलाने को कहा।
सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।
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नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए दो करोड़ रुपये की आय पर आईटीआर फाइल नहीं करने पर एक महिला को छह महीने जेल की सजा सुनाई है। महिला की पहचान सावित्री के रूप में हुई है।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
यह मामला आयकर कार्यालय (आईटीओ) की एक शिकायत से सामने आया, जिसमें कहा गया था कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान सावित्री को दो लाख रुपये का टीडीएस कटा था। हालांकि, वह असेसमेंट ईयर 2014-15 के लिए रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
बचाव पक्ष ने सावित्री की व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि वह एक विधवा है, उसके परिवार में कोई और नहीं है।
इनकम टैक्स ऑफिस द्वारा सावित्री को जारी किए गए कई नोटिसों और जुर्माने के आदेश को अनसुना किए जाने के बाद अदालत ने ये फैसला सुनाया। उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रधान आयकर आयुक्त, नई दिल्ली ने आईटी अधिनियम के तहत सावित्री के खिलाफ मुकदमा चलाने को कहा।
सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।
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नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए दो करोड़ रुपये की आय पर आईटीआर फाइल नहीं करने पर एक महिला को छह महीने जेल की सजा सुनाई है। महिला की पहचान सावित्री के रूप में हुई है।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
यह मामला आयकर कार्यालय (आईटीओ) की एक शिकायत से सामने आया, जिसमें कहा गया था कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान सावित्री को दो लाख रुपये का टीडीएस कटा था। हालांकि, वह असेसमेंट ईयर 2014-15 के लिए रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
बचाव पक्ष ने सावित्री की व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि वह एक विधवा है, उसके परिवार में कोई और नहीं है।
इनकम टैक्स ऑफिस द्वारा सावित्री को जारी किए गए कई नोटिसों और जुर्माने के आदेश को अनसुना किए जाने के बाद अदालत ने ये फैसला सुनाया। उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रधान आयकर आयुक्त, नई दिल्ली ने आईटी अधिनियम के तहत सावित्री के खिलाफ मुकदमा चलाने को कहा।
सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।
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अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
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सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।
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अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
यह मामला आयकर कार्यालय (आईटीओ) की एक शिकायत से सामने आया, जिसमें कहा गया था कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान सावित्री को दो लाख रुपये का टीडीएस कटा था। हालांकि, वह असेसमेंट ईयर 2014-15 के लिए रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
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इनकम टैक्स ऑफिस द्वारा सावित्री को जारी किए गए कई नोटिसों और जुर्माने के आदेश को अनसुना किए जाने के बाद अदालत ने ये फैसला सुनाया। उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रधान आयकर आयुक्त, नई दिल्ली ने आईटी अधिनियम के तहत सावित्री के खिलाफ मुकदमा चलाने को कहा।
सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।
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नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए दो करोड़ रुपये की आय पर आईटीआर फाइल नहीं करने पर एक महिला को छह महीने जेल की सजा सुनाई है। महिला की पहचान सावित्री के रूप में हुई है।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
यह मामला आयकर कार्यालय (आईटीओ) की एक शिकायत से सामने आया, जिसमें कहा गया था कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान सावित्री को दो लाख रुपये का टीडीएस कटा था। हालांकि, वह असेसमेंट ईयर 2014-15 के लिए रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
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सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।
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अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
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सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।
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नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए दो करोड़ रुपये की आय पर आईटीआर फाइल नहीं करने पर एक महिला को छह महीने जेल की सजा सुनाई है। महिला की पहचान सावित्री के रूप में हुई है।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
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बचाव पक्ष ने सावित्री की व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि वह एक विधवा है, उसके परिवार में कोई और नहीं है।
इनकम टैक्स ऑफिस द्वारा सावित्री को जारी किए गए कई नोटिसों और जुर्माने के आदेश को अनसुना किए जाने के बाद अदालत ने ये फैसला सुनाया। उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रधान आयकर आयुक्त, नई दिल्ली ने आईटी अधिनियम के तहत सावित्री के खिलाफ मुकदमा चलाने को कहा।
सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।
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अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
यह मामला आयकर कार्यालय (आईटीओ) की एक शिकायत से सामने आया, जिसमें कहा गया था कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान सावित्री को दो लाख रुपये का टीडीएस कटा था। हालांकि, वह असेसमेंट ईयर 2014-15 के लिए रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
बचाव पक्ष ने सावित्री की व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि वह एक विधवा है, उसके परिवार में कोई और नहीं है।
इनकम टैक्स ऑफिस द्वारा सावित्री को जारी किए गए कई नोटिसों और जुर्माने के आदेश को अनसुना किए जाने के बाद अदालत ने ये फैसला सुनाया। उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रधान आयकर आयुक्त, नई दिल्ली ने आईटी अधिनियम के तहत सावित्री के खिलाफ मुकदमा चलाने को कहा।
सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।
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सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।
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अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
यह मामला आयकर कार्यालय (आईटीओ) की एक शिकायत से सामने आया, जिसमें कहा गया था कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान सावित्री को दो लाख रुपये का टीडीएस कटा था। हालांकि, वह असेसमेंट ईयर 2014-15 के लिए रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
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सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।
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अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
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सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
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नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली की एक अदालत ने वित्तीय वर्ष 2013-14 के लिए दो करोड़ रुपये की आय पर आईटीआर फाइल नहीं करने पर एक महिला को छह महीने जेल की सजा सुनाई है। महिला की पहचान सावित्री के रूप में हुई है।
अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) मयंक मित्तल ने सावित्री पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही डिफ़ॉल्ट करने पर एक महीने के अलग से कारावास की सजा भी दी।
यह मामला आयकर कार्यालय (आईटीओ) की एक शिकायत से सामने आया, जिसमें कहा गया था कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान सावित्री को दो लाख रुपये का टीडीएस कटा था। हालांकि, वह असेसमेंट ईयर 2014-15 के लिए रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
बचाव पक्ष ने सावित्री की व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि वह एक विधवा है, उसके परिवार में कोई और नहीं है।
इनकम टैक्स ऑफिस द्वारा सावित्री को जारी किए गए कई नोटिसों और जुर्माने के आदेश को अनसुना किए जाने के बाद अदालत ने ये फैसला सुनाया। उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए प्रधान आयकर आयुक्त, नई दिल्ली ने आईटी अधिनियम के तहत सावित्री के खिलाफ मुकदमा चलाने को कहा।
सावित्री को दोषी ठहराते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने नोटिस जारी करने और तामील कराने को सफलतापूर्वक साबित किया है और वो जरूरी टैक्स रिटर्न फाइल करने में विफल रही।
इसके अलावा, वह आईटी अधिनियम की धारा 278ई के तहत अपनी मानसिक स्थिति के लिए कोई सबूत पेश नहीं कर सकी, जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।